भीलवाड़ा हलचल न्यूज पोर्टल यात्रा के चार वर्ष पूरे: पाठकों का भरोसा ही हमारी ताकत

भीलवाड़ा हलचल न्यूज पोर्टल यात्रा के चार वर्ष पूरे: पाठकों का भरोसा ही हमारी ताकत

Sun 21 Jul 19  8:06 am


भीलवाड़ा में 27 वर्ष पूर्व समाज की हलचल के नाम से छोटा सा पाक्षिक समाचार पत्र शुरू किया था जो कई ऊंची नीची परिस्थितियों के बावजूद आपकी आवाज बना है और आज से चार साल पहले समाज की हलचल ने सोशल मीडिया में कदम रखते हुए भीलवाड़ा हलचल नाम से न्यूज पोर्टल शुरू किया जो आज पाठकों की ताकत के भरोसे वटवृक्ष बन चुका है। भीलवाड़ा ही नहीं आस पास के जिलों में भीलवाड़ा हलचल ने अपनी गहरी पेठ बनाई है। 

भीलवाड़ा हलचल ने प्रदेश के औद्योगिक नगरी से अपने सफर की शुरुआत की थी। लेकिन कुछ ही समय में भीलवाड़ा हलचल न्यूज पोर्टल ने प्रदेश स्तर अपनी जगह बना ली है। आज हलचल भीलवाड़ा के साथ-साथ चित्तौड़गढ़, राजसमंद, टौंक, अजमेर और बूंदी में सर्वाधिक पढ़ा जाता है। 

भीलवाड़ा हलचल न्यूज पोर्टल के पाठकों की संख्या तीन लाख से ऊपर निकल चुकी है।   केवल आधा दर्जन जिलों में ही नहीं अब प्रदेश की राजधानी और अन्य जिलों में भी इसे पाठकों ने खासा पसंद किया है। भीलवाड़ा हलचल न्यूज पोर्टल के अलावा वेबसाईड से भी लाखों पाठक जुड़े हुए है। जिन्होंने कई विकल्प होने के बावजूद हलचल के प्रति अपना स्नेह बनाये रखे हुए है।

 सामाजिक सरोकार हो या धार्मिक प्रवृति व या फिर अपराधिक घटना ही क्यों न हो भीलवाड़ा हलचल की पत्रकारिता हर क्षेत्र में पहचान बनी है। हाशिये पर छूट गये लोगों की आकांक्षाओं को हलचल ने हमेशा स्वर दिया है और अपने सामाजिक दायित्व को बखूबी निभाया है। हलचल नेे छोटे-छोटे गांवों की समस्याओं को उठाया जिनका समाधान भी हुआ है और यही वजह है कि आज गांव से लेकर ढाणी तक हलचल की पाठकों के बीच पैठ बनी हुई है।

 हम चाहते हैं कि प्रदेश में अक्सर विभिन्न स्थानों से बहू-बेटियों के खिलाफ हिंसा की खबरें आती हैं। उनके उत्पीडन, यहां तक कि जला देने और मार देने जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं। यह किसी भी सभ्य समाज के लिए चिंताजनक है। यह कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है। यह सामाजिक सरोकार का विषय है। यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि कैसे बेटों और मर्दों को महिलाओं के प्रति आदर का संस्कार दें।

हलचल की परंपरा रही है कि वह समाज के हर वर्ग की आवाज बने, जोर-शोर से उनके मुद्दे उठाये। हमें अपने पाठकों का नैतिक समर्थन हर बार मिला है। हम जानते हैं कि एक न्यूज पोर्टल  के लिए पाठकों का प्रेम ही उसकी बड़ी पूंजी होती है। हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि भीलवाड़ा हलचल ने सबसे अधिक घपले-घोटाले और जन समस्याएं उजागर की है और उसी रास्ते पर अन्य भी चले है।

 यह सच है कि मौजूदा दौर में खबरों की साख का संकट है। लेकिन आज भी न्यूज पोर्टल खबरों मंे सबसे प्रामाणिक हैं। आपने गौर किया होगा कि रोजाना सोशल मीडिया पर कितनी झूठी खबरें चलतीं हैं। ऐसा नहीं है कि न्यूज पोर्टलों में कमियां नहीं हैं। बाजार के दबाव में अन्य पोर्टल भी शहर में केंद्रित हो गये हैं। यह भी सच है कि समय के साथ पाठक वर्ग भी बदल गया है। हलचल को लेकर लोगों ने कई तरह की भ्रांतियां फैलाने का प्रयास भी किया है लेकिन पाठकों ने उन्हें नकार दिया है।  

यात्रा के इस अहम पड़ाव में भीलवाड़ा हलचल न्यूज पोर्टल पाठकों, विज्ञापनदाताओं, एजेंट और संवाददाता बंधुओं के साथ ही सहयोगियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता है। भीलवाड़ा हलचल को आप सबकी शुभकामनाओं की जरूरत है, ताकि हम अपने दायित्व को बखूबी निभाते रहें।

- सम्पादक: राजकुमार माली

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