भारत से अच्छा कोई पवित्र भू-भाग नही- सुधासागर महाराज

Mon 17 Jun 19  7:42 pm


भीलवाडा (हलचल) । हमारा जन्म भारत जैसे महान देश में हुआ है लेकिन हम उसकी कीमत नही समझ पा रहे है। पूर्व भवों में हमने विश्व के हर देश में जन्म लिया लेकिन भारत से अच्छा कोई पवित्र भू-भाग नही मिला, जहां महान आत्माओं ने जन्म लेकर समस्त प्राणियों के कल्याण की कामना की हो। जब तुम भारत की महानता को समझ जाओगे तो इस पवित्र भूमि की शक्ति छाया बनकर तुम्हारी रक्षा करेगी। यह बात जगत पुज्य मुनि पुंगव 108  सुधासागर  महाराज ने आज प्रातः आर के कॉलोनी दिगम्बर जैन मंदिर में मंगल प्रवचन के दौरान कही। उन्होंने कहाकि हमारा दुर्भाग्य है कि अच्छी-अच्छी वस्तुएं पाकर भी हम अच्छे नही बन पाते, हमारे चारों ओर पवित्र आत्माओं की वाणी की शक्ति रहती है, फिर भी हम अपने आपको पवित्र नही कर पाये। क्योंकि हम यह नही समझ पा रहे है कि पवित्र आत्माओं के उपदेश हमारे लिये है, भगवान के लिए नही। मंदिर हमारे लिये है, भगवान  के लिए नही ।हम उन विद्यार्थियों के समान है जो अपने कोर्स को भी नही जान पाते है। एक बार यह बात समझ में आ जायेगी तो हम आत्म कल्याण के मार्ग पर चल पडेगे।

इससे पूर्व प्रातः 7 बजे सुधासागर महाराज ने ससंघ सुभाषनगर मंदिर से विहार कर आर के कॉलोनी मंदिर में मंगल प्रवेश किया। श्रावकों ने स्वागत में 51 स्वागत द्वार बनाये, जहां महाराज का पादपक्षालन किया गया। मंदिर पहुँचने पर आदिनाथ महिलामण्डल की सदस्याओं ने मंगल कलश से अगवानी की, ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने पादपक्षालन किया। सुधासागर महाराज के सानिध्य में अभिषेक के बाद नरेश, नितिन, पीयूष गोधा ने मूलनायक प्रतिमा पर एवं केशवलाल सुभाष हुमड, नेमीचन्द सोनी, नेमीचन्द संतोष जैन मानपुरा वाले एवं अरविन्द कुमार अक्षय कुमार ललितपुर वालों ने अन्य प्रतिमाओं पर शांतिधारा की।
सायं आयोजित शंका समाधान में सुधासागर महाराज ने श्रावक-श्राविकाओं की विभिन्न शंका/ जिज्ञासाओं का समाधान किया। इसके बाद आगामी पंचकल्याणक में भगवान के माता-पिता बने पदमकुमार चन्द्रकान्ता चौधरी की गौद भराई की गई।
आर के कॉलोनी मंदिर
सुधासागर महाराज ने कहाकि भक्तामर के काव्यों पर आधारित चित्रण मार्बल में लगाने के बाद आर के कॉलोनी मंदिर बहुत सुन्दर हो गया है, मैंने तो 2008 में जब परिकल्पना की थी तब ही आनन्द में डुब गया था, आर के कॉलोनी वालों ने मेरी परिकल्पना को साकार किया है। मेरी भावना है कि इस मंदिर का बाहर का सौन्दर्य भी ओर निखरे एवं यह मंदिर अकृत्रिम चैत्यालय जैसा बने।
महाराज ने कहाकि जैसा कि अध्यक्ष नरेश गोधा ने बोला इस मंदिर में एक-एक ईंट भी मेरे आर्शिवाद एवं निर्देशन से ही लगी है, तभी तो इस मंदिर में इतनी ऊर्जा है। ऊर्जा समर्पण से ही आती है।
आर्शीवाद
आज मैं, एक ओर आर्शीवाद मेरे भक्तो को देना चाहता हूँ कि हर भक्त का मरण हो तो इसी मंदिर में हो, भगवान के सामने हो, णमोकार की माला जपते हुए हो या अभिषेक करते हुए हो। यह भावना एक दिन तुम्हे जन्म मृत्यु के बंधन से मुक्त कर मोक्ष की ओर ले जायेगी।
लोकार्पण
सचिव अजय बाकलीवाल ने बताया कि मंगलवार प्रातः सुधासागर महाराज ससंघ सानिध्य में नवनिर्मित औषधालय (फिजियोथिरेपी) एवं सुधासन्त निवास का लोकार्पण प्रेमचन्द अंजनादेवी, जम्बू कुमार, दिलसुख राय, ललितकुमार, मनोजकुमार भैंसा परिवार की ओर से किया जाएगा।

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