फंसे घर खरीदारों को बड़ी राहत देने की तैयारी में मोदी सरकार

Tue 28 May 19  5:23 am


दिल्ली ।देशभर में लाखों फंसे घर खरीदारों को मोदी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है। सरकार फंड की कमी से अटके हजारों आवासीय प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए एक हफ्ते के भीतर योजना सौंपने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि मोदी सरकार दूसरे कार्यकाल में सभी को घर देने के अपने लक्ष्य पर तेजी से काम करने का मन बना रही है। जिसके चलते सरकार के 100 दिनों के एजेंडा में रियल एस्टेट सेक्टर को प्राथमिकता पर शामिल करने का इरादा है। पिछले हफ्ते वित्तमंत्रालय में रियल एस्टेट कंपनियों के साथ मंत्रालय के अधिकारियों के बीच हुई एक बैठक में इस बात के संकेत मिले हैं। सरकार ने इस सेक्टर के सभी हितधारकों से सुधार से जुड़ी योजना तैयार कर एक हफ्ते के भीतर सौंपने को कहा है। क्रेडाई और नारेड्को जैसी रियल एस्टेट कंपनियों के संगठन इस बारे में नई प्रेजेंटेशन तैयार कर रहे हैं। इसी हफ्ते वित्तमंत्रालय के साथ सभी मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। वित्त मंत्रालय सभी हितधारकों से बातचीत करने के बाद इन कंपनियों की दूसरे संबंधित मंत्रालयों जैसे पर्यावरण मंत्रालय और शहरी विकास मंत्रालय से बातचीत करेगी। बजट में राहत का ऐलान संभव वित्त मंत्रालय कंपनियों की पैसे की किल्लत को दूर करने के खास उपाय कर सकता है। सभी मंत्रालय से बातचीत करके जुलाई में पेश किए जाने वाले नई सरकार के पूर्ण बजट में इसके खास प्रावधान संभव हैं। सूत्रों ने बताया कि देशभर में पैसे की कमी से लंबे से अटके प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए सरकार बजट में एक अलग फंड की घोषणा कर सकती है। पांच लाख से ज्यादा घरों के पजेशन में देरी प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी फर्म एनारॉक की रिपोर्ट के अनुसार, अभी देशभर में साढ़े 5 लाख से ज्यादा घरों के पजेशन में देरी है। ये सभी प्रोजेक्ट 2013 या उसके पहले लॉन्च हुए थे। इन घरों की कुल कीमत एनारॉक ने 4 लाख 51 हजार 750 करोड़ रुपए आंकी है। रिपोर्ट के अनुसार, फ्लैट-बायर्स करते रहे हैं प्रदर्शन सालों से बिल्डरों के चंगुल में फंसे फ्लैट्स बायर्स लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। वे सरकार से अपने फ्लैट दिलाने की मांग कर रहे हैं। माना जा रहा है कि सरकार रुके हुए प्रोजेक्ट को पूरा कर घर खरीदारों को बड़ी राहत दे सकती है। 28 फीसदी घटी है घरों की बिक्री ब्रोकरेज कंपनी एनारॉक की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच साल के दौरान घरों के दाम में सात फीसदी का मामूली इजाफा हुआ है, जबकि इस दौरान इनकी मांग 28 फीसदी घटी है। इसी तरह घरों की आपूर्ति में इस दौरान 64 प्रतिशत की गिरावट आई है।
news news news