भीलवाड़ा के हालात पर पीएमओ, सीएमओ की नजर

 भीलवाड़ा के हालात पर पीएमओ, सीएमओ की नजर

  2020-03-26 08:49 pm

 भीलवाड़ा/ जयपुर हलचल। कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते भीलवाड़ा में बढ़ रहे मरिजों की संख्या और पहली मौत के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय की निगाह लगी है और इसे गंभीरता से भी लिया है। 
सूत्रों के अनुसार, बृजेश बांगड़ हॉस्पिटल से फैले कोरोना संक्रमण का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अस्पताल का पूरा स्टॉफ केरोंटाइन में शिफ्ट किया जा चुका है और जो शेष हैं, उन्हें भी विभिन्न होटलों में शिफ्ट किया जा रहा है। इसके अलावा इस हॉस्पिटल में इलाज कराने वालों को ढूंढने का काम भी तेजी से चल रहा है। इस काम में चिकित्सा महकमा, प्रशासन और पुलिस जुटी है। आज  हुई पहली मौत के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ ही मुख्यमंत्री भी गंभीर हो गये हैं और स्थिति पर पूरी निगाह रखे हैं। पल-पल का अपडेट लिया जा रहा है। 
भीलवाड़ा में मरिजों के बढऩे की आशंका को लेकर होटलों, धर्मशाला, फैक्ट्री, स्कूलों, समारोह स्थलों को चिन्हित कर कोरेंटाइन का दर्जा दिया जा रहा है। कुछ जगह मरिज भी शिफ्ट कर दिये गये। इनकी संख्या सैकड़ों में बताई गई है। बांगड़ हॉस्पिटल में भर्ती रहे मरिज और उनके परिजनों के संपर्क में आये लोगों का भी सर्वे कर यह पता लगाया जा रहा है कि वे उनके संपर्क में तो नहीं आये हैं। इनके संपर्क में आने की बात सामने आने पर ऐसे लोगों का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने पहले ही दुरदर्शिता दिखाते हुये यहां कफ्र्यू लगा दिया। लेकिन इसका भी असर कुछ इलाकों में अब तक नजर नहीं आ रहा है, जिससे इस संक्रमण के बढऩे से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस तरह की जानकारी भी सीएमओ तक पहुंची है। इस पर आज कल में कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार नहीं दो बार लोगों से मुखातिब होकर आग्रह कर चुके हैं कि वे घरों में रहे, लेकिन भीलवाड़ा के लोग हैं कि मानते ही नहीं। जबकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी कई बार यह बात दोहरा चुके हैं। जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट और पुलिस अधीक्षक हरेंद्र महावर ने भी यह अपील की है।  
सरकार और प्रशासन के प्रयास यह है कि लोगों की जिंदगियां बचे और इसके लिए उन्होंने हर संभव तैयारी कर ली है, लेकिन बेपरवाह लोग भीलवाड़ा को वायरस रुपी बारुद के ढेर में ले जाने में लगे हैं और अगर यह चिंगारी भटकी तो शहर को बचाना मुश्किल होगा। कई जिंदगियां तबाह हो जायेगी और हालात इटली जैसे भयावह हो सकते हैं। अब भी अगर लोग नहीं संभले तो...!

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