कुछ देर में शुरू होना है पहला सेमीफाइनल, मैनचेस्टर में छाये काले बादल, फैंस कर रहे हैं चीयर

Tue 09 Jul 19  2:03 pm


 

भारतीय समयानुसार दोपहर तीन बजे से मैच होना है. आज के मैच में विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर रहे  रोहित शर्मा पर सबकी नजर होगी और न्यूजीलैंड के लिए वे टारगेट होंगे जिन्हें वे जल्दी से जल्दी आउट करना चाहेंगे. इस टूर्नामेंट में ‘प्लान बी' के अभाव में भी विराट कोहली की टीम अपनी कमियों को ढांकने में कामयाब रही है, लेकिन अब आखिरी दो तिलिस्म पर कोई भी कोताही बरतना भारी पड़ सकता है. सेमीफाइनल में रोहित बनाम लॉकी फर्ग्युसन, केएल राहुल बनाम ट्रेंट बोल्ट और कोहली का मैट हेनरी से मुकाबला देखना रोचक होगा. 

 

दूसरी ओर ‘संकटमोचक' केन विलियमसन की स्पिनरों के खिलाफ तकनीक या रोस टेलर का जसप्रीत बुमराह को खेलने का तरीका भी देखना दिलचस्प रहेगा. यह भी देखना होगा कि महेंद्र सिंह धौनी मैच में मिचेल सैंटनर की बाएं हाथ की धीमी गेंदबाजी का कैसे सामना करते हैं, क्योंकि दोनों का सामना चेन्नई सुपर किंग्स में कई बार हो चुका है. न्यूजीलैंड की टीम आखिरी तीन लीग मैच हार गयी है, लेकिन शुरुआती मैचों के अच्छे प्रदर्शन से मिले अंकों के दम पर पाकिस्तान को पछाड़कर अंतिम चार में पहुंची है. 

 

भारत को मिडिल ऑर्डर के खराब प्रदर्शन और 5वें बॉलर की चिंता

 

दोनों देशों की टीमें

 

भारत : विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, केएल राहुल, रिषभ पंत, एमएस धौनी, हार्दिक पांड्या, दिनेश कार्तिक, युजवेंद्र चहल, कुलदीप यादव, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, मयंक अग्रवाल, रवींद्र जडेजा, केदार जाधव. 

 

न्यूजीलैंड : केन विलियमसन (कप्तान), मार्टिन गुप्टिल, कोलिन मुनरो, रोस टेलर, टाम लाथम, टाम ब्लंडेल, कोलिन डे ग्रांडहोमे , जिम्मी नीशाम, ट्रेंट बोल्ट, लोकी फर्ग्युसन, मैट हेनरी, मिशेल सेंटनेर, हेनरी निकोल्स, टिम साउदी, ईश सोढी.

 

सेमीफाइनल में कैसा रहा है रिकॉर्ड

 

भारतीय टीम सातवीं बार सेमीफाइनल खेलेगी. भारत और न्यूजीलैंड की टीमें वर्ल्ड कप के 44 सालों के इतिहास में पहली बार सेमीफाइनल में भिड़ेंगी. भारत ने अब तक अपने सात सेमीफाइनल में से तीन (1983, 2003, 2011) में जीत हासिल की है और तीन में (1987, 1996, 2015) हार झेलनी पड़ी है. 

 

टीम इंडिया तीन बार फाइनल में पहुंची है और उनमें से दो बार 1983 और 2011 में खिताब जीता, जबकि सिर्फ 2003 में फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से शिकस्त मिली.

 

न्यूजीलैंड की टीम अपना आठवां सेमीफाइनल खेलने उतरेगी और इसमें से उसे सिर्फ एक बार जीत मिली है. 2015 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड की टीम दक्षिण अफ्रीका को हराकर फाइनल में पहुंची थी, जहां उसे ऑस्ट्रेलिया से शिकस्त मिली थी.

