टेक्सटाइल उद्योग को बजट में राहत

  2020-02-03 10:51 pm

भीलवाड़ा।
केन्द्रीय बजट में देश के टेक्सटाइल उद्योगों को बड़ी सौगात मिली है। बजट में टेक्सटाइल के लिए साहसिक कदम उठाया गया है। मुख्य रूप से पोलिएस्टर फाइबर के कच्चे माल पीटीए पर एन्टी डम्पिंग डयूटी समाप्त कर दी गई है। सार्क देशों से आयात होने वाले सिन्थेटिक फिलामेन्ट यार्न, सिन्थेटिक फेब्रिक्स पर आयात कर में 60 प्रतिशत की छूट के गजट नोटिफिकेशन को खत्म कर दिया गया है। तकनीकी टेक्सटाइल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नेशनल टेक्निकल टेक्सटाइल मिशन की घोषणा कर १४८० करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। टफ अनुदान में बजट का एलोकेशन कर करने से निराशा हाथ लगी है।
केन्द्र सरकार ने २०१२ में पोलिएस्टर फाइबर के निर्माण में काम आने वाले रॉ मेटेरियल पीटीए पर एंटी डम्पिंग ड्यूटी लगा दी थी। एक कम्पनी का एकाधिकार होने से पोलिएस्टर फाइबर के भावों में हर समय तेजी रहने लगी तथा स्पिनिंग मिलों को आयातित सिन्थेटिक धागे की प्रतिस्पद्र्धा में समस्या होने लगी। लेकिन इस बजट में मेनमेड फाइबर बनाने वाले उद्योग को राहत देते हुए पीटीए पर लगने वाली एन्टी डम्पिंग ड्यूटी को समाप्त कर दिया गया। इससे उद्यमी अन्य फाइबर निर्माता चीन, ईरान, इंडोनेशिया, मलेशिया, कोरिया से कम लागत पर पीटीए आयात कर सकेंगे। सरकार की इस घोषणा से कम्पनी का बाजार में एकाधिकार समाप्त होकर पोलिस्टर फाइबर बाजार भी सस्ता होगा। राजस्थान की स्पिनिंग मिलें देश का 45 प्रतिशत पोलिस्टर विस्कोस यार्न बनाती हैं। इससे मिलों की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। पीटीए सस्ता होने से टेक्टच्राइज यार्न भी सस्ता होगा। इस यार्न के सस्ता होने से भीलवाड़ा में बनने वाले कपड़े की लागत में भी कमी आएगी तथा बाजार में भी सुधार आएगा।
आयात कर गजट नोटिफिकेशन समाप्त
बजट में सार्क देशों से आयात होने वाले सिंथेटिक फिलामेन्ट यार्न, सिंथेटिक फेब्रिक्स पर आयात कर में 60 प्रतिशत की छूट को समाप्त कर दिया गया है। इससे बांग्लादेश, इण्डोनेशिया आदि से धागा एवं कपड़ा आयात पर अंकुश लगेगा। यह मांग पूरी होने से भीलवाड़ा के मेनमेड फाइबर टेक्सटाइल उद्योग को बड़ा सम्बल मिलेगा।

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