ऐसा ही कुछ देखने को मिला यहां महिला आश्रम के निकट रहने वाली सज्जनबाई जागेटिया के साथ। सज्जनबाई जिंदा हैं लेकिन उसे मिलने वाली पेंशन पांच माह पहले मृत बताकर बंद कर दी गई। सज्जन बाई जागेटिया (84) पत्नी भैरूलाल जागेटिया को वर्ष 2013 में पेंशन योजना स्वीकृत की गई थी और उन्हें इसका लाभ मिल रहा था। विभाग ने 9 जनवरी 2020 को सज्जन बाई की पेंशन रोक दी। कारण पता किया तो सामने आया कि उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी के अनुसार सज्जनबाई के आवेदन क्रमांक आरजे-ए-03646753 के अनुसार उन्हें पेंशन योजना के तहत अंतिम भुगतान सितंबर 2019 को किया गया था। इसके बाद से उन्हें पेंशन नहीं दी गई। विभाग द्वारा पेंशन बंद करने का कारण उनका जीवित प्रमाणपत्र पेश नहीं करना बताया जा रहा है।
इस संबंध में नगर परिषद के अमृतलाल जीनगर ने बताया कि वृद्धावस्था पेशन योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्ति को साल में एक बार अपने जीवित होने का प्रमाणपत्र ई मित्र के माध्यम से प्रस्तुत करना होता है। यदि कोई ऐसा करने में सक्षम नहीं या दयनीय है तो उसके किसी रिश्तेदार द्वारा एसडीएम को आवेदन पेश करने पर विभाग के कर्मचारी सत्यापन करने आवेदक के घर पर जाते हैं। बाकी जिंदा को बिना प्रमाण मृत घोषित कर देना गलत है। यह क्लेरिकल गलती भी हो सकती है। 
नगर परिषद आयुक्त नारायणलाल मीणा ने बताया कि सर्वे में अगर किसी तरह की गड़बड़ी हुई तो जांच कराई जाएगी और जिम्मेदार के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
 
 

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ऐसा ही कुछ देखने को मिला यहां महिला आश्रम के निकट रहने वाली सज्जनबाई जागेटिया के साथ। सज्जनबाई जिंदा हैं लेकिन उसे मिलने वाली पेंशन पांच माह पहले मृत बताकर बंद कर दी गई। सज्जन बाई जागेटिया (84) पत्नी भैरूलाल जागेटिया को वर्ष 2013 में पेंशन योजना स्वीकृत की गई थी और उन्हें इसका लाभ मिल रहा था। विभाग ने 9 जनवरी 2020 को सज्जन बाई की पेंशन रोक दी। कारण पता किया तो सामने आया कि उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी के अनुसार सज्जनबाई के आवेदन क्रमांक आरजे-ए-03646753 के अनुसार उन्हें पेंशन योजना के तहत अंतिम भुगतान सितंबर 2019 को किया गया था। इसके बाद से उन्हें पेंशन नहीं दी गई। विभाग द्वारा पेंशन बंद करने का कारण उनका जीवित प्रमाणपत्र पेश नहीं करना बताया जा रहा है।
इस संबंध में नगर परिषद के अमृतलाल जीनगर ने बताया कि वृद्धावस्था पेशन योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्ति को साल में एक बार अपने जीवित होने का प्रमाणपत्र ई मित्र के माध्यम से प्रस्तुत करना होता है। यदि कोई ऐसा करने में सक्षम नहीं या दयनीय है तो उसके किसी रिश्तेदार द्वारा एसडीएम को आवेदन पेश करने पर विभाग के कर्मचारी सत्यापन करने आवेदक के घर पर जाते हैं। बाकी जिंदा को बिना प्रमाण मृत घोषित कर देना गलत है। यह क्लेरिकल गलती भी हो सकती है। 
नगर परिषद आयुक्त नारायणलाल मीणा ने बताया कि सर्वे में अगर किसी तरह की गड़बड़ी हुई तो जांच कराई जाएगी और जिम्मेदार के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
 
 

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जिंदा को मृत बता बंद कर दी पेंशन

  2020-02-14 02:10 pm

भीलवाड़ा (विजेंद्रसिंह गौड)। सरकार भले ही लोगों के कल्याण के लिए कितने ही दावे करे लेकिन सरकारी कारिंदों की लापरवाही से कई बार ऐसे उदाहरण सामने आ जाते हैं जिनसे न केवल सरकारी महकमे हंसी के पात्र बनते हैं बल्कि जिंदा व्यक्ति को भी अपने जिंदा होने का प्रमाण देने के लिए भटकना पड़ता है। 


ऐसा ही कुछ देखने को मिला यहां महिला आश्रम के निकट रहने वाली सज्जनबाई जागेटिया के साथ। सज्जनबाई जिंदा हैं लेकिन उसे मिलने वाली पेंशन पांच माह पहले मृत बताकर बंद कर दी गई। सज्जन बाई जागेटिया (84) पत्नी भैरूलाल जागेटिया को वर्ष 2013 में पेंशन योजना स्वीकृत की गई थी और उन्हें इसका लाभ मिल रहा था। विभाग ने 9 जनवरी 2020 को सज्जन बाई की पेंशन रोक दी। कारण पता किया तो सामने आया कि उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी के अनुसार सज्जनबाई के आवेदन क्रमांक आरजे-ए-03646753 के अनुसार उन्हें पेंशन योजना के तहत अंतिम भुगतान सितंबर 2019 को किया गया था। इसके बाद से उन्हें पेंशन नहीं दी गई। विभाग द्वारा पेंशन बंद करने का कारण उनका जीवित प्रमाणपत्र पेश नहीं करना बताया जा रहा है।
इस संबंध में नगर परिषद के अमृतलाल जीनगर ने बताया कि वृद्धावस्था पेशन योजना का लाभ लेने के लिए व्यक्ति को साल में एक बार अपने जीवित होने का प्रमाणपत्र ई मित्र के माध्यम से प्रस्तुत करना होता है। यदि कोई ऐसा करने में सक्षम नहीं या दयनीय है तो उसके किसी रिश्तेदार द्वारा एसडीएम को आवेदन पेश करने पर विभाग के कर्मचारी सत्यापन करने आवेदक के घर पर जाते हैं। बाकी जिंदा को बिना प्रमाण मृत घोषित कर देना गलत है। यह क्लेरिकल गलती भी हो सकती है। 
नगर परिषद आयुक्त नारायणलाल मीणा ने बताया कि सर्वे में अगर किसी तरह की गड़बड़ी हुई तो जांच कराई जाएगी और जिम्मेदार के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
 
 

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