 

वर्ल्ड कप में भिड़ंत का रिकॉर्ड

 

वर्ल्ड कप में इन दोनों टीमों के बीच खेले गये 8 मैचों में से भारत ने 3, जबकि न्यूजीलैंड ने 4 मैच जीते हैं, जबकि एक मैच का कोई परिणाम नहीं निकला है. इस वर्ल्ड कप में इन दोनों के बीच खेला गया मैच बारिश में धुल गया था. भारतीय टीम वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड से 1992 के बाद से कभी नहीं हारी है.

 

08 कुल मैच

03 भारत जीता

04 न्यूजीलैंड जीता

00 : टाई, 01 : कोई परिणाम नहीं 

 

भारत है भारी, लेकिन कुछ पक्ष कमजोर

 

मजबूत है टॉप ऑर्डर 

 

रोहित शर्मा की रिकॉर्ड तोड़ बल्लेबाजी इस टूर्नामेंट में भारत का सबसे दमदार पहलू रहा है. हिटमैन पांच सेंचुरी और एक हाफ सेंचुरी समेत लीग राउंड तक 647 रन के साथ टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर हैं. 

 

कप्तान विराट कोहली भले ही अब तक शतक से महरूम हैं, मगर लगातार अच्छी बल्लेबाजी कर रहे हैं. वह पांच अर्धशतकों के साथ 442 रन बना चुके हैं. शिखर धवन की जगह लेनेवाले केएल राहुल ने एक शतक और दो अर्धशतक समेत 360 रन जुटाकर ओपनिंग की चिंता दूर कर दी है. भारत के टॉप ऑर्डर के इन तीनों बल्लेबाजों का फॉर्म में होना टीम इंडिया के लिए बेहद शुभ संकेत हैं. 

 

जसप्रीत बुमराह हैं भारत के ट्रंप कार्ड : जसप्रीत बुमराह (8 मैच, 17 विकेट) हमेशा की तरह भारत के ट्रंप कार्ड साबित हो रहे हैं और डेथ ओवरों में उनकी सटीक गेंदबाजी विपक्षी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. 

 

मोहम्मद शमी (4 मैच, 14 विकेट, एवरेज-13.78 ) देर से आये, लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ हैट्रिक मारकर जोरदार एंट्री की और उसके बाद हर मैच में विकेट दर विकेट झटका है. भुवनेश्वर कुमार ने हालांकि पांच मैचों में सात विकेट ही लिये हैं, लेकिन बल्लेबाजों पर दबाव जरूर बनाया है. कीवियों के खिलाफ टीम मैनेजमेंट शमी या भुवी में से किसी एक को या फिर कंडीशन को देखते हुए दोनों को मौका दे सकता है. 

 

मिडिल ऑर्डर चिंता का विषय

 

मिडल ऑर्डर टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय है. रोहित, राहुल, विराट के नहीं चलने पर मध्यक्रम भरोसेमंद नहीं दिख रहा. कई अच्छी शुरुआत को टीम भुना नहीं पायी. 

 

मिडल ऑर्डर में धौनी, केदार जाधव, हार्दिक पांड्या, दिनेश कार्तिक, विजय शंकर से लेकर रिषभ पंत खेल चुके हैं, लेकिन उलझनें अब भी कायम हैं. खुद माही का स्लो स्ट्राइक रेट सवालों के घेरे में आ गया. इंग्लैंड के खिलाफ मैच में भी आखिरी ओवरों में टीम की यही कमजोरी दिखी.

 

पांचवें गेंदबाज की चुनौती : टीम को पांचवें गेंदबाज के दस ओवर के कोटे को लेकर दिक्कत पेश आयी है. पांचवें गेंदबाज के रूप में हालांकि हार्दिक पांड्या से लगभग सारे ओवर डलवाये गये हैं और वे अब तक नौ विकेट भी ले चुके हैं. 

 

लेकिन, कई मैचों में देखा गया कि बीच के ओवरों में विपक्षी बल्लेबाजों के ऊपर से प्रेशर हट गया.भारत के पास युजवेंद्र चहल के रूप में एक ऐसा स्पिनर है, जिसने अहम मौकों पर विकेट चटकाकर जमी-जमाई जोड़ी को तोड़ने का काम बखूबी किया है. वह सात मैचों में 34.45 की औसत से 11 विकेट ले चुके हैं.

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