टिकटों के बंटवारे को लेकर भाजपा के प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व के बीच मतभेद

टिकटों के बंटवारे को लेकर भाजपा के प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व के बीच मतभेद

Fri 02 Nov 18  5:26 pm


जयपुर । राजस्थान विधानसभा चुनाव में टिकटों के बंटवारे को लेकर प्रदेश नेतृत्व और केंद्रीय भाजपा नेतृत्व के बीच मतभेद होने की खबरे खुलकर सामने आ गई है। प्रदेश भाजपा की चुनाव प्रबंधन टीम और कोर कमेटी के पैनल की सूची को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की तरफ से खारिज करने के बाद अब दोबारा टिकटों पर मंथन होगा । 
इससे यह साफ है कि दिवाली के बाद ही भाजपा की पहली सूची जारी हो सकती है। केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि नए चेहरों को मौका मिला और विधायक पुत्र और उम्रदराज भाजपा विधायकों को चुनाव मैदान में नहीं उतारा जाए। इसके अलावा बोर्ड, निगम, मंडल और अन्य आयोगों के पद पर रह चुके भाजपा के नेताओं को चुनाव में नहीं उतारा जाए। वहीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी यह बयान दे चुकी है कि 100 सीटों पर पार्टी का विशेष फोकस है। इसके अलावा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी यह बयान दे चुके है कि पार्टी जिताऊ और टिकाऊ प्रत्याशी को ही टिकट देगी। साथ ही जो नेता बीमार है उसे टिकट नहीं दिया जाएगा।
आपको बता दे कि भाजपा के प्रदेश में 160 विधायक है और पार्टी 180 मिशन को लेकर चल रही है। सीएम वसुंधरा राजे का मानना है कि 100 विधायकों को टिकट दोबारा से दिया जाए, वहीं अन्य सीटों पर मौजूदा विधायकों के अलावा अन्य नामों का भी पैनल है। लेकिन पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि कम से कम 100 विधायकों के टिकट कटे, जिससे नए चेहरे सामने आए और मौजूदा विधायकों से जनता की नाराजगी का सामना पार्टी को नहीं करना पड़े।

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