अब जापानी बुखार से नहीं जाएगी बच्चों की जान

Wed 12 Jun 19  12:44 pm


गुरुग्राम पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल एवं असम में इन्सेफेलाइटिस (जापानी बुखार) नामक बीमारी से होने वाली मौतों से अब बच्चों को बचाया जा सकेगा। दरअसल, इस बीमारी की दवा का शोध पूरा हो चुका है। इन्सेफेलाइटिस को लेकर गुरुग्राम के मानेसर स्थित नेशनल ब्रेन रिसर्च सेंटर (एनबीआरसी) में कई सालों से शोध चल रहा था, जिसमें मिनोसाइक्लीन नामक दवा तैयारी की गई है। अब यह क्लीनिकल ट्रायल के दौर में प्रवेश कर गई है। अब तक जितने भी ट्रायल हुए हैं, उनके परिणाम काफी उत्साहित व प्रोत्साहित करने वाले हैं।

शोध का काम हुआ पूरा, क्‍लीनिकल ट्रायल 
शोधकर्ता वैज्ञानिक डॉ. अनिर्बान बासु का कहना है कि शोध पूरा हो चुका है। क्लीनिकल ट्रायल के कई चरण होते हैं और अभी कुछ चरण बचे हुए हैं। डॉ. बासु ने कहा कि ट्रायल में जिस तरह की रिपोर्ट आ रही है, उससे कहा जा सकता है कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पूरी स्थिति कुछ बड़े क्लीनिकल ट्रायल के बाद साफ होगी। इस संबंध में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भी सूचना भेजी गई है।

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