उद्योगों को नहीं मिली राहत तो लग जाएंगे ताले अग्रवाल

  2020-02-09 11:17 pm

भीलवाड़ा। भीलवाड़ा का उद्योग पहले कई संकटों से गुजर रहा है और अब बिजली की मार से। पता ले लग जाएंगे अगर उन्हें ₹2 यूनिट राहत नहीं दी गई तो।

रविवार को भीलवाड़ा टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन, लद्यु उद्योग भारती तथा सिन्थेटिक्स विविंग मिल्स एसोसिएशन की और से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में फेडरेशन अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा किbr /विद्युत नियामक आयोग से हरी झंडी मिलने के साथ ही अजमेर डिस्कॉम ने बिजली दरें बढ़ा दी हैं। इसका सबसे बड़ा असर घरेलु उपभोक्ताओं के साथ एमएसएमई उद्योगों पर पड़ा है। उद्यमियों ने नियामक आयोग से दो रुपए प्रति यूनिट की राहत मांग की थी। राहत तो नहीं मिली लेकिन टेक्सटाइल उद्योगों को दो भागो बांट दिया है।  बड़े उद्योगों को प्रति यूनिट एक रुपए की राहत दी है। छोटे उद्योगों पर ८५ रुपए प्रति केवीए का स्थाई शुल्क लगाकर प्रतिमाह एक उद्योग पर सवा लाख का अतिरिक्त भार डाल दिया है। औद्योगिक सगंठनों की मांग है कि सरकार २ रुपए प्रति यूनिट की सब्सिडी नहीं देती है तो उद्योगों पर ताले लग जाएंगे। स
उद्योगों की और से मुख्यमत्री, उद्योगमंत्री, विद्युत निगम के एमडी सहित अन्य अधिकारियों से बिजली की दरों में राहत की मांग थी। सरकार ने आश्वासन भी दिया था। लेकिन 6 फरवरी को नियामक के जारी आदेश में एक मेगावाट से ऊपर के उद्योगों को एक रुपए प्रति यूनिट की छूट दी गई। जबकि अन्य उद्योगों पर फिक्स चार्ज 18५ रुपए प्रति केवीए से बढाकर 270 रुपए कर दिया गया है। इससे एक उद्योग पर प्रति माह सवा लाख के आधार पर ३०० उद्योगों पर ३.७५ करोड़ रुपए प्रतिमाह का भार पड़ेगा। पहले से ही अन्य राज्यों से बिजली महंगी मिलने से प्रतिस्पद्र्धा कर रहे थे अब तो घर में लगे उद्योगों से भी प्रतिस्पद्र्धा करनी होगी। ऐसे में उद्योगों के ताले लग जाएंगे। इसका असर उद्योगों में कार्यरत ४० हजार श्रमिक व एक लाख परिवार पर पड़ेगा।

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