जनप्रतिनिधियों की बैरूखी से यातायात के साधनो से अब महरूम हो चुका है आमेट

Fri 15 Mar 19  8:25 pm

राजसमंद (राव दिलीप सिंह) जिले में सर्वाधिक राजस्व आय में अग्रणी माबंल एवं वस्त्र व्यापार मे ख्याती प्राप्त आमेट उपखण्ड मुख्यालय यातायात के साधनो की दृष्टि से अब जिले में सबसे अधिक पिछड चुका है। विगत एक दशक से अनेक द्रुतगामी व साधारण बस सैवाए शुरू हुई परन्तु क्षेत्र के सत्ता व विपक्ष के जनप्रतिनिधियों की बैरूखी से यह आमेट क्षेत्र को पुन.ठेगा दिखाती आ रही है। माबंल एवं वस्त्र व्यापार  मे प्रधान आमेट क्षेत्र राज्य मे एक अलग पहचान बनाये हुए है।उक्त व्यवसायो मे प्रत्यक्ष -अप्रत्यक्ष रुप से हजारो की तादाद मे लोग जुडे हुए है।उक्त माबंल व्यवसाय से जुडे व्यापारियों का राज्य के अलावा गुजरात.महाराष्ट्र. केरल आदि से भी सदैव आना जाना बना रहता है।परन्तु यातायात के सीधे साधनों का अभाव होने से उन्हे आमेट क्षेत्र मे पहुंचने मे काफी परेशान होना पडता है। सूत्रों ने बताया की अनेक द्रुतगामी बसे आमेट से सूरत.आमेट से इंदोर.आमेट से आबुरोड.आमेट से फालना.शिवगंज वाया/ चारभुजा-देसुरी/आमेट से पाली वाया/ मारवाड़ जक्शन/आमेट से जोधपुर. सुरत के अलावा आमेट से उदयपुर.आमेट से केलवाड़ा.राजसमंद से सीकर वाया आमेट. आदि बडे छोटे माग्र की पथ परिवहन निगम की साधारण बस सेवाओं का आमेट उपखण्ड मुख्यालय से प्रतिदिन सुबह से शाम तक विभिन्न समय मे संचालन हुआ करता था।परन्तु क्षेत्र के सत्ता पक्ष एवं विपक्षी जनप्रतिनिधियों की बैरूखी से यह उक्त बस सेवाए सभी माग्रो पर से एक एक करके बंद होती गई। बहरहाल आमेट से अहमदाबाद. उदयपुर से अजमेर.उदयपुर से बोरावड वाया आमेट एवं गुजरात डिपो की अहमदाबाद से आमेट व पाटन से आमेट की द्रुतगामी बस सेवाए ही उपलब्ध है। 

नगरवासियों ने की नई बस सेवाओं के संचालन की मांग..

नगर के ओमप्रकाश सोनी.ऊकांरलाल माली.चन्द्र प्रकाश चोधरी.केशरसिंह. आदि ने राज्य के यातायात मंत्री को ज्ञापन भेजकर आमेट क्षेत्र मे बंद हुई निगम की बसो को तत्काल शुरू करने तथा आमेट से देवगढ.फतहनगर.गंगापुर.केलवाड़ा.फालना.आबूरोड माग्र पर नई बसे शुरू करने की मांग की।

बंद बसे शुरू करने की कई संगठन कर चुके हे मांग...

उक्त माग्रो पर चलने वाली बंद हो चुकी बसों के पुन.संचालन को लेकर श्री वस्त्र व्यापार संघ.जनरल व्यापार मण्डल.सराफां संघ.भाजपा व कांग्रेस के अलावा अनेक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी समय समय पर जनप्रतिनिधियों व संबधित अधिकारियों से भेंट कर व ज्ञापन दे चुके है। फिर भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

शाम ढलने के बाद जिला मुख्यालय तक जाने को तरसते है मुसाफिर...

आमेट उपखण्ड मुख्यालय से राजसमंद जिला मुख्यालय तक जाने के लिऐ शाम 7 बजे बाद एक भी साधन उपलब्ध नहीं होने से मुसाफिरों को बसों के इधर उधर भटकना पडता है। तथा मुसाफिरो को मजबूर होकर निजी वाहनो से अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचना पड रहा है।

धंधा हुआ मंदा....

आमेट क्षेत्र मे लगातार द्रुतगामी व साधारण बसों के संचालन ठप्प हो जाने से अब शने.शने क्षेत्र का माबंल व वस्त्र व्यापार  मंदा हो चुका हे।अनेक व्यापारी क्षेत्र छोडकर अन्य बडे शहरों मे जाकर अपना व्यवसाय शुरू कर चुके है।

 बसों का संचालन बंद होना जनप्रतिनिधियों की है बैरूखी....

आमेट क्षेत्र से संचालित होती आई लम्बे एवं छोटे माग्र की द्रुतगामी व साधारण बस सेवाएं विगत एक दशक से शनै शनै बंद होती रही है। परन्तु सत्तापक्ष के जनप्रतिनिधियों ने कभी भी बंद हुई बसो की पुन.संचालन की वकालात ईमानदारी से नहीं की। ओर नहीं विपक्षीयो ने भी ऐसे मुद्दो को उठाने को मुनासिफ समझा। लोगो का मानना है कि आमेट क्षेत्र का यातायात के साधनों की दृष्टि से पिछडना जनप्रतिनिधियों की बैरूखी दंशाता है।