बजरी परिवहन  रोकने गए पुलिस दल से मारपीट कर घसीटा,

बजरी परिवहन रोकने गए पुलिस दल से मारपीट कर घसीटा,

Sat 15 Jun 19  6:37 am


टोंक/दूनी (हरि शंकर माली) । टोक जिले के निवाई उपखण्ड़ के गांव मुखिया में बजरी परिवहन कर जाते ट्रक को पकड़ने आई निवाई शहर थाना पुलिस को मुड़िया बाढ़ गांव में खनन माफियाओं व ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी करते हुए मारपीट कर डाली। लिहाजा पुलिसकर्मियों को जैसे-तैसे भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। दरअसल ये घटना शुक्रवार की है। ललवाड़ी गांव के स्थानीय लोगों ने अवैध बजरी परिवहन की शिकायतनिवाई थाना पुलिस से की थी। इस पर निवाई थाने के थाना प्रभारी बी एल मीणा समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मी ललवाड़ी गांव में बजरी भरकर आ रहें ट्रक पकड़ने पहुंच गए। पुलिसकर्मी बजरी से भरी ट्रक का पीछा करते हुए निवाई सदर थाना क्षेत्र के गांव मुड़िया बाढ़ में आ गए। जहां उन्होंने बजरी के वाहनों को पकड़ लिया, लेकिन इस बीच बजरी खनन परिवहन से जुड़े लोग व ग्रामीण आ गए। उन्होंने पुलिसकर्मियों को घेर लिया। इस बीच काफी देर तक गहमागहमी रही।यहां बजरी माफियो ने महिलाओं के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों के साथ बदसलुकी की तथा मारपीट की। इनमें सादा वर्दी वाले पुलिसकर्मियों को तो ग्रामीणों ने पकडकऱ घसीट दिया। बाद में पुलिसकर्मी जैसे-तैसे बचकर भाग निकले। उक्त घटना का वीडियो शुक्रवार शाम से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हालांकि मामले सुचना पर स्थानीय सदर थाना पुलिस मोके पर पहुँचीं मारपीट में निवाई थाना प्रभारी सहित इन पुलिस कांस्टेबल घायल हो गए कॉन्स्टेबल रूपनारायण पुत्र सावल राम कांस्टेबल जितेंद्र कुमार मीणा पुत्र हरिकेश मीणा कजोड़ पुत्र मोहनलाल घायल हो गए जिनका इलाज निवाई चिकित्सालय में चल रहा है वहीं हमलावर मौके से फरार हो गए पुलिस ने मौके पर ट्रक जप्त कर लिया तथा मामला दर्ज कर अपराधियों को पकड़ने का सर्च अभियान चलाया है *सरकारी कारिंदे पनपा रहे थे बजरी माफिया* हमारे संवाददाता ने कई बार पुलिस अधिकारीयो को अवैध बजरी परिवहन कर जाते वाहनों का सैंकड़ों वीडियो व्हाट्सएप पर उपलब्ध करवाएं तथा सूचना दी कि हमारे यहां से सैंकड़ों वाहन रोजाना गुजर रहे हैं लेकिन अधिकारियों की तरफ से एक ही जवाब आया कि आप खनन विभाग को सूचित करें पुलिस का काम केवल बजरी माफियाओं को पकड़ने का ही थोड़ी है हमारे पास अन्य और भी सैकड़ों काम है कार्यवाही नहीं होने के कारण बजरी माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हो गए की वह आए दिन बेहिचक सैकड़ों की तादाद में गांव के बीच तेज गति से वाहन निकाल कर निकलते हैं जिससे ग्रामीणों में जान का भय बना रहता है *बड़ागांव में लगे पुलिस का नाका तो रोजाना हजारों माफियाओं पर कसी जाए नकेल* दतवास पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव बड़ा गांव में बजरी परिवहन रोकथाम के लिए पुलिस का स्थाई नाका लगा दिया जाए तथा 24 घंटे वहां पर पुलिस का एक या दो जवान तैनात कर दी जाए तो हजारों वाहन रोजाना रुक सकते हैं हमारे संवाददाता के अनुसार बड़ागांव से निवाई शहर पुलिस थाना 30 किलोमीटर दूर है वहीं दतवास पुलिस थाना 15 किलोमीटर दूर है यहां पुलिस की गश्त कभी कबार होती है इस कारण बजरी माफियाओं का केंद्र बना हुआ है बड़ागांव से माफिया दतवास पुलिस थाना क्षेत्र निवाई पुलिस थाना क्षेत्र की सीमा का फायदा उठाकर रोजाना हजारों की संख्या में परिवहन कर रहे हैं लेकिन पुलिस अधिकारी जानबूझकर यहां किसी प्रकार से बजरी परिवहन रोकथाम का इंतजाम नहीं करते इससे जाहिर होता है कि कहीं ना कहीं यह पुलिस के लिए चांदी कूटने का केंद्र बिंदु है *पूर्व में भी निवाई उपखंड अधिकारी पर हो चुका है हमला* फरवरी महीने में रंभा गांव में बजरी परिवहन पर कार्रवाई करने पहुंचे निवाई उपखण्ड़ अधिकारी अमिताभ आदित्य पर जानलेवा हमला हुआ था आनन-फानन में पुलिस ने हमलावरों को गिरफ्तार भी कर लिया था तथा सलाखों के पीछे भी भेज दिया गया था लेकिन माफिया जमानत पर रिहा हो गए ऐसे में आजकल बजरी माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि किसी पर भी जानलेवा हमला कर सकते हैं
news news news