सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिमों को मस्जिद बनाने के लिए वैकल्पिक जमीन दिए जाने का आदेश दिया. 

-केंद्र सरकार 3 महीने में मंदिर निर्माण का नियम बनाये: सुप्रीम कोर्ट

-निर्मोही अखाड़ा के प्रवक्ता प्रभात सिंह ने कहा सुप्रीम कोर्ट ने हमारे दावे को ख़ारिज किया है. इस पर हम क्या कह सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का सम्मान है. हमारी मांग है कि मंदिर बन. आम जनमानस की मांग है मंदिर बने. हम इसका सम्मान करते हैं.

-सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस बात के सबूत हैं कि अंग्रेजों के आने के पहले से राम चबूतरा और सीता रसोई की हिंदू पूजा करते थे. रिकार्ड के सबूत बताते हैं कि विवादित जमीन के बाहरी हिस्से में हिंदुओं का कब्जा था.

-यात्रियों के वृतांत और पुरातात्विक सबूत हिंदुओं के हक में हैं. 6 दिसंबर 1992 को स्टेटस को का ऑर्डर होने के बावजूद ढांचा गिराया गया. लेकिन सुन्नी बोर्ड एडवर्स पोसेसन की दलील साबित करने में नाकाम रहा है. लेकिन 16 दिसंबर 1949 तक नमाज हुई. सूट 4 और 5 में हमें सन्तुलन बनाना होगा हाई कोर्ट ने 3 हिस्से किये. यह तार्किक नहीं था: सुप्रीम कोर्ट 

-कोर्ट ने कहा है कि हिंदुओं के वहां पर अधिकार की ब्रिटिश सरकार ने मान्यता दी. 1877 में उनके लिए एक और रास्ता खोला गया. अंदरूनी हिस्से में मुस्लिमों की नमाज बंद हो जाने का कोई सबूत नहीं मिला है. अंग्रेज़ों ने दोनों हिस्से अलग रखने के लिए रेलिंग बनाई. 1856 से पहले हिन्दू भी अंदरूनी हिस्से में पूजा करते थे. रोकने पर बाहर चबूतरे की पूजा करने लगे. उन्होंने कहा है कि फिर भी मुख्य गुंबद के नीचे गर्भगृह मानते थे. इसलिए रेलिंग के पास आकर पूजा करते थे. साल 1934 के दंगों के बाद मुसलमानों का वहां कब्ज़ा नहीं रहा. वह जगह पर अपना दावा साबित नहीं कर पाए हैं.

-एएसआइ यह स्थापित नहीं कर पाया कि मस्जिद का निर्माण मंदिर को ध्वस्त कर किया गया था: सुप्रीम कोर्ट 

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केंद्र सरकार 3 महीने में मंदिर निर्माण का नियम बनाये: सुप्रीम कोर्ट

Sat 09 Nov 19  11:14 am


सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिमों को मस्जिद बनाने के लिए वैकल्पिक जमीन दिए जाने का आदेश दिया. 

-केंद्र सरकार 3 महीने में मंदिर निर्माण का नियम बनाये: सुप्रीम कोर्ट

-निर्मोही अखाड़ा के प्रवक्ता प्रभात सिंह ने कहा सुप्रीम कोर्ट ने हमारे दावे को ख़ारिज किया है. इस पर हम क्या कह सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का सम्मान है. हमारी मांग है कि मंदिर बन. आम जनमानस की मांग है मंदिर बने. हम इसका सम्मान करते हैं.

-सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस बात के सबूत हैं कि अंग्रेजों के आने के पहले से राम चबूतरा और सीता रसोई की हिंदू पूजा करते थे. रिकार्ड के सबूत बताते हैं कि विवादित जमीन के बाहरी हिस्से में हिंदुओं का कब्जा था.

-यात्रियों के वृतांत और पुरातात्विक सबूत हिंदुओं के हक में हैं. 6 दिसंबर 1992 को स्टेटस को का ऑर्डर होने के बावजूद ढांचा गिराया गया. लेकिन सुन्नी बोर्ड एडवर्स पोसेसन की दलील साबित करने में नाकाम रहा है. लेकिन 16 दिसंबर 1949 तक नमाज हुई. सूट 4 और 5 में हमें सन्तुलन बनाना होगा हाई कोर्ट ने 3 हिस्से किये. यह तार्किक नहीं था: सुप्रीम कोर्ट 

-कोर्ट ने कहा है कि हिंदुओं के वहां पर अधिकार की ब्रिटिश सरकार ने मान्यता दी. 1877 में उनके लिए एक और रास्ता खोला गया. अंदरूनी हिस्से में मुस्लिमों की नमाज बंद हो जाने का कोई सबूत नहीं मिला है. अंग्रेज़ों ने दोनों हिस्से अलग रखने के लिए रेलिंग बनाई. 1856 से पहले हिन्दू भी अंदरूनी हिस्से में पूजा करते थे. रोकने पर बाहर चबूतरे की पूजा करने लगे. उन्होंने कहा है कि फिर भी मुख्य गुंबद के नीचे गर्भगृह मानते थे. इसलिए रेलिंग के पास आकर पूजा करते थे. साल 1934 के दंगों के बाद मुसलमानों का वहां कब्ज़ा नहीं रहा. वह जगह पर अपना दावा साबित नहीं कर पाए हैं.

-एएसआइ यह स्थापित नहीं कर पाया कि मस्जिद का निर्माण मंदिर को ध्वस्त कर किया गया था: सुप्रीम कोर्ट 

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