किडनी डैमेज के नहीं होते कोई शुरुआती लक्षण- डॉ रणवीर सिंह

किडनी डैमेज के नहीं होते कोई शुरुआती लक्षण- डॉ रणवीर सिंह

Tue 12 Mar 19  7:52 pm

  अजमेर हलचल।  शरीर में किडनी डैमेज होने के कोई शुरुआती लक्षण नहीं होते हैं। खून में यूरिया व क्रिएटिनिन तथा पेशाब में प्रोटीन की नियमित जांच से ही इसका पता चलता है। वर्तमान में लोग खानद्ब्रपान से जुडे विभिन्न कारणों से किडनी की बीमारियों से ग्रसित हो रहे है, लेकिन डायबीटिज एवं हाई ब्लड प्रेशर किडनी की बीमारी के प्रमुख कारण हैं। शुरुआती अवस्था में किडनी की बीमारी का पता लगने से ही उसका उपचार कर मरीज को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।
किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ रणवीर सिंह चौधरी ने इस साल वर्ल्ड किडनी डे की थीम ज्किडनी हैल्थ फॉर एव्रीवन द्ब्र एव्रीवेयरज् रखी गई है। जिसका मतलब किडनी की सुरक्षा सभी के लिए और सभी जगह होना है। यह सच है कि वर्तमान में सिर्फ बडे शहरों में ही किडनी की बीमारियों के उपचार की व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। दूरद्ब्रदराज के गांवों में किडनी रोगियों को उपचार की कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं होती है। मौटे अनुमान के अनुसार १०लाख की जनसख्या में जहां ८००से ज्यादा ऐसे किडनी रोगी हैं जिन्हें जीवित रहने के लिए डायलिसिस या गुर्दा प्रत्यारोपण की जरूरत है। इनमें भी ९०प्रतिशत मरीज तो उचित चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के कारण इलाज नहीं ले पाते हैं। दुर्भाग्यवश ५० प्रतिशत किडनी मरीजों को तो बीमारी का पता ही तब चलता है जब कि उनकी किडनी ९० प्रतिशत से ज्यादा डैमेज हो जाती है। किडनी फैलर की अवस्था में डायलिसिस और किडनी प्रत्यारोपण ही इलाज होता है। लगभग १० प्रतिशत मरीज इलाज शुरू करते हैं और उनमें से भी ६०प्रतिशत मरीज एक साल के अंदर इलाज बंद कर देते हैं या मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं।
जागरुकता से करें किडनी रोग बचावद्ब्र  मरीज जो डायबीटिज, ब्लड प्रेशर, मोटापा, हृदय रोग, लिवर रोग, गठिया रोग से पीडित हैं उन्हें हर छह माह में खून में सिरम क्रिएटिनिन व पेशाब में प्रोटीन की जांच करानी चाहिए। दर्द की दवाइयां कम से कम लेवे, वजन नियंत्राण में रखें, प्रतिदिन व्यायाम करें, पेशाब में संक्रमण का सही उपचार लें, किडनी स्टोन का उपचार शुरुआती अवस्था में ही कराएं, डिहाइड्रेशन से बचें, खूब पानी पीएं।
खानद्ब्रपान में रखे परहेजः नमक कम लेवे, (२ से ३ ग्राम प्रतिदिन),मीठा, घी, तेल, कम लेवे, जिन लोगों को क्रोनिक किडनी डैमेज की बीमारी है उन्हें प्रोटीन की मात्रा यथा राजमा, उडद की दाल, नॉनवेज आदि कम ले, बैंगन, अनार, अमरूद, खट्टे फल, चुकंदर, पालक, सूखे मेवे कम लेवें तथा पानी की मात्रा डाक्टर की सलाह पर लेवें।