Video अस्पताल में खून की जांचें ठप, खींचातान में उलझे मरीज, सेम्पल खराब

Video अस्पताल में खून की जांचें ठप, खींचातान में उलझे मरीज, सेम्पल खराब

Thu 16 May 19  1:11 pm


भीलवाड़ा (राजकुमार माली)। महात्मा गांधी अस्पताल के ब्लड बैंक में लगभग जांचे पिछले पन्द्रह दिनों से नहीं हो रही है। वहीं निजी लेबोरेट्री कृष्णा में होने वाली जांचें भी अब बन्द हो गई है जबकि दो दर्जन से ज्यादा लोगों के खून के सेम्पल तो ले लिये गये लेकिन वे सेम्पल यहीं खराब हो गये। ऐसे में मरीजों की जांच लटक कर रह गई है और वे ईलाज के लिए तड़प रहे है। जबकि अब जांच के लिए पन्द्रह दिन से मरीजों को बाहरी लेबों पर हजारों रुपए खर्च करने पड़ रहे है। 

राज्य सरकार द्वारा महात्मा गांधी अस्पताल परिसर में यहां नहीं होने वाली ब्लड की विभिन्न महंगी जांचे कोटा के निजी लेबोरेट्री से नि:शुल्क कराने की व्यवस्था की हुई है लेकिन पिछले एक पखवाड़े से यह व्यवस्था लडख़ड़ा गई है। पहले स्वीकृति नहीं आने के कारण और अब स्वीकृति आ जाने के बावजूद अस्पताल की लेबोरेट्री प्रभारी और निजी लेब के कर्मचारियों की खींचातान में मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। पिछले एक सप्ताह से रोकटोक के चलते करीब दो दर्जन लोगों के शरीर से निकाला गया खून जांच के लिए कोटा नहीं भेजा जा सका और वह खून यहीं सेम्पल वॉयल में ही खराब हो गया है। 

कृष्णा लेबोरेट्री के कर्मचारी राहुल सिंह का कहना है कि इस वर्ष के लिए स्वीकृति छुट्टियां और अन्य कारणों के चलते 12 अप्रैल को पहुंची थी। इस दौरान कई मरीजों की जांचे नहीं हो पाई है वहीं जिन मरीजों के खून के सेम्पल ले लिये गये वे सेम्पल वॉयल में ही पड़े-पड़े खराब हो गये। उसने बताया कि महात्मा गांधी अस्पताल लेबोरेट्री के प्रभारी द्वारा जांच की स्वीकृति नहीं देने से ऐसा हुआ है। जबकि 7 मई से राज्य सरकार ने जांचों के लिए फिर स्वीकृति जारी कर दी थी। 

जिन 24 लोगों के सेम्पल गंभीर बीमारियों के चलते जांच के लिए लिये गये है। उनके सामने समस्या आ गई है। वे बार-बार कृष्णा सेन्टर पर आकर जानकारी कर रहे है। वहीं अस्पताल प्रशासन इस बारे में उदासीनता बरते हुए है। 

ये होती है जांचें :-

कृष्णा लेबेरेट्री में महंगी जांचों के साथ-साथ गंभीर रोगों की जांचें होती है। इनमें पीलिया, थायराइड, वीटामीन वी थ्री, बी ट्वेल्व, प्रिगेनेंसी टेस्ट, बायोस्पी, यूरियन कल्चर सहित 36 तरह की जांच शामिल है। 

महात्मा गांधी अस्पताल की लेब 15 दिन से ठप

अस्पताल लेबोरेट्री बायो कैमेस्ट्री मशीन एक मई से खराब पड़ी है। इससे पहले करीब 15 तरह की जांचें केमिकल नहीं आने के कारण नहीं हो पा रही थी। मशीन खराब होने से अस्पताल की लेबोरेट्री में शुगर को छोड़कर किसी तरह की जांच नहीं हो पा रही थी जिससे मरीजों को बाहर की ओर जाना पड़ रहा है और हजारों रुपए खर्च करने पड़ रहे है। जबकि अस्पताल में जांचें नि:शुल्क होती है। 

सूत्रों की माने तो अस्पताल के कुछ लोगों की मिलीभगत के चलते यह जांचें ठप पड़ी है और समय पर न केमिकल मंगवाया जाता है और न ही मशीन सुधरवाई जाती है और अस्पताल लेबोरेट्री में दो मशीने है जिनमें से एक मशीन चार महीने से खराब पड़ी है जबकि दूसरी भी जवाब दे गई है। एक और मशीन नई आई जो अत्याधुनिक तो है लेकिन वह मेडिकल कॉलेज में रखी हुई है। वह अभी शुरू भी नहीं हो पाई है।

इनका कहना है :-

महात्मा गांधी अस्पताल लेबोरेट्री में जांच क्यों नहीं हो रही है, इसे मैं दिखवाता हूं। इसके पीछे क्या कारण है, पीएमओ से बात करूंगा। कृष्णा लेबोरेट्री के मामले में अब कोई दिक्कत नहीं है, शीघ्र जांचें शुरू हो जाएगी।

- डॉ.राजन नंदा, प्रिंसीपल मेडिकल कॉलेज

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