परेशान हैं लोग  : महंगी पड़ रही मनपसंद चैनल चुनने की आजादी,

परेशान हैं लोग : महंगी पड़ रही मनपसंद चैनल चुनने की आजादी,

Wed 13 Mar 19  8:43 am

भीलवाड़ा, । \'जो चैनल देखिए सिर्फ उसका ही पैसा दीजिए।\' इसी स्लोगन के साथ टेलीकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने सभी मल्टी सर्विस ऑपरेटर्स के साथ लोकल केबल ऑपरेटर्स को भी नया टैरिफ सिस्टम लागू करने का आदेश दिया है।ट्राई के इस नए नियम से उम्मीद की जा रही थी कि लोग अब सस्ते में अपना मनपसंद टीवी कार्यक्रम देख सकेंगे, लेकिन अब लोगों का यह सपना टूटने लगा है। पैक के अंदर पैक से चौंक रहे दर्शक दरअसल, अपने पंसदीदा चैनल को चुनना अब उपभोक्तओं के लिए काफी महंगा पड़ रहा है, क्योंकि ट्राई द्वारा जारी किए गए नए नियमों के पूरी तरह से लागू होने से पहले ही केबल ऑपरेटर्स ने कई पेड चैनलों को बंद कर दिया है, जिससे उपभोक्ता अपने कई पंसदीदा चैनल नहीं देख पा रहे है। इससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी पढ़ गई है। कुछ ऑपरेटर्स ने तो पैक के अंदर पैक बना दिए हैं, जिससे पूर्व की तुलना में पसंदीदा टीवी चैनलों को देखना दोगुना महंगा हो गया है। खर्च हुआ दोगुना, लेकिन मनपसंद चैनल भी नहीं मिले आलम यह है कि पहले न्यूनतम 200 रुपये खर्च कर अपने पसंदीदा कार्यक्रम-चैनल देख लेते थे, लेकिन अब इसके लिए 500 रुपये के आसपास खर्च होने लगे हैं। वजह, ट्राई की ओर से नए नियमों का बहाना बनाकर केबल ऑपरेटरों ने अभी से अधिकतर चैनलों को बंद कर दिया है। जबकि 31 मार्च के बाद ट्राई का नियम लागू होने के बाद 100 से अधिक चैनल देखने पर 130 रुपये देने होंगे। ऐसे में यदि कोई उपभोक्ता इससे अधिक चैनल देखेगो तो उसे हर 25 चैनल का पैक लेकर 18 प्रतिशत जीएसटी देकर 20 रुपये पैक में अतिरिक्त देना होगा। 31 मार्च तक चुनना है पैक यही वजह है कि टेलीविजन के लिए मनपसंद चैनल चुनने के मामले में देशभर के उपभोक्ता चकरघिन्नी की स्थिति में हैं। पिछले वर्ष 28 दिसंबर से लागू हुई नई व्यवस्था में 31 मार्च तक उपभोक्ताओं को अपना पे चैनल चुनना है। ऐसे में पसंदीदा चैनल चुनने की खुशी लेकर केबल ऑपरेटरों के पास पहुंच रहे उपभोक्ताओं की खुशी महंगे महीना पैकेज सुनकर काफूर हो जा रही है। बुद्धू बक्शे के सामने दर्शक बने बुद्धू उपभोक्ताओं को सीधे पैकेज थमाया जा रहा है, जो 300 रुपये से लेकर 520 रुपये है, वहीं 130 रुपये में 100 फ्री चैनलों के दावे भी धराशायी हैं। फ्री 100 चैनलों का तय पैकेज है, जिसमें दूसरी भाषा व कई अनचाहे चैनल हैं। ऐसे में अब तक 200 रुपये से लेकर 250 रुपये तक महीने का किराये पर केबल से सभी चैनलों का लुत्फ उठा रहे उपभोक्ता ट्राई की इस कवायद में खुद को बुद्धू बनता देख रहे हैं। नई क्रांति के चक्कर में दर्शक परेशान जब दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने मनपसंद चैनल चुनने के अधिकार की नई पेशकश उपभोक्ताओं के सामने रखी थी और यह कहा था कि यह वर्तमान दर के मुकाबले काफी सस्ता पड़ेगा। तो माना जा रहा था कि यह दूरसंचार क्षेत्र की तरह केबल नेटवर्क क्षेत्र में नई क्रांति लाएगा, लेकिन मामला उल्टा पड़ गया है। सच तो यह है कि इस उठापटक में केबल का किराया दोगुना हो गया है। ऊपर से कई दिनों तक चक्कर लगाने के बाद भी सेवा बहाल नहीं हो पा रही है। इससे उपभोक्ता खासे परेशान भी दिख रहे हैं। 500 रुपये में भी नहीं मिल रहे पसंदीदा चैनल एक उपभोक्ता अमित की मानें तो यह काफी उलझाऊ और परेशान करने वाली व्यवस्था है। सबसे बड़ा झांसा 100 फ्री चैनलों को लेकर है, जिसे लेना अनिवार्य बना दिया गया है। इसके लिए 153 रुपये चुकाने ही हैं। इसके बाद जब पसंदीदा इंटरटेनमेंट, फिल्म, गाना, खेल, विज्ञान व कार्टून के चैनलों को चुनने की बारी आती है, तो पूरा किराया 500 रुपये से अधिक पहुंच जा रहा है। वहीं, चैनल चुनने की झंझट से बचने के नाम पर केबल आपरेटर 300 रुपये से लेकर 550 रुपये तक में कई पैकेजों की पेशकश भी कर रहे हैं। हालात यह कि 500 रुपये से अधिक वाले किराया पैकेजों में ही पसंदीदा चैनल हैं। मजबूरी यह कि पैकेज न चुनने की स्थिति में टीवी पर कई चैनल तो दिख ही नहीं रहे हैं। कई लोगों ने तो इस पूरी झंझट के कारण टीवी रीचार्ज करना ही बंद कर दिया है। वे मनोरंजन के लिए अन्य साधन अपना रहे हैं। दो गुना हुआ किराया, मनपंसद चैनलों की जगह मनमाने पैकेज से बढ़ी उपभोक्ताओं की परेशानी ऐसे चुनें चैनल नए नियमों के तहत सभी केबल और डीटीएच सर्विस प्रोवाइडर्स से कहा गया है कि वे उपभोक्ताओं को वेबसाइट के जरिए चैनल चुनने और ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा उपलब्ध कराएं। वेबसाइट पर चैनलों की लिस्ट कीमत के साथ उपलब्ध होगी। इसके अलावा कॉल सेंटर के जरिए भी उपभोक्ता चैनल चुन पाएंगे। ऐसा हो तो रहा है, लेकिन महंगाई के साथ।