बाघ एस टी-16 की मौत की सीबीआई से जांच की मांग

Sat 15 Jun 19  5:12 pm


भीलवाड़ा (हलचल) । बाघों के लिए प्रख्यात राष्ट्रीय पार्क सरिस्का मंे बाघ एसटी 16 की मौत अधिकारियों की घोर लापरवाही के चलते हुई। बाघ को बेहोश करने के नाम पर एक के बाद एक ट्रंकुलाईजर इंजेक्शन दिया गया, जो बाघ के लिए घातक साबित हुआ। सरिस्का मंे पिछले एक वर्ष मेें 4 बाघो की मौत जिम्मेदार अधिकारिंयों की लापरवाही का कारण है।
    पीपुल फाॅर एनीमल्स के प्रदेश प्रभारी बाबूलाल जाजू ने सरिस्का मेें बाघ एसटी-16 की मौत की टाईगर प्रोजेक्ट चेयरमैन नरेन्द्र मोदी से सीबीआई से जांच की मांग करते हुए कहा कि सरिस्का मंे पिछले एक वर्ष मंे 4 बाघों की मौत हो चुकी है। किसी भी अधिकारी को बाघों की मौत का जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है एवं मृत बाघों का पोस्टमार्टम कर खानापूर्ति की जा रही है। जाजू ने कहा कि 25 वर्ष पूर्व यहां 35 बाघ सरिस्का मंे अपनी उपस्थिति दर्ज कराते थे। अधिकारियों के गैर जिम्मेदारीपूर्ण  रवैये से बाघों की संख्या कुछ वर्ष पूर्व नगण्य हो गई थी। रणथंभोर से लगातार बाघ-बाघिनों को सरिस्का में छोड़ा गया। सरिस्का मेें व्यवस्था के नाम पर करोड़ो रूपये भी खर्च करने के बावजूद बाघ-बाघिनों की संख्या बढ़ने का नाम नहीं ले रही है। जाजू ने बताया कि यहां अधिकारियों के हिसाब से 8 शावक बताये जा रहे हैं जिसमें 3 शावक लापता है व 5 शावक जीवित माने जा रहे हैं। जीवित बाघों मंे एस टी 6 कई बार घायल हो चुका है और वृद्ध होने से इसकी स्थिति गंभीर है। सरिस्का में पहले बाघ एस टी 4 व एस टी 11 की मौत हुई। एस टी 11 को फंदा लगाकर शिकार किया गया था जबकि बाघिन एस टी 5 फरवरी 2018 से लापता होने के बाद 2018 मेें मृत घोषित की गई थी, इसके बाद अप्रेल 2019 मे सरिस्का मेें जन्मे 3 शावकों के लापता होने और मौत होने की आशंका की खबरे आई है। नर बाघों की मौत से सरिस्का मेें बाघ-बाघिन का अनुपात गड़बड़ा गया है। यहां 8 बाघिनों पर 3 बाघ रह गये हैं।

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