तापमान गिरा..आसमान का नही जमीन का..

तापमान गिरा..आसमान का नही जमीन का..

Tue 30 Apr 19  7:45 am


चलो चुनाव सम्पन्न हुए.. तापमान गिरा..आसमान का नही जमीन का.. जमीन पर गर्मी दिखा रहे लोग, धीरे धीरे ठण्डे हो रहे है.. कुछ तो अपील भी कर रहे कि चुनाव के दौरान कुछ गरमागरम या ऊलजलूल बोल दिया तो भूल जाये,प्रेम मोहब्बत बनाये रखे. देखिये चुनाव के बाद, ये तीन लाईव दृश्य ... पहला दृश्य:- फैसबुक पर जलिकुट्टम वाले सांडो की तरह भिड़ने वाले कट्टर, दो कार्यकर्ता अब चाय की थडी पर एक साथ बैठे चाय सुड़क रहे है.. वोट के साथ अन्दर का जहर भी ईवीएम में उतार कर अब वे दोनो काफी हल्के लग रहे है । अब वे एक दूसरे को नाम से पुकार रहे है.. वरना कल तक एक राष्ट्रवादी था और दूसरा राष्ट्द्रोही .. अब चुनाव निपट गये है.. तापमान ठण्डा है.. रिश्ते फिर से गरमा रहे है ।। दृश्य दो :- सीमा पर कमान्डर, जवानों को बन्दूकें साफ करने की बोल रहे है ...\"जवानों.. देश में चुनाव पूरा हो गया है.. पाकिस्तान से निपटने की जिम्मेदारी राष्ट्रवादियों ने फिर से हमें सौंप दी है... हमें तैयार रहना है.. बन्दूकें साफ की जाये..\" दृश्य तीन:- लहू-लुहान एक कार्यकर्ता के मरहम पट्टी हो रही है अपने लाडले नेता के विरूद्ध बोलने वाले विपक्षी कार्यकर्ता की गरदन दबोच कर उसने अपना कर्तव्य निभाया था.. लेकिन उस कार्यकर्ता ने भी अपने कर्तव्य पालन करते हुए इसका सिर फोड़ दिया.. लोग एकत्रित है, गुस्सा भी है ..दोनो कार्यकर्ताऔ के साथ खड़े लोग अपने अपने आकाऔ को फोन लगा रहे है... \"हैलो\".. साब.. कहां हो ?? ......हैलो...साब... ???? दोनो आका किसी रिसोर्ट में एक साथ बैठे है, जलपान करने में व्यस्त है.. चुनाव निपट गये है.. फोन स्विच ऑफ है ।। (Kgkadam)
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