हाल -ए- जिला अस्पताल, ओपीडी नंबर बढ़ा रहे हैं मरिजों की परेशानी  

 हाल -ए- जिला अस्पताल, ओपीडी नंबर बढ़ा रहे हैं मरिजों की परेशानी  

  2020-01-14 06:47 pm


भीलवाड़ा हलचल। जिले के सबसे बड़े अ श्रेणी महात्मा गांधी चिकित्सालय में उपचार के लिए आने वाले मरिजों की परेशानी ओपीडी नंबर ने बढ़ा दी।  यह व्यवस्था पूर्व में बंद कर दी थी, जिसे हाल ही में दुबारा चालू कर दिया गया। इससे मरिजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। 
एक नहीं, दो नहीं, तीन और चार बार लाइन में लगना पड़ता है
उपचार के लिए जिला अस्पताल आने वाले बीमार और गंभीर मरिजों को पहले पर्ची कटाने के लिए लाइन में लगना होता है। लंबी लाइन में नंबर आने के बाद वह पर्ची लेकर डॉक्टर के पास जाते हैं, जहां उन्हें दुबारा लंबी लाइन में लगना पड़ता है। इसके बाद मरिज या उसके परिजन दवा लेने के लिए तीसरी बार फिर लंबी लाइन में लगते हैं, जहां  वे, जब दवा खिड़की तक पहुंचते है। वहां उन्हें पर्ची पर ओपीडी नंबर लगाने के लिए कहा जाता है। ऐसे में उनकी परेशानी बढ़ जाती है। वे,दुबारा ओपीडी नंबर लगाने जाते हैं और नंबर लगने के बाद उन्हें पुन: दवा लेने के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ता है। इससे उनकी परेशानी बढ़ जाती है। 
पहले बंद कर दी गई थी, दुबारा चालू की
जानकारों का कहना है कि रोगी पर्ची पर ओपीडी नंबर डलवाने की व्यवस्था जिला अस्पताल प्रशासन ने मरिजों की परेशानी को देखते हुये बंद कर दी थी। एक जनवरी से अस्पताल प्रशासन ने यह व्यवस्था दुबारा लागू कर दी, जो अब मरिजों और उनके परिजनों के लिए परेशानी का सबब बनी है। ऐसे में परेशान लोगों का कहना है कि या तो ओपीडी नंबर रोगी पर्ची लेते समय डाल दिये जाये अथवा इस व्यवस्था को दुबारा बंद कर दिया जाये। 

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