राजसमंद (राव दिलीप सिंह)जिले के आमेट उपखंड क्षेत्र के वरजाल गांव निवासी जगदीश चंद्र पिता  मिढा लाल बलाई कम आयु में   ही किडनी व मस्तिष्क बिमारी  का शिकार हो कर इलाज को तरस रहा।
समाज के मोहन लाल सालवी ने बताया कि  एक ऐसे असहाय बालक जगदीश चन्द्र बलाई  के पिता मिठु लाल बाल्यकाल में ही  रतनी (4), जगदीश (डेड बर्ष), हेमराज (तीन माह) तीन संतानों को  छोड़  कर चलबसे । पिता की मृत्यु के उपरान्त ही तीन संतानों को छोड़  माता सोशर देवी  ने भी नाता विवाह कर लिया । लावारिश हालत में पल पढ़ कर अपने पैरों पर खड़े होने लगा ही था कि घातक बीमारी ने जगदीश को अपना शिकार बना लिया ।अध्यापक गणपत लाल ने बताया कि होनहार छात्र जगदीश ने  जैसे तेसे  आमेट  छात्रावास में रहते हुए बारवीं उत्तीर्ण कर बीए पढ़ाई व आई टी आई  की  बहिन रतनी ने बताया कि गुजराज प्रान्त के मेहसाणा  स्थित मारूति सुजुकी कंपनी में नौकरी लगने से वहां चला गया  । नौकरी लगने के मात्र चार माह ही हुए की अचानक बिमार होने  पर  बेहोशी की हालत में  शंकूस होस्पीटल में भर्ती करवाया गया 25दीन बाद होस में आया पर   हालत में सुधार नहीं होने व रूपयों के अभाव  में महाराणा भोपाल चिकित्सालय उदयपुर, किडनी केयर हॉस्पिटल उदयपुर, पेसिफिक हॉस्पिटल उदयपुर में भामाशाह योजना के तहत ईलाज चल रहा था । भामाशाह योजना खत्म होते ही हॉस्पिटल ने दी  छुट्टी ।बहिन रतनी ने बताया कि  मात्र ₹8 कम पड़ जाने पर भी दया नहीं आई हॉस्पिटल प्रशासन को और जमा करवाने ही  पड़े।
बिन मां बाप के भाई के लिए बहिन रतनी मदद की गुहार लगाते हुए भाई के ईलाज हेतु झोली फैला कर मदद की अपील कर रही है ।
खाता पिडीत के नाम पर है = Jagdish Chandra balai
शाखा= MEHSANA [ GJ ]
बैंक नाम= Axic bank
बैंक अकाउंट नं= 919010030006391
आईएफसी कोड= UTIB0000130  
मदद कि गुहार :-गरीबी की हालत में जगदीश को उचित इलाज मुहैया नहीं हो पा रहा है। इसकी मदद को लेकर दानवीरों को  को आगे आना चाहिए :-जस्वंत सिंह राव -पुर्व छात्रावास अधीक्षक -समाज कल्याण विभाग राजसमंद।
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बिन मां -बाप का लाल , जगदीश तरस रहा इलाज को

बिन मां -बाप का लाल , जगदीश तरस रहा इलाज को

Tue 29 Oct 19  1:32 pm


राजसमंद (राव दिलीप सिंह)जिले के आमेट उपखंड क्षेत्र के वरजाल गांव निवासी जगदीश चंद्र पिता  मिढा लाल बलाई कम आयु में   ही किडनी व मस्तिष्क बिमारी  का शिकार हो कर इलाज को तरस रहा।
समाज के मोहन लाल सालवी ने बताया कि  एक ऐसे असहाय बालक जगदीश चन्द्र बलाई  के पिता मिठु लाल बाल्यकाल में ही  रतनी (4), जगदीश (डेड बर्ष), हेमराज (तीन माह) तीन संतानों को  छोड़  कर चलबसे । पिता की मृत्यु के उपरान्त ही तीन संतानों को छोड़  माता सोशर देवी  ने भी नाता विवाह कर लिया । लावारिश हालत में पल पढ़ कर अपने पैरों पर खड़े होने लगा ही था कि घातक बीमारी ने जगदीश को अपना शिकार बना लिया ।अध्यापक गणपत लाल ने बताया कि होनहार छात्र जगदीश ने  जैसे तेसे  आमेट  छात्रावास में रहते हुए बारवीं उत्तीर्ण कर बीए पढ़ाई व आई टी आई  की  बहिन रतनी ने बताया कि गुजराज प्रान्त के मेहसाणा  स्थित मारूति सुजुकी कंपनी में नौकरी लगने से वहां चला गया  । नौकरी लगने के मात्र चार माह ही हुए की अचानक बिमार होने  पर  बेहोशी की हालत में  शंकूस होस्पीटल में भर्ती करवाया गया 25दीन बाद होस में आया पर   हालत में सुधार नहीं होने व रूपयों के अभाव  में महाराणा भोपाल चिकित्सालय उदयपुर, किडनी केयर हॉस्पिटल उदयपुर, पेसिफिक हॉस्पिटल उदयपुर में भामाशाह योजना के तहत ईलाज चल रहा था । भामाशाह योजना खत्म होते ही हॉस्पिटल ने दी  छुट्टी ।बहिन रतनी ने बताया कि  मात्र ₹8 कम पड़ जाने पर भी दया नहीं आई हॉस्पिटल प्रशासन को और जमा करवाने ही  पड़े।
बिन मां बाप के भाई के लिए बहिन रतनी मदद की गुहार लगाते हुए भाई के ईलाज हेतु झोली फैला कर मदद की अपील कर रही है ।
खाता पिडीत के नाम पर है = Jagdish Chandra balai
शाखा= MEHSANA [ GJ ]
बैंक नाम= Axic bank
बैंक अकाउंट नं= 919010030006391
आईएफसी कोड= UTIB0000130  
मदद कि गुहार :-गरीबी की हालत में जगदीश को उचित इलाज मुहैया नहीं हो पा रहा है। इसकी मदद को लेकर दानवीरों को  को आगे आना चाहिए :-जस्वंत सिंह राव -पुर्व छात्रावास अधीक्षक -समाज कल्याण विभाग राजसमंद।
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