2 दिन में नंबर हो जाएगा पोर्ट: MNP के नए नियम लागू होने के बाद यूजर्स बिना अपना नंबर बदले एक ऑपरेटर से दूसरे ऑपरेटर में पोर्ट कर पाएंगे। इसमें पहले के मुकाबले मात्र 2 दिन का समय लगेगा। अभी नंबर पोर्ट करने के लिए 7 दिन का समय लगता है। लेकिन नए नियमों के तहत यह समय 2 दिन हो जाएगा। अगर यह 7 दिन का समय 2 दिन हो जाता है तो टेलिकॉम सेक्टर में यह बड़ी उपलब्धि साबित होगी।

 

जानें क्या होती है MNP? मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सर्विस यूजर को बिना अपना मोबाइल नंबर बदले एक ऑपरेटर से दूसरे ऑपरेटर में पोर्ट करने का मौका देती है। इसके लिए यूजर को पोर्टिंग कोड जनरेट करना होता  है। यह यूनिक कोड ही उन्हें नंबर पोर्ट करने में मदद करता है। 

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मात्र 2 दिन में हो जाएगा नंबर पोर्ट, 16 दिसंबर से MNP के नए नियम होंगे लागू

Mon 11 Nov 19  9:16 am


नई दिल्ली। टेलिकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने MNP के लिए नई तारीख की घोषणा कर दी है। मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के नए नियम 16 दिसंबर से लागू कर दिए जाएंगे। जहां पहले MNके लिए एक हफ्ते का समय लगता था। वहीं, नए नियमों के लागू होने के बाद यह समय 2 दिन हो जाएगा। इससे पहले तक यह समय 5 से 7 दिन का था। आपको बता दें कि इससे पहले TRAI यह नियम 11 नवंबर को लागू करने वाला था।

जानें क्यों हुई थी नए नियम लागू होने में देरी: TRAI ने बताया था कि टेलिकॉम ऑपरेटर्स की तरफ से टेस्टिंग में कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जिसके चलते नए नियम लागू होने में देर हो रही है। TRAI चाहता है कि इन्हें लागू करने से पहले नियमों को अच्छे से टेस्ट किया जाएगा जिससे यूजर्स को किसी भी तरह की परेशानी को न झेलना पड़े। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए MNP सर्विस प्रोवाइडर्स और टेलिकॉम ऑपरेटर्स का तकनीकी सपोर्ट बेहद जरूरी है।

 

 

2 दिन में नंबर हो जाएगा पोर्ट: MNP के नए नियम लागू होने के बाद यूजर्स बिना अपना नंबर बदले एक ऑपरेटर से दूसरे ऑपरेटर में पोर्ट कर पाएंगे। इसमें पहले के मुकाबले मात्र 2 दिन का समय लगेगा। अभी नंबर पोर्ट करने के लिए 7 दिन का समय लगता है। लेकिन नए नियमों के तहत यह समय 2 दिन हो जाएगा। अगर यह 7 दिन का समय 2 दिन हो जाता है तो टेलिकॉम सेक्टर में यह बड़ी उपलब्धि साबित होगी।

 

जानें क्या होती है MNP? मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सर्विस यूजर को बिना अपना मोबाइल नंबर बदले एक ऑपरेटर से दूसरे ऑपरेटर में पोर्ट करने का मौका देती है। इसके लिए यूजर को पोर्टिंग कोड जनरेट करना होता  है। यह यूनिक कोड ही उन्हें नंबर पोर्ट करने में मदद करता है। 

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