कोरोना वायरस अलर्ट- कहीं आई जागृति तो कहीं अब भी है लापरवाही

  2020-03-26 03:54 pm

 भीलवाड़ा हलचल।  जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और यह बीमारी अब जानलेवा साबित होती जा रही है। लेकिन लोग अब भी बेपरवाह बने हैं। शहर के साथ-साथ कुछ ग्रामीण इलाकों में जागरुकता आई है और लोग अब बेजह सड़कों पर घूमने वालों को टोकने के साथ ही पुलिस को भी शिकायत कर रहे हैं, ताकि ऐसे लोगों को सबक सिखाया जाकर फैलते संक्रमण पर अंकुश लग सके। 
 भीलवाड़ा शहर का भीतरी भाग तो पूरी तरह चाक-चौबंद हो चुका है, लेकिन पुराने शहर के कुछ मोहल्लों में लोग अब भी बेपरवाह है। ये ही हालात सांगानेर, पुर, धांधोलाई, गांधीनगर, पांसल रोड़, पंचवटी जैसी कॉलोनियों में भी बने है। इन इलाकों में कुछेक लोग हैं, जो या तो कोरोना वायरस से अनभिज्ञ है या फिर इसे मजाक समझकर न तो अपनी और न ही अपने परिवार व मोहल्ले और शहरी बाशिंदों की जान की परवाह कर रहे हैं। जबकि यह कोरोना वायरस अब अपना रूद्र रुप दिखाना शुरू कर चुका है। गुरुवार को शहर में पहली मौत एक बुुजुर्ग की हुई, जो इस वायरस से संक्रमित थे। चिकित्सकों का कहना है कि लोगों को इसे गंभीरता से लेते हुये अपनी, परिवार और आम लोगों के जीवन की चिंता करनी चाहिये, ऐसा नहीं करने वाले लोगों को गंभीर परिणाम भूगतने पड़ सकते हैं। 
शक्करगढ़ से सांवरिया सालवी के अनुसार, बांकरा पंचायत की सरपंच निशादेवी मीणा ने मेडिकल स्टोर पर मास्क उपलब्ध नहीं होने से जुगाड़ करते हुये दर्जी से कपड़े के 200 मास्क तैयार करवाकर ग्रामीणों को बांटे हैं। अब 300 माक्स और बनवाये जा रहे हैं।
भादू से भैंरूलाल गर्ग के अनुसार, वहां जरुरत मंदों को दानदाता रामनारायण मूंदड़ा, त्रिदेव, राकेश, जीतेंद्र मूंदड़ा आगे आये हैं और गांव के असहाय और जरुरतमंदों को भोजन सामग्री वितरण करेंगे। 
संागानेर में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए पुलिस ने घर-घर जाकर मास्क बांटें और लोगों को घरों में रहकर नियमों की पालना करने को कहा। लेकिन इसके विपरित लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं। पुलिस को आता देखकर लोग घरों में चले जाते हैं और पुलिस के जाने के साथ ही सड़कों पर निकल आते हैं। 
भगवानपुरा संवाददाता के अनुसार, भगवानपुरा में लॉक डाउन के चलते लोग घरों में कैद है, जबकि आस-पास के गांवों में  लोग गली-मोहल्ले और चौराहों पर बैठे रहते हैं। लोग पुलिस के समझाने के बाद भी नहीं मान रहे हैं। दोपहिया वाहन सड़कों पर बेरोकटोक दौड़ रहे हैं। 
जहाजपुर संवाददाता के अनुसार, कस्बे में सरकारी कार्यालयों के बाहर लोगों की भीड़ जमा रहती है। सरकार जहां भीड़ एकत्रित नहीं करने का आग्रह कर रही है, वहीं गांवों में स्थिति इसके विपरित है। 
रायपुर से किशन खटीक के अनुसार, वहां लॉक डाउन के चलते जागरुकता नजर आने लगी है और चौराहे-तिराहे सूने पड़ गये हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुये कुछ वाहन चालकों के चालान भी बनाये हैं। 
ढिकोला में युवा टीम के राकेश पाराशर और मनीष के नेतृत्व में पूरे गांव को सेनिटाइज किया गया। 

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