आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण पर केंद्र से जवाब तलब

आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण पर केंद्र से जवाब तलब

Fri 08 Feb 19  3:14 pm


नयी दिल्ली : सवर्ण जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने के केंद्र सरकार के निर्णय को चुनौती देने वाली एक नयी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से शुक्रवार को जवाब मांगा. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने यह स्पष्ट किया कि सवर्ण जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को नौकरियों और दाखिले में आरक्षण देने के केंद्र के फैसले पर कोई रोक नहीं लगायी जायेगी.

सुप्रीम कोर्ट इससे पहले इसी प्रकार की याचिकाओं पर केंद्र को नोटिस जारी कर चुका है. उसने तहसीन पूनावाला की ओर से दाखिल नयी याचिका को लंबित याचिकाओं में जोड़ने का शुक्रवार को आदेश दिया. केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाएं ‘जनहित अभियान’ और एनजीओ ‘यूथ फॉर इक्वेलिटी’ सहित अनेक पक्षकारों ने दाखिल की हैं. यूथ फॉर इक्वेलिटी ने अपनी याचिका में विधेयक को रद्द करने की मांग की है.

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