दुनियां कैसी है यह भाव छोड़ दो स्वयं कैसे हो उसे जानो - मुनि पुंगव सुधासागर

दुनियां कैसी है यह भाव छोड़ दो स्वयं कैसे हो उसे जानो - मुनि पुंगव सुधासागर

Mon 27 May 19  5:13 pm


पंचकल्याणक महोत्सव में आजशोभायात्रा व जन्माभिषेक कलश 

भीलवाड़ा (हलचल)। चन्द्रशेखर आजाद नगर स्थित दिगम्बर आदिनाथ जिन मन्दिर में पंचकल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को कई कार्यक्रम हुए। इन कार्यक्रमों में सकल दिगम्बर जैन समाज के हजारो श्रावक श्राविकाओं ने भाग लिया। धर्मसभा में  मुनिपुंगव सुधासागर ने कहा कि आज इंसान स्वयं से ज्यादा दूसरो की बातों एवं आदतों में रूचि रखता है। स्वयं को जानने एवं समझने का उसके पास समय ही नहीं है। व्यक्ति पड़ोसी की सभी जानकारी रखना चाहता है परन्तु स्वयं एवं परिवार के लोगो को जान व समझ नही पाता है। दुनियां कैसी है यह भाव छोड़ दो स्वयं कैसे हो उसे जानो व समझो और बदलो। इंसान के चाहने से कुछ नहीं होता उसके कर्म जीवन की परिस्थितियां निर्धारित करते है। इंसान अपने कर्मो की कठपुतली है। धर्म ऐसा अविष्कार है जिससे कर्मो के बंधन छुट जाते है। दुनिया में शाश्वत सिर्फ एक धर्म ही है जो कभी मिटता नहीं है। संयोजक प्रवीण चौधरी ने बताया कि सोमवार सुबह नित्याभिषेक, शांतिधारा, गर्भकल्याणक, पूजन एवं शांति हवन हुआ।  शाम को जिज्ञासा समाधान के पश्चात महाराज नाभिराय के आगमन, सौलह स्वप्न दर्शन एवं फलादेश हुआ। 56 कुमारियों का भक्ति नृत्य हुआ। भगवान के माता के सौलह स्वप्नों का सचित्र वर्णन हुआ। 28 मई मंगलवार को जन्मकल्याणक के उपलक्ष्य में सुबह 6 बजे चन्द्रशेखर आजाद नगर जिन मन्दिर से हाथी, घोड़ों एवं  बैण्ड बाजो के साथ भव्य शोभायात्रा निकलेगी जो काॅलोनी के मुुख्य मार्गो से होकर पाण्डुक शिला पहुंचेगी जहा पर भव्य जन्माभिषेक कलश होंगे।

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