भीलवाड़ा अरबन बैंक में ढाई करोड़ का गबन, एक साल बाद भी नहीं हो पाई बरामदगी

भीलवाड़ा अरबन बैंक में ढाई करोड़ का गबन, एक साल बाद भी नहीं हो पाई बरामदगी

  2020-01-14 04:35 pm


भीलवाड़ा (हलचल) भीलवाड़ा अरबन कॉ-ऑपरेटिव बैंक में कैशियर द्वारा एक साल पहले किये गये 2 करोड़ 51 लाख रूपये के घोटाले में पुलिस एक ढेला भी बरामद नहीं कर पाई लेकिन बैंक को बीमित राशि भी अब तक नहीं मिल पाई है। बैंक ने केशियर को तो बर्खास्त कर दिया लेकिन सहयोगी अब भी जांच के दायरे में है।
भीलवाड़ा अरबन को-ऑपरेटिव बैंक  में 14 सालों से कार्य कर रहे कैशियर जयपुर निवासी राजेश कुमार शर्मा द्वारा 2 करोड़ 51 लाख रुपए का गबन करने के मामले में बैंक ने शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार तो कर लिया लेकिन उससे गबन की गई एक रुपए की राशि भी बरामद नहीं हो पाई। इस मामले में बैंक के कुछ और कर्मचारी भी संदेह के दायरे में है। इनमें से एक के खिलाफ बैंक अब भी जांच कर रही है। कैशियर को पहले ही बर्खास्त किया जा चुका है। लोगों में इस बात की चर्चा है कि एक साल बाद भी ढाई करोड़ में से एक रुपए की बरामदगी नहीं हो पाई और न ही इस मामले में पुख्ता जांच हो पाई। अकेला बैंक केशियर इतनी बड़ी राशि का गबन नहीं कर सकता। लम्बे समय से राशि गायब करने की बात जांच पड़ताल में सामने आई लेकिन बीच में कार्य संभालने वाले केशियर और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों को भी इसकी भनक नहीं लगी। ऐसा संभव नहीं हो सकता। 
बैंक प्रबंधक धमेन्द्र वर्मा ने बताया कि गबन की गई राशि का बीमा क्लेम किया गया लेकिन अभी क्लेम नहीं मिला है और मामला विचाराधीन है। 
ये था मामला
दिसम्बर 2018 में शनिवार को एक ग्राहक ने शिकायत दर्ज करवायी कि उसके नोट चैंज करवाने पर 54 हजार रूपये कम आये है। इस पर हमने सोमवार सुबह को बैंक खुलने के साथ कैशियर शर्मा को इसके बारे में बताया गया और उसे कैश वेरिफेकशन करवाने के लिए निर्देशित किया गया। इसके बाद कैशियर सोमवार को दोपहर में ही बैंक से चला गया। हमने जब सोमवार शाम को कैश वेरिफेक्शन किया तो बैंक में 2 करोड़ 51 लाख रूपये कम मिले। हमने कैशियर राजेश कुमार शर्मा के खिलाफ सिटी कोतवाली में मामला दर्ज करवाया है। वहीं रोजना कैश वेरिफेक्शन करने वाले कर्मिर्यों के खिलाफ भी बैंक प्रशासन कार्यवाही करेगा। एक सवाल के जवाब में वर्मा ने यह भी बताया कि कैशियर शर्मा 10 रूपये के नोटों की गड्डी के आगे और पीछे 2 हजार रूपये के नोट लगाकर कैश वेरिफेक्शन करने आने वालों को गिना देता था। जिसके कारण उसके खिलाफ कभी भी कोई मामला ही नहीं उठा।

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