अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने ट्वीट करते हुए कहा कि बस अब पुष्टि की गई है कि अबू बक्र अल बगदादी के नंबर एक उत्‍तराधिकारी को अमेरिकी सैनिकों ने खत्‍म कर दिया है। सबसे अधिक संभावना के कारण उसे शीर्ष स्थान पर ले जाया गया होगा, अब वह भी मारा जा चुका है।
 

ट्रंप ने अपने ट्ववीट में किसी का नाम नहीं लिया है। जानकारी के अनुसार, ISIS मुखिया अबू बक्र अल-बगदादी मारे जाने के बाद के नए उत्तराधिकारी के रूप में अब्दुल्ला करदाश उर्फ हाजी अब्‍दुल्‍ला अल अफरी का भी नाम सामने आया था। अब्दुल्ला करदाश को ISIS में प्रोफेसर के नाम से भी जाना जाता है। ये भी बताया जा रहा है कि वो पहले से ही आईएस के तमाम तरह के कामों पर नजर रखता था और उसे कुछ खास फैसलों का अधिकार भी हासिल था।

 

बगदादी कई बीमारियों से ग्रसित था, ऐसे में अब्‍दुल्‍ला कार्दिश ही इन दिनों आतंकी संगठन की देखरेख करता था। एक रिपोर्ट के अनुसार कि कार्दिश  पूर्व इराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन के लिए सेना में काम करता था। अब बगदादी किसी भी ऑपरेशन में हिस्सा नहीं लेता था बल्कि आदेश देता था और कार्दिश ही आतंकी मनसूबों को अंजाम देता था। अगस्त में एक हवाई हमले में घायल होने के बाद उसने कमान कार्दिश को सौंप दी थी।

 

मारे जा चुके दाएं-बाएं हाथ

अमेरिकी हवाई हमलों में बगदादी के सारे प्रमुख सिपहसलार मारे जा चुके हैं। इनमें इस्लामिक स्टेट स्टेट के प्रवक्ता अबू अल हसन अल मुहाजिर, अबू उमर अल शिशनी, अबू मुस्लिम अल तुर्कमानी, अबू अली अल-अनबारी, अबू सैयाफ और संगठन के प्रवक्ता अबू मोहम्मद अल अदनानी शामिल हैं। साम्राज्य का विस्तार इस्लामिक स्टेट 2016 में अपने शीर्ष पर थी। तब इसका साम्राज्य उत्तरी सीरिया से लेकर टिगरिस और यूफेरेट्स नदी घाटियों होते हुए बगदाद के बाहर तक फैला था।

 

दुनिया भर में हमले

समूह ने दुनिया के दर्जनों शहरों पर खुद की विचारधारा से प्रेरित हमले करवाने का दावा किया है। इनमें पेरिस, नीस, ओरलैंडो, मानचेस्टर, लंदन, बर्लिन शामिल थे। तुर्की, ईरान, सऊदी अरब और मिस्त्र के शहर तो हमेशा इसके निशाने पर ही रहते थे।

खतरा टला नहीं

दुनिया भले ही यह दावा करे कि उसने बगदादी को खत्म करके उसके छद्म साम्राज्य को नेस्तनाबूद कर दिया है। समूह में युवाओं की भर्तियों के चैनल को तोड़ दिया गया है या लड़ाकों को दूसरे देशों में हमले के लिए प्रशिक्षित करने में मददगार तंत्र और बुनियादी सुविधाओं को ध्वस्त कर दिया गया हो, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस विचारधारा का इतनी आसानी से अंत नहीं होने वाला है। माना जाता है कि इसके स्लीपर सेल पूरी दुनिया में तैनात हैं। इसके कई लड़ाके छापामार युद्ध रणनीति अपनाने लगे हैं।

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बगदादी के उत्‍तराधिकारी को भी अमेरिकी सेना ने मार डाला, डोनाल्‍ड ट्रंप ने की पुष्टि

बगदादी के उत्‍तराधिकारी को भी अमेरिकी सेना ने मार डाला, डोनाल्‍ड ट्रंप ने की पुष्टि

