जयपुर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अयोध्या के फैसला का सभी सम्मान करना चाहिए । मुझे उम्मीद है कि देश और प्रदेश के अंदर सदभाव बना रहेगा। अगर कोई असामाजिक तत्व उपद्रव करेगा, तो सख्त कार्रवाई की जायेगी।

यहां पत्रकारों से बातचीत में सीएम गहलोत ने कहा कि मेरा मानना है कि सभी की यही प्रतिक्रिया रहेगी कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिये। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के पास सिर्फ चुनाव जीतने के मुद्दे होते है, जनता से कोई सरोकार नहीं होता है। उन्होंने कहा कि भाजपा को अर्थव्यवस्था को समझ ही नहीं है। सिर्फ राष्ट्रवाद, धर्म के नाम पर राजनीति, धारा 370 पर राजनीति करना चाहती है।
वहीं मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राममंदिर के नाम पर भाजपा ने जो किया पिछले 25-30 साल के अंदर सबके सामने हैं। उसका नुकसान सबको भुगतना पड़ता है। जहां हिंसा होती है वहां पर क्या होता है। इतनी हिंसा हुई कितने निर्दोष लोग मारे गए। सबको मालूम है। उस समय भी मान लो ये judiciary पर डिपेंड रहते आज यह नौबत नहीं आती। बजाए इसके कि दंगे भड़काए गए दंगे कराए गए। राम मंदिर के अंदर बाबरी मस्जिद वहां तोड़ी गई। जिस रूप में और दंगे भड़के वहां पर। उस सब से बचा जा सकता था।

गहलोत ने कहा कि अगर बीजेपी, आरएसएस, विश्व हिन्दू परिषद थोड़ी समझदारी से काम लेती कि हम ज्यूडिशरी पर विश्वास करते हैं। उस समय पर यदि न्यायालय पर छोड़ देते तो साल, दो साल, तीन साल पांच साल तो निपट जाता मामला। कितना खून खराबा हुआ अब जाकर 25 साल के बाद में तो आप सोच सकते हो 25 नहीं 28 साल के बाद में तो यह स्थिति है। तो इस हालत से बच सकती थी सरकार।

वहीं गहलोत ने आरोप लगाया है कि गांधी परिवार से एसपीजी सुरक्षा हटाने सोची समझी साजिश के तहत केंद्र सरकार की हरकत है। यहां सरकारी आवास पर एक प्रेस वार्ता में गहलोत ने कहा कि ऐसी क्या अचानक जरूरत पड़ गई कि एसपीजी की सुरक्षा हटानी पड़ी। उन्होंने कहा कि इस बारे में पीएम मोदी को खुद जवाब देना चाहिए।

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अयोध्या फैसले का सभी को करना चाहिये सम्मान - अशोक गहलोत

अयोध्या फैसले का सभी को करना चाहिये सम्मान - अशोक गहलोत

Sat 09 Nov 19  3:33 pm


जयपुर । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि अयोध्या के फैसला का सभी सम्मान करना चाहिए । मुझे उम्मीद है कि देश और प्रदेश के अंदर सदभाव बना रहेगा। अगर कोई असामाजिक तत्व उपद्रव करेगा, तो सख्त कार्रवाई की जायेगी।

यहां पत्रकारों से बातचीत में सीएम गहलोत ने कहा कि मेरा मानना है कि सभी की यही प्रतिक्रिया रहेगी कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिये। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के पास सिर्फ चुनाव जीतने के मुद्दे होते है, जनता से कोई सरोकार नहीं होता है। उन्होंने कहा कि भाजपा को अर्थव्यवस्था को समझ ही नहीं है। सिर्फ राष्ट्रवाद, धर्म के नाम पर राजनीति, धारा 370 पर राजनीति करना चाहती है।
वहीं मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राममंदिर के नाम पर भाजपा ने जो किया पिछले 25-30 साल के अंदर सबके सामने हैं। उसका नुकसान सबको भुगतना पड़ता है। जहां हिंसा होती है वहां पर क्या होता है। इतनी हिंसा हुई कितने निर्दोष लोग मारे गए। सबको मालूम है। उस समय भी मान लो ये judiciary पर डिपेंड रहते आज यह नौबत नहीं आती। बजाए इसके कि दंगे भड़काए गए दंगे कराए गए। राम मंदिर के अंदर बाबरी मस्जिद वहां तोड़ी गई। जिस रूप में और दंगे भड़के वहां पर। उस सब से बचा जा सकता था।

गहलोत ने कहा कि अगर बीजेपी, आरएसएस, विश्व हिन्दू परिषद थोड़ी समझदारी से काम लेती कि हम ज्यूडिशरी पर विश्वास करते हैं। उस समय पर यदि न्यायालय पर छोड़ देते तो साल, दो साल, तीन साल पांच साल तो निपट जाता मामला। कितना खून खराबा हुआ अब जाकर 25 साल के बाद में तो आप सोच सकते हो 25 नहीं 28 साल के बाद में तो यह स्थिति है। तो इस हालत से बच सकती थी सरकार।

वहीं गहलोत ने आरोप लगाया है कि गांधी परिवार से एसपीजी सुरक्षा हटाने सोची समझी साजिश के तहत केंद्र सरकार की हरकत है। यहां सरकारी आवास पर एक प्रेस वार्ता में गहलोत ने कहा कि ऐसी क्या अचानक जरूरत पड़ गई कि एसपीजी की सुरक्षा हटानी पड़ी। उन्होंने कहा कि इस बारे में पीएम मोदी को खुद जवाब देना चाहिए।

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