मंच का फैसला- नगर परिषद बदलकर दे भूखंड या लौटाये कीमत

   मंच का फैसला- नगर परिषद बदलकर दे भूखंड या लौटाये कीमत

Fri 08 Nov 19  1:08 pm


 भीलवाड़ा हलचल। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष मंच के अध्यक्ष रमेशचंद मीना व सदस्या विनती तापडिय़ा ने नगर परिषद को वादग्रस्त भूखंड के स्थान पर सांगानेर कॉलोनी में ही दूसरा भूखंड आवंटित करने के आदेश दिये हैं। साथ ही यह भी आदेश दिया कि अगर भूखंड आवंटित नहीं किया जाता है तो भूखंड की कीमत 10 लाख 51 हजार रुपए अदा करें। मंच ने नगर परिषद को अवैध रूप से वसूली गई लीज राशि 12 हजार 735 रुपए, शास्ति राशि 9334 रुपए के साथ ही मानसिक संताप के दो लाख रुपए परिवादी को अदा करें। 
मंच सूत्रों के अनुसार, फूलियाकलां निवासी बंशीलाल आगाल ने जरिये पॉवर ऑफ अटॉर्नी होल्डर राजकुमार टेलर ने नगर परिषद के खिलाफ जरिये आयुक्त परिवाद मंच के समक्ष पेश किया था।  इसमें बताया गया है कि परिवादी ने नगर परिषद से नीलामी प्लॉट सांगानेर कॉलोनी में खरीदा था। इस भूखंड पर अतिक्रमण है, इसकी जानकारी परिवादी को नहीं दी गई। नगर परिषद ने परिवादी के पक्ष में पंजीयन करवा कब्जा पत्र प्रेषित कर दिया। नगर परिषद ने एक फर्जी नोटशीट चलाकर वादग्रस्त भूखंड रिक्त होने का फर्जी अभिलेख तैयार किया। मौके पर 35 बाइ 60 फुट आकार का कोई भूखंड भी स्थित नहीं है और शेष भूखंडों पर अन्य लोगों के मकान बने हैं। वादग्रस्त भूखंड निर्धारित मापदंडों का न होकर  उस पर अन्य लोगों ने कब्जे कर रखे हैं। इसके बावजूद विपक्षी ने परिवादी से लीज राशि के 12 हजार 735 रुपये वसूल कर लिये। भूखंड का कोई विकास किये बिना ही परिवादी से डवलपमेंट चार्ज व निर्माण न करवाये जाने की शास्ति राशि 9 हजार 334 रुपये अवैध रूप से वसूल कर अनुचित व्यवहार किया। परिवादी ने इसे लेकर कलेक्टर से जनसुनवाई में शिकायत भी की। इसके बावजूद भूखंड से अतिक्रमण हटवा कर कब्जा सुपुर्द नहीं किया गया। ऐसे में इसी कॉलोनी में उसी आकार का भूखंड दिलाने की परिवादी ने मंच से गुहार की। 
मंच ने सुनवाई करते हुये नगर परिषद के खिलाफ परिवाद स्वीकार कर आदेश दिया कि नगर परिषद वादग्रस्त भूखंड के स्थान पर सांगानेर कॉलोनी में ही उसी आकार का निर्विवादित भूखंड परिवादी को आवंटित करवा कर उसका कब्जा तीन माह में सुपुर्द करें। मंच ने आदेश में कहा कि नगर परिषद अगर भूखंड आवंटित कर कब्जा सुपुर्द नहीं करवाती है तो परिवादी द्वारा अदा की गई भूखंड की राशि 10 लाख 51 हजार रुपए परिवादी को अदा करे। इसके अलावा परिवादी से लीज राशि की मद से अवैध रूप से वसूले गये 12 हजार 735 रुपए तथा निर्माण न कराये जाने की शास्ति राशि 9 हजार 334 रुपए भी परिवादी को नगर परिषद अदा करें। मंच ने क्षतिपूर्ति मद से दो लाख रुपए तथा परिवाद व्यय के दस हजार रुपए अदा करने के नगर परिषद को आदेश दिया है। 

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