भारत ने मालदीव को राष्ट्रमंडल में फिर से शामिल करने का किया आह्वान

भारत ने मालदीव को राष्ट्रमंडल में फिर से शामिल करने का किया आह्वान

Thu 11 Jul 19  6:52 pm


लंदन / भारत ने लंदन में आयोजित विदेश मंत्रियों की बैठक में मालदीव को राष्ट्रमंडल में फिर से शामिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आह्वान किया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मार्लबोरो हाउस में बुधवार को आयोजित बैठक में विभिन्न मुद्दों पर संबोधन दिया.

उन्होंने इसके साथ ही ब्रिटेन की अपनी यात्रा के दौरान वहां के विदेश मंत्री जेरेमी हंट से द्विपक्षीय वार्ता भी की. बातचीत के बाद जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, विदेश मंत्री ने मालदीव को राष्ट्रमंडल में फिर से शामिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आह्वान किया. मालदीव गणराज्य ने 53 सदस्यीय संगठन से अपने संबंध 2016 में तोड़ लिये थे औैर पिछले वर्ष देश के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के नेतृत्व में इसमें फिर से शामिल होने के लिए आवेदन किया था. विदेश मंत्रियों की बैठक राष्ट्रमंडल की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर लंदन में हुई थी. इस बैठक में गत वर्ष अप्रैल में राष्ट्रमंडल देशों के प्रमुखों की बैठक (कॉमनवेल्थ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट मीटिंग-चोगम) में पारित प्रस्तावों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गयी.

इसके साथ ही इसमें अगले वर्ष होने वाली चोगम पर भी चर्चा की गयी. यह बैठक जून 2020 में रवांडा की राजधानी किगाली में होगी. आधिकारिक बयान के अनुसार, विदेश मंत्री ने राष्ट्रमंडल की 70वीं वर्षगांठ पर सदस्य देशों को बधाई दी. उन्होंने इसके साथ ही यह उल्लेख भी किया कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चोगम 2018 में की गयी सभी प्रतिबद्धताओं को चोगम 2020 से काफी पहले पूरा करने के मार्ग पर है. राष्ट्रमंडल सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने 70वीं वर्षगांठ के घोषणापत्र को पारित किया और बोर्ड ऑफ गवर्नेंस द्वारा पेश सिफारिशों पर सहमति जतायी जिसे दो उच्च स्तरीय समूहों की रिपोर्टों पर चर्चा के बाद तैयार किया गया है. भारत सरकार के बयान में कहा गया है, मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत का शामिल होना उसके द्वारा राष्ट्रमंडल को दिये जाने वाले महत्व की प्रतिपुष्टि करता है.

जयशंकर ने ब्रिटेन की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान आॅस्ट्रेलिया और कनाडा के विदेश मंत्रियों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठक की. उन्होंने इसके साथ ही राष्ट्रमंडल बैठक के इतर बांग्लादेश के विदेश मंत्री के साथ भी विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की. विदेश मंत्री जयशंकर ने हंट के साथ भी बातचीत की. इस दौरान दोनों मंत्रियों ने भारत-ब्रिटेन के द्विपक्षीय संबंधों पर ध्यान केंद्रित करने पर सहमति जतायी. विदेश मंत्री ने इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की कोएलिशन ऑफ डिजास्टर रिसिलिएंट इंफ्रास्ट्रचर (सीडीआरआई) निर्माण पहल का समर्थन करने के लिए ब्रिटेन की सरकार की प्रशंसा की. जयशंकर की यात्रा गुरुवार को समाप्त हुई. उन्होंने अपनी इस यात्रा के दौरान कई ब्रिटिश सांसदों एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ चर्चा की.

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