रिसर्चर्स का दावा है कि अपने खास डिजाइन की वजह से इस विमान का संतुलन अन्य विमान के मुकाबले काफी अच्छा होगा। ये विमान आकार में लगभग एयरबस ए350 और बोइंग 787 के बराबर होगा। सामान्य विमान के मुकाबले इसमें ईंधन की खपत 20 फीसद कम होगी। कम ईंधन खपत का सीधा मतलब है, प्रदूषण में कमी। लिहाजा माना जा रहा है कि ये विमान आने वाले समय में मौजूदा प्लेन के इतिहास को बदलकर रख देगा। यह विमान काफी हल्का है और इसके एयरोडायनामिक डिजाइन की वजह से यह लंबी दूरी तय करने के लिए काफी उपयोगी है।

डच एयरलाइन KLM ने किया समझौता
इस नए डिजाइन के विमान के व्यावसायिक उत्पादन के लिए डच एयरलाइन कंपनी KLM ने डेल्फ्ट टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी संग समझौता किया है। इससे पहले ये विमान सुरक्षा के सभी मापदंडों पर खरा उतर चुका है। विमान को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए इसे कई चरण के टेस्टिंग प्रोसेस से गुजारा गया है। इसमें विमान को हवा के जबरदस्त दबाव के बीच हाई स्पीड एयर टनल से गुजारा जाना भी शामिल है।

 

 

2015 में बर्लिन के छात्र ने पेश किया था डिजाइन
फ्लाइंग V एयरक्राफ्ट का डिजाइन सबसे पहले 2015 में सामने आया था। उस वक्त टीयू बर्लिन के छात्र जसटस बेनाड ने अपनी थिसिस प्रोजेक्ट के वक्त इस फ्यूचरिस्टिक एयरक्राफ्ट को डिजाइन किया था।

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आकाश में दिखेंगे V आकार के अत्याधुनिक विमान, 2015 में एक छात्र ने पेश किया था कॉसेप्ट

Thu 06 Jun 19  12:48 pm


एम्सटर्डम, । विमानन क्षेत्र में रोज हो रहे नए प्रयोग यात्रियों की हवाई यात्रा का अनुभव बदलने को तैयार हैं। हवाई यात्रा अब लंबी और उबाऊ नहीं, बल्कि आरामदायक और मनोरंजक होती जा रही है। ऐसे में अब नीदरलैंड्स की डेल्फ्ट टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ने अत्याधुनिक विमान का एक नया कांसेप्ट तैयार किया है। इसे नाम दिया गया है 'फ्लाइंग-V'। इसका आकार अंग्रेजी के अक्षर V आकार होगा और देखने में ये कुछ-कुछ गिबसन गिटार जैसा दिखता है।

रिसर्चर्स का दावा है कि इस अत्याधुनिक विमान में अन्य विमान के मुकाबले यात्री क्षमता ज्यादा होगी। इस विमान में करीब 314 यात्री सफर कर सकते हैं। ज्यादा जगह होने की वजह से यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव कराया जा सकता है। अभी जो सामान्य प्लेन एयरलाइन कंपनियों द्वारा प्रयोग किये जा रहे हैं, उनकी क्षमता तकरीबन 300 यात्रियों की है। V आकार के इस नए प्लेन में पंखों पर ही यात्रियों के बैठने, कार्गों की जगह और फ्यूल टैंक आदि बने होंगे।

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रिसर्चर्स का दावा है कि अपने खास डिजाइन की वजह से इस विमान का संतुलन अन्य विमान के मुकाबले काफी अच्छा होगा। ये विमान आकार में लगभग एयरबस ए350 और बोइंग 787 के बराबर होगा। सामान्य विमान के मुकाबले इसमें ईंधन की खपत 20 फीसद कम होगी। कम ईंधन खपत का सीधा मतलब है, प्रदूषण में कमी। लिहाजा माना जा रहा है कि ये विमान आने वाले समय में मौजूदा प्लेन के इतिहास को बदलकर रख देगा। यह विमान काफी हल्का है और इसके एयरोडायनामिक डिजाइन की वजह से यह लंबी दूरी तय करने के लिए काफी उपयोगी है।

डच एयरलाइन KLM ने किया समझौता
इस नए डिजाइन के विमान के व्यावसायिक उत्पादन के लिए डच एयरलाइन कंपनी KLM ने डेल्फ्ट टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी संग समझौता किया है। इससे पहले ये विमान सुरक्षा के सभी मापदंडों पर खरा उतर चुका है। विमान को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए इसे कई चरण के टेस्टिंग प्रोसेस से गुजारा गया है। इसमें विमान को हवा के जबरदस्त दबाव के बीच हाई स्पीड एयर टनल से गुजारा जाना भी शामिल है।

 

 

2015 में बर्लिन के छात्र ने पेश किया था डिजाइन
फ्लाइंग V एयरक्राफ्ट का डिजाइन सबसे पहले 2015 में सामने आया था। उस वक्त टीयू बर्लिन के छात्र जसटस बेनाड ने अपनी थिसिस प्रोजेक्ट के वक्त इस फ्यूचरिस्टिक एयरक्राफ्ट को डिजाइन किया था।

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