भीलवाड़ा (हलचल) । कृषि विज्ञान केन्द्र भीलवाड़ा एवं अरणिया घोड़ा शाहपुरा भीलवाड़ा द्धितीय द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह-2020 के अन्तर्गत कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डाॅ. सी. एम. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं कृषक महिलाओं को आह्वान किया कि पोषण माह सितम्बर-2020 दो मुख्य उद्देश्यों पर आधारित है। पहला अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित और उनकी निगरानी करते हुए पोषण स्तर में सुधार तथा दूसरा किचन गार्डन को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण अभियान है। डाॅ. यादव ने पोषण थाली पर चर्चा करते हुए छोटे बच्चों एवं महिलाओं को विभिन्न स्तर पर पोष्टिक आहार उपलब्ध करवाने की आवश्यकता प्रतिपादित की एवं संतुलित आहार व स्वस्थ जीवन के सहजन की उपयोगिता बताई। 
केन्द्र के शस्य वैज्ञानिक डाॅ. केे. सी. नागर ने जैविक किचन गार्ड़न की स्थापना के लिए आवश्यक सुझाव के साथ पालक, धनिया, पत्ता गोभी, फूल गोभी, हरी मिर्च आदि के पौधारोपण और खाद-उर्वरक की तकनीकी को समझाया। डाॅ. नागर ने फार्टिफाईड आटा एवं फल-सब्जियों के मूल्य संवर्धन पर जोर दिया।  
कृषि महाविद्यालय भीलवाड़ा की उद्यान विशेषज्ञ डाॅ. सुचित्रा दाधीच ने आँवला, नींबू, आम एवं सबिज्यों के विभिन्न उत्पादों की तकनीकी जानकारी के साथ-साथ महिलाओं में हीमोग्लाबीन, आयरन एवं सामान्य बीमारियाँ व उनके उपचार की विस्तृत जानकारी दी।    
महिला एवं बाल विकास विभाग भीलवाड़ा की परियोजना अधिकारी श्रीमती राजेश शर्मा ने महिलाओं के स्वास्थ्य में फल एवं सब्जियों के महत्त्व की आवश्यकता के बारे में चर्चा की। 
इफको भीलवाड़ा के शाखा प्रभारी बी. एल. कुमावत ने पोषाहार रंगोली के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों के लिए संतुलित आहार की उपयोगिता बताई जिससे आहार में कैलोरी, खनिज लवण, विटामिन व अन्य पोषक तत्त्वों की समुचित रूप से पूर्ति हो सके। 
आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक सरोज कनौजिया ने दैनिक आहार में पोषक तत्त्व जैसे प्रोटीन, वसा, कार्बोहाईडेªट, विटामिन तथा फाईबर सम्मिलित करने की आवश्यकता प्रतिपादित की। सहायक कृषि अधिकारी नन्द लाल सेन ने नर्सरी के माध्यम से महिलाओं की आजीविका एवं पोषण स्तर तें सुधार की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। फार्म मैनेजर महेन्द्र सिंह चुण्ड़ावत ने पोष्टिक लड्डू, पोष्टिक बर्फी एवं शक्करपारे के माध्यम से पोषण स्तर में सुधार करने की अपील की। गोष्ठी में 193 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, कृषक महिला एवं प्रसार कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।      
 

" /> भीलवाड़ा (हलचल) । कृषि विज्ञान केन्द्र भीलवाड़ा एवं अरणिया घोड़ा शाहपुरा भीलवाड़ा द्धितीय द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह-2020 के अन्तर्गत कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डाॅ. सी. एम. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं कृषक महिलाओं को आह्वान किया कि पोषण माह सितम्बर-2020 दो मुख्य उद्देश्यों पर आधारित है। पहला अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित और उनकी निगरानी करते हुए पोषण स्तर में सुधार तथा दूसरा किचन गार्डन को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण अभियान है। डाॅ. यादव ने पोषण थाली पर चर्चा करते हुए छोटे बच्चों एवं महिलाओं को विभिन्न स्तर पर पोष्टिक आहार उपलब्ध करवाने की आवश्यकता प्रतिपादित की एवं संतुलित आहार व स्वस्थ जीवन के सहजन की उपयोगिता बताई। 
केन्द्र के शस्य वैज्ञानिक डाॅ. केे. सी. नागर ने जैविक किचन गार्ड़न की स्थापना के लिए आवश्यक सुझाव के साथ पालक, धनिया, पत्ता गोभी, फूल गोभी, हरी मिर्च आदि के पौधारोपण और खाद-उर्वरक की तकनीकी को समझाया। डाॅ. नागर ने फार्टिफाईड आटा एवं फल-सब्जियों के मूल्य संवर्धन पर जोर दिया।  
कृषि महाविद्यालय भीलवाड़ा की उद्यान विशेषज्ञ डाॅ. सुचित्रा दाधीच ने आँवला, नींबू, आम एवं सबिज्यों के विभिन्न उत्पादों की तकनीकी जानकारी के साथ-साथ महिलाओं में हीमोग्लाबीन, आयरन एवं सामान्य बीमारियाँ व उनके उपचार की विस्तृत जानकारी दी।    
महिला एवं बाल विकास विभाग भीलवाड़ा की परियोजना अधिकारी श्रीमती राजेश शर्मा ने महिलाओं के स्वास्थ्य में फल एवं सब्जियों के महत्त्व की आवश्यकता के बारे में चर्चा की। 
इफको भीलवाड़ा के शाखा प्रभारी बी. एल. कुमावत ने पोषाहार रंगोली के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों के लिए संतुलित आहार की उपयोगिता बताई जिससे आहार में कैलोरी, खनिज लवण, विटामिन व अन्य पोषक तत्त्वों की समुचित रूप से पूर्ति हो सके। 
आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक सरोज कनौजिया ने दैनिक आहार में पोषक तत्त्व जैसे प्रोटीन, वसा, कार्बोहाईडेªट, विटामिन तथा फाईबर सम्मिलित करने की आवश्यकता प्रतिपादित की। सहायक कृषि अधिकारी नन्द लाल सेन ने नर्सरी के माध्यम से महिलाओं की आजीविका एवं पोषण स्तर तें सुधार की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। फार्म मैनेजर महेन्द्र सिंह चुण्ड़ावत ने पोष्टिक लड्डू, पोष्टिक बर्फी एवं शक्करपारे के माध्यम से पोषण स्तर में सुधार करने की अपील की। गोष्ठी में 193 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, कृषक महिला एवं प्रसार कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।      
 

