बापूनगर दिगम्बर जैन मंदिर नव निर्माण का शिलान्यास 28 को

बापूनगर दिगम्बर जैन मंदिर नव निर्माण का शिलान्यास 28 को

Thu 27 Jun 19  5:19 pm


भीलवाड़ा  (हलचल)  पुर रोड स्थित बापूनगर की बसावट लगभग 35 साल पूर्व हुई, उस समय यहां दिगम्बर जैन समाज के  परिवार नामात्र के थे, देव दर्षन के लिए शहर में आना पडता था। 

कुछ समय पश्चात कुछ परिवार ओर बढ कर 10-11 हुए, पी सी सेठी, प्रकाश पाटनी, ताराचन्द झांझरी, एवं नेमीचन्द जैन ने प्रतिष्ठित प्रतिमा लाने के प्रयास शुरू किये। काफी प्रयास के बाद नसीराबाद के एक श्रेैष्ठीजन के सुझाव पर अजमेर में बाबाजी की नसीया के पदाधिकारियों से सम्पर्क कर चैतालय शुरू करने हेतु प्रतीमा देने का आग्रह किया। उन्होने भी सहजता से बहुत पुरानी पाषाण से निर्मित भगवान आदिनाथ की सुन्दर प्रतीमा देने की स्वीकृृति देदी। प्रतीमा लेकर नसीराबाद से पुजन के बर्तन व शास्त्र लेकर भीलवाडा आ भादवा सुदी पंचमी 25.8.1990 को विधि विधान पूर्वक मार्बल की वेदी  पर श्रीजी को विराजमान कर अभिषेक शांतिधारा व विधान कर देवदर्शन प्रारम्भ कियें। 

कुछ समय बाद सदस्यों के ओर बढने  पर 1990 में ही श्री चन्द्र प्रभु दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट की स्थापना कर इसे रजिस्टर्ड कराया।  ट्रस्ट की स्थापना के बाद मंदिर व अन्य सामाजिक कार्यो हेतु न्यास से जमीन लेने की कार्यवाही प्रारम्भ कर 900 वर्गगज जमीन इस हेतू आवंटन करवायी।  उपरोक्त कार्यो हेतु  भूखण्ड अपर्याप्त होने से पुनः पास ही खाली भूखण्ड न्यास से लेने हेतु कार्यवाही कर 1100 वर्गगज भूमि ओर प्राप्त की। 

इस 2000 वर्गगज जमीन की प्राप्ति के बाद 21.9.2000 को मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज के आर्शींवाद व सानिध्य में मंदिर निर्माण का शिलान्यास हुआ ओर एक छोटा हाॅल बना कर पुराने मंदिर से प्रतीमाओं को लाकर वेदी प्रतिष्ठा समारोह ज्येष्ठ शुक्ला दषमी 1.6.2001  को प्रातः 10.15 को श्रीजी को नई वेदी पर विराजमान किया। तब से आज तक इसी मंदिर में देव दर्शन हो रहे हैं। समाज के कुछ ओर परिवार बढने पर संत निवास का निर्णय कर 24.9.2006 को शिलान्यास कर निर्माण किया गया। इस क्रम में मुनि श्री विनिश्चय सागर जी महाराज के सानिध्य में मंदिर परिसर में 10.1.2008 को कुन्द कुन्द स्वामी की प्रतीमा स्थापित हुई। जो एक छतरी स्वरूप में हैं। 

अब आज समाज के परिवारों  की संख्या 40 हो चुकी हेैं। अब सभी ने नये मंदिर निर्माण की भावना व्यक्त करी हैं इससे प्रेरित होकर नये मंदिर निर्माण हेतु प्रयास शुरू हुए। इसे  संयोग कहा जायेगा सन 2000 में शिलान्यास में मुनि पंुगव श्री सुधा सागर जी महाराज के सानिध्य में हुआ था ओर आज भी इन्ही के आर्शींवाद व सानिध्य में इस नव निर्माण का शिलान्यास 28.6.2019 को होने जा रहा हैं। 

यह मुनि श्री का ही प्रभाव हैं कि भीलवाडा में पंचकल्याणक में आगमन पर इस मंदिर नव निर्माण के भाव जागृृत हुए ओर सभी समाज जनों ने  मुनिश्री से  दिगम्बर जैन मंदिर आर के कालोनी, में प्रवचन के दौरान इस हेतू श्रीफल भेंट कर आर्शींवाद पा निवेदन किया। तब उन्होने प्रवचन में उपस्थित सभी समाजजनों से हाथ खडे करा सहयोग व सहमति  ले स्वयं की इस शिलान्यास हेतु स्वीकृृति प्रदान की। यह शिलान्यास 28 जून, 2019 को  प्रातः मुनि श्री सुधा सागर जी महाराज के सानिध्य में होने जा रहा हैं। नव निर्माण हेतु वर्तमान में ट्रस्ट के अध्यक्ष एल के जैन का प्रयास व सहयोग सराहनींय रहा हैं। 

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