पीएम मोदी बोले, सुप्रीम कोर्ट का फैसला नया सवेरा लेकर आया है

पीएम मोदी बोले, सुप्रीम कोर्ट का फैसला नया सवेरा लेकर आया है

Sat 09 Nov 19  6:52 pm


नई दिल्‍ली। अयोध्‍या पर सु्प्रीम कोर्ट  के फैसले के बाद शनिवार शाम को पीएम नरेंद्र मोदी देश को संबोधित कर रहे हैं।   

पीएम मोदी ने कहा, हमें सबको साथ लेकर, सबका विकास करते हुए, सबका विश्वास हासिल करते हुए, आगे ही आगे बढ़ते ही जाना है।  अब समाज के नाते, हर भारतीय को अपने कर्तव्य, अपने दायित्व को प्राथमिकता देते हुए काम करना है। हमारे बीच का सौहार्द, हमारी एकता, हमारी शांति, देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।  सर्वोच्च अदालत का ये फैसला हमारे लिए एक नया सवेरा लेकर आया है। इस विवाद का भले ही कई पीढ़ियों पर असर पड़ा हो, लेकिन इस फैसले के बाद हमें ये संकल्प करना होगा कि अब नई पीढ़ी, नए सिरे से न्यू इंडिया के निर्माण में जुटेगी। 

पीएम ने कहा, नए भारत में भय, कटुता, नकारात्मकता का कोई स्थान नहीं है। 6 नंवबर को बर्लिन की दीवार गिरी थी, आज करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत भी हुई है। अयोध्या पर फैसले के साथ ही 9 नवंबर की यह तारीख हमें साथ रहकर आगे बढ़ने की सीख भी दे रही है। आज अयोध्या पर फैसले के साथ ही, 9 नवंबर की ये तारीख हमें साथ रहकर आगे बढ़ने की सीख भी दे ही है। आज के दिन का संदेश जोड़ने का है-जुड़ने का है और मिलकर जीने का है।  देश के न्यायाधीश, न्यायालय और हमारी न्यायिक प्रणाली अभिनंदन के काबिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सबको सुना, बहुत धैर्य से सुना और पूरे देश के लिए खुशी की बात है कि मामला सबकी सहमति से सुलझा। सुप्रीम कोर्ट ने दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाई। दशकों तक चली न्याय प्रकिया का अब समापन हुआ है। पूरी दुनिया ने आज जाना कि भारत का लोकतंत्र कितना जीवंत और मजबूत है। आज सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसे महत्वपूर्ण मामले पर फैसला सुनाया है, जिसके पीछे सैकड़ों वर्षों का एक इतिहास है।पूरे देश की ये इच्छा थी कि इस मामले की अदालत में हर रोज़ सुनवाई हो, जो हुई, और आज निर्णय आ चुका है।

भारत भक्ति की भावना को सशक्‍त करें 

फैसला आने के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है। देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कई वजहों से महत्वपूर्ण है। यह बताता है कि किसी विवाद को सुलझाने में कानूनी प्रक्रिया का पालन कितना अहम है। हर पक्ष को अपनी-अपनी दलील रखने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिया गया। उन्‍होंने कहा कि न्याय के मंदिर ने दशकों पुराने मामले का सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान कर दिया। यह फैसला न्यायिक प्रक्रियाओं में जन सामान्य के विश्वास को और मजबूत करेगा। हमारे देश की हजारों साल पुरानी भाईचारे की भावना के अनुरूप हम 130 करोड़ भारतीयों को शांति और संयम का परिचय देना है। भारत के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की अंतर्निहित भावना का परिचय देना है।

हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाए फैसला 

फैसले से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि अयोध्या पर फैसले को किसी समुदाय की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ रहा है। पिछले कुछ महीनों से सुप्रीम कोर्ट में निरंतर इस विषय पर सुनवाई हो रही थी, पूरा देश उत्सुकता से देख रहा था। इस दौरान समाज के सभी वर्गों की तरफ से सद्भावना का वातावरण बनाए रखने के लिए किए गए प्रयास बहुत सराहनीय हैं। पीएम मोदी ने कहा कि देश की न्यायपालिका के मान-सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए समाज के सभी पक्षों ने सामाजिक -सांस्कृतिक संगठनों ने, सभी पक्षकारों ने बीते दिनों सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए जो प्रयास किए, वे स्वागत योग्य हैं। कोर्ट के निर्णय के बाद भी हम सबको मिलकर सौहार्द बनाए रखना है।

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