">
पोषण स्तर में सुधार से ही होगा देश का असली विकास-डाॅ. यादव 

पोषण स्तर में सुधार से ही होगा देश का असली विकास-डाॅ. यादव 

  2020-09-17 04:48 pm

भीलवाड़ा (हलचल) । कृषि विज्ञान केन्द्र भीलवाड़ा एवं अरणिया घोड़ा शाहपुरा भीलवाड़ा द्धितीय द्वारा राष्ट्रीय पोषण माह-2020 के अन्तर्गत कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डाॅ. सी. एम. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं कृषक महिलाओं को आह्वान किया कि पोषण माह सितम्बर-2020 दो मुख्य उद्देश्यों पर आधारित है। पहला अति कुपोषित बच्चों को चिन्हित और उनकी निगरानी करते हुए पोषण स्तर में सुधार तथा दूसरा किचन गार्डन को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण अभियान है। डाॅ. यादव ने पोषण थाली पर चर्चा करते हुए छोटे बच्चों एवं महिलाओं को विभिन्न स्तर पर पोष्टिक आहार उपलब्ध करवाने की आवश्यकता प्रतिपादित की एवं संतुलित आहार व स्वस्थ जीवन के सहजन की उपयोगिता बताई। 
केन्द्र के शस्य वैज्ञानिक डाॅ. केे. सी. नागर ने जैविक किचन गार्ड़न की स्थापना के लिए आवश्यक सुझाव के साथ पालक, धनिया, पत्ता गोभी, फूल गोभी, हरी मिर्च आदि के पौधारोपण और खाद-उर्वरक की तकनीकी को समझाया। डाॅ. नागर ने फार्टिफाईड आटा एवं फल-सब्जियों के मूल्य संवर्धन पर जोर दिया।  
कृषि महाविद्यालय भीलवाड़ा की उद्यान विशेषज्ञ डाॅ. सुचित्रा दाधीच ने आँवला, नींबू, आम एवं सबिज्यों के विभिन्न उत्पादों की तकनीकी जानकारी के साथ-साथ महिलाओं में हीमोग्लाबीन, आयरन एवं सामान्य बीमारियाँ व उनके उपचार की विस्तृत जानकारी दी।    
महिला एवं बाल विकास विभाग भीलवाड़ा की परियोजना अधिकारी श्रीमती राजेश शर्मा ने महिलाओं के स्वास्थ्य में फल एवं सब्जियों के महत्त्व की आवश्यकता के बारे में चर्चा की। 
इफको भीलवाड़ा के शाखा प्रभारी बी. एल. कुमावत ने पोषाहार रंगोली के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों के लिए संतुलित आहार की उपयोगिता बताई जिससे आहार में कैलोरी, खनिज लवण, विटामिन व अन्य पोषक तत्त्वों की समुचित रूप से पूर्ति हो सके। 
आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक सरोज कनौजिया ने दैनिक आहार में पोषक तत्त्व जैसे प्रोटीन, वसा, कार्बोहाईडेªट, विटामिन तथा फाईबर सम्मिलित करने की आवश्यकता प्रतिपादित की। सहायक कृषि अधिकारी नन्द लाल सेन ने नर्सरी के माध्यम से महिलाओं की आजीविका एवं पोषण स्तर तें सुधार की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। फार्म मैनेजर महेन्द्र सिंह चुण्ड़ावत ने पोष्टिक लड्डू, पोष्टिक बर्फी एवं शक्करपारे के माध्यम से पोषण स्तर में सुधार करने की अपील की। गोष्ठी में 193 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, कृषक महिला एवं प्रसार कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।      
 

news news news news news news news news
कोरोना अपडेट