एमएसएमई में मध्यम उद्योग की परिभाषा का और विस्तार करने का अनुरोध

एमएसएमई में मध्यम उद्योग की परिभाषा का और विस्तार करने का अनुरोध

  2020-05-23 12:51 pm

भीलवाड़ा (हलचल)। मेवाड़ चैंबर ऑफ  कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने केन्द्रीय एमएसएमई उद्योग मंत्री नितिन गडकरी को प्रतिवेदन भेजकर हाल ही में घोषित एमएसएमई की परिभाषा में मध्यम उद्योग की परिभाषा का और विस्तार करने का अनुरोध किया।
चैंबर के मानद महासचिव आरके जैन ने बताया कि हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की परिभाषा को केवल निवेश पर आधारित न करते हुए टर्नओवर पर भी आधारित किया है, जो स्वागत योग्य है लेकिन नई परिभाषा में भी मध्यम उद्योगों की परिभाषा का दायरा काफी कम रखा गया है।
जैन ने बताया कि नई परिभाषा में मध्यम उद्योग के लिए 20 करोड़ से कम निवेश एवं 100 करोड तक के टर्नओवर को सम्मिलित किया गया है। वर्तमान में मुद्रा स्फीति से मशीनरी की लागत बढऩे से निवेश की लागत बहुत बढ़ गई है। इसलिए 50 करोड़ तक के निवेश एवं 250 करोड़ तक के टर्नओवर वाले उद्योगों को मध्यम श्रेणी में रखने की मांग की है, ताकि ऐसे उद्योगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं में उपयोग हो सके।
साथ ही उन्होंने टर्नओवर की परिभाषा को भी परिवर्तित करने की मांग की। टर्नओवर में निर्यात एवं एक्जमटेड टर्नओवर को सम्मिलित नहीं किया जाना चाहिए। प्लांट एवं मशीनरी में निवेश की मूल राशि के बजाय डब्ल्यूडीवी लिया जाना चाहिए।
देश में मैन्युफेक्चरिंग सेक्टर में लघु एवं मध्यम उद्योग ही सबसे ज्यादा रोजगार प्रदाता है। इनकी परिभाषा को विस्तार करने से देश में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

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