Tue 29 Oct 19  8:32 pm


वाशिंगटन, । अमेरिकी सेना ने अबू बक्र अल-बगदादी के नंबर एक उत्‍तराधिकारी को भी मार डाला है। इसकी पुष्टि अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने की है। 

 
अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने ट्वीट करते हुए कहा कि बस अब पुष्टि की गई है कि अबू बक्र अल बगदादी के नंबर एक उत्‍तराधिकारी को अमेरिकी सैनिकों ने खत्‍म कर दिया है। सबसे अधिक संभावना के कारण उसे शीर्ष स्थान पर ले जाया गया होगा, अब वह भी मारा जा चुका है।
 

ट्रंप ने अपने ट्ववीट में किसी का नाम नहीं लिया है। जानकारी के अनुसार, ISIS मुखिया अबू बक्र अल-बगदादी मारे जाने के बाद के नए उत्तराधिकारी के रूप में अब्दुल्ला करदाश उर्फ हाजी अब्‍दुल्‍ला अल अफरी का भी नाम सामने आया था। अब्दुल्ला करदाश को ISIS में प्रोफेसर के नाम से भी जाना जाता है। ये भी बताया जा रहा है कि वो पहले से ही आईएस के तमाम तरह के कामों पर नजर रखता था और उसे कुछ खास फैसलों का अधिकार भी हासिल था।

 

बगदादी कई बीमारियों से ग्रसित था, ऐसे में अब्‍दुल्‍ला कार्दिश ही इन दिनों आतंकी संगठन की देखरेख करता था। एक रिपोर्ट के अनुसार कि कार्दिश  पूर्व इराकी तानाशाह सद्दाम हुसैन के लिए सेना में काम करता था। अब बगदादी किसी भी ऑपरेशन में हिस्सा नहीं लेता था बल्कि आदेश देता था और कार्दिश ही आतंकी मनसूबों को अंजाम देता था। अगस्त में एक हवाई हमले में घायल होने के बाद उसने कमान कार्दिश को सौंप दी थी।

 

मारे जा चुके दाएं-बाएं हाथ

अमेरिकी हवाई हमलों में बगदादी के सारे प्रमुख सिपहसलार मारे जा चुके हैं। इनमें इस्लामिक स्टेट स्टेट के प्रवक्ता अबू अल हसन अल मुहाजिर, अबू उमर अल शिशनी, अबू मुस्लिम अल तुर्कमानी, अबू अली अल-अनबारी, अबू सैयाफ और संगठन के प्रवक्ता अबू मोहम्मद अल अदनानी शामिल हैं। साम्राज्य का विस्तार इस्लामिक स्टेट 2016 में अपने शीर्ष पर थी। तब इसका साम्राज्य उत्तरी सीरिया से लेकर टिगरिस और यूफेरेट्स नदी घाटियों होते हुए बगदाद के बाहर तक फैला था।

 

दुनिया भर में हमले

समूह ने दुनिया के दर्जनों शहरों पर खुद की विचारधारा से प्रेरित हमले करवाने का दावा किया है। इनमें पेरिस, नीस, ओरलैंडो, मानचेस्टर, लंदन, बर्लिन शामिल थे। तुर्की, ईरान, सऊदी अरब और मिस्त्र के शहर तो हमेशा इसके निशाने पर ही रहते थे।

खतरा टला नहीं

दुनिया भले ही यह दावा करे कि उसने बगदादी को खत्म करके उसके छद्म साम्राज्य को नेस्तनाबूद कर दिया है। समूह में युवाओं की भर्तियों के चैनल को तोड़ दिया गया है या लड़ाकों को दूसरे देशों में हमले के लिए प्रशिक्षित करने में मददगार तंत्र और बुनियादी सुविधाओं को ध्वस्त कर दिया गया हो, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस विचारधारा का इतनी आसानी से अंत नहीं होने वाला है। माना जाता है कि इसके स्लीपर सेल पूरी दुनिया में तैनात हैं। इसके कई लड़ाके छापामार युद्ध रणनीति अपनाने लगे हैं।

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