चि‍त्‍तौड़गढ़ (हलचल)। हिन्दुस्तान जिंक रामपुरा आगुचा माइंस द्वारा एवं स्माईल फाउण्डेशन के सहयोग से संचालित स्माईल आन व्हील्स मोबाईल हेल्थ सेवा के अन्तर्गत विश्व प्राथमिक उपचार दिवस के अवसर पर भगवानपुरा गांव में प्राथमिक उपचार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्माईल आन व्हील्स के चिकित्सा अधिकारी डाॅ एल.के. शर्मा ने ग्रामीणों को जानकारी दी कि कई बार किसी भी स्थान पर आकस्मिक दुर्घटना होने पर हम व्यक्ति की मदद नहीं कर पाते हैं, यदि हमें प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी हो तो हम किसी की जान बचा सकते हैं। आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी होनी चाहिए।  प्राथमिक उपचार आकस्मिक दुर्घटना के अवसर पर उन वस्तुओं से सहायता करने तक ही सीमित है जो उस समय प्राप्त हो सकें। प्राथमिक उपचार का यह ध्येय नहीं है कि प्राथमिक उपचारक चिकित्सक का स्थान ग्रहण करे। इस बात को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि चोट पर दुबारा पट्टी बाँधना तथा उसके बाद का दूसरा इलाज प्राथमिक उपचार की सीमा के बाहर है। प्राथमिक उपचार का उत्तरदायित्व किसी भी सहायता करने वाले व्यक्ति द्वारा चिकित्सा संबंधी सहायता प्राप्त होने के साथ ही समाप्त हो जाता है, परंतु उसका कुछ देर तक वहाँ रुकना आवश्यक है, क्योंकि चिकित्सक को सहायक के रूप में उसकी आवश्यकता हो  सकती है। ऊँचाई पर जाने मे समस्या होना, हड्डी टूटना, जलना, हृदयाघात, श्वसन-मार्ग में किसी प्रकार का अवरोध आ जाना, पानी में डूबना, हीट स्ट्रोक, मधुमेह के रोगी का बेहोश होना, हड्डी के जोड़ों का विस्थापन, विष का प्रभाव, दाँत दर्द, घाव-चोट आदि में प्राथमिक चिकित्सा उपयोगी है। प्राथमिक उपचारक को आवश्यकतानुसार रोगनिदान करना चाहिए, तथा घायल को कितनी, कैसी और किस प्रकार की सहायता दी जाए, इस पर विचार करना चाहिए। कार्यक्रम में भगवानपुरा के ग्रामवासी, हिन्दुस्तान जिंक रामपुरा आगूचा सीएसआर एवं स्माइल ऑन व्हील की टीम उपस्थित थे।

" /> चि‍त्‍तौड़गढ़ (हलचल)। हिन्दुस्तान जिंक रामपुरा आगुचा माइंस द्वारा एवं स्माईल फाउण्डेशन के सहयोग से संचालित स्माईल आन व्हील्स मोबाईल हेल्थ सेवा के अन्तर्गत विश्व प्राथमिक उपचार दिवस के अवसर पर भगवानपुरा गांव में प्राथमिक उपचार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्माईल आन व्हील्स के चिकित्सा अधिकारी डाॅ एल.के. शर्मा ने ग्रामीणों को जानकारी दी कि कई बार किसी भी स्थान पर आकस्मिक दुर्घटना होने पर हम व्यक्ति की मदद नहीं कर पाते हैं, यदि हमें प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी हो तो हम किसी की जान बचा सकते हैं। आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी होनी चाहिए।  प्राथमिक उपचार आकस्मिक दुर्घटना के अवसर पर उन वस्तुओं से सहायता करने तक ही सीमित है जो उस समय प्राप्त हो सकें। प्राथमिक उपचार का यह ध्येय नहीं है कि प्राथमिक उपचारक चिकित्सक का स्थान ग्रहण करे। इस बात को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि चोट पर दुबारा पट्टी बाँधना तथा उसके बाद का दूसरा इलाज प्राथमिक उपचार की सीमा के बाहर है। प्राथमिक उपचार का उत्तरदायित्व किसी भी सहायता करने वाले व्यक्ति द्वारा चिकित्सा संबंधी सहायता प्राप्त होने के साथ ही समाप्त हो जाता है, परंतु उसका कुछ देर तक वहाँ रुकना आवश्यक है, क्योंकि चिकित्सक को सहायक के रूप में उसकी आवश्यकता हो  सकती है। ऊँचाई पर जाने मे समस्या होना, हड्डी टूटना, जलना, हृदयाघात, श्वसन-मार्ग में किसी प्रकार का अवरोध आ जाना, पानी में डूबना, हीट स्ट्रोक, मधुमेह के रोगी का बेहोश होना, हड्डी के जोड़ों का विस्थापन, विष का प्रभाव, दाँत दर्द, घाव-चोट आदि में प्राथमिक चिकित्सा उपयोगी है। प्राथमिक उपचारक को आवश्यकतानुसार रोगनिदान करना चाहिए, तथा घायल को कितनी, कैसी और किस प्रकार की सहायता दी जाए, इस पर विचार करना चाहिए। कार्यक्रम में भगवानपुरा के ग्रामवासी, हिन्दुस्तान जिंक रामपुरा आगूचा सीएसआर एवं स्माइल ऑन व्हील की टीम उपस्थित थे।

">
रामपुरा आगूंचा माइंस द्वारा विश्व प्राथमिक उपचार दिवस पर जागरूकता कार्यशाला

रामपुरा आगूंचा माइंस द्वारा विश्व प्राथमिक उपचार दिवस पर जागरूकता कार्यशाला

  2020-09-17 04:15 pm

 

चि‍त्‍तौड़गढ़ (हलचल)। हिन्दुस्तान जिंक रामपुरा आगुचा माइंस द्वारा एवं स्माईल फाउण्डेशन के सहयोग से संचालित स्माईल आन व्हील्स मोबाईल हेल्थ सेवा के अन्तर्गत विश्व प्राथमिक उपचार दिवस के अवसर पर भगवानपुरा गांव में प्राथमिक उपचार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्माईल आन व्हील्स के चिकित्सा अधिकारी डाॅ एल.के. शर्मा ने ग्रामीणों को जानकारी दी कि कई बार किसी भी स्थान पर आकस्मिक दुर्घटना होने पर हम व्यक्ति की मदद नहीं कर पाते हैं, यदि हमें प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी हो तो हम किसी की जान बचा सकते हैं। आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बारे में जानकारी होनी चाहिए।  प्राथमिक उपचार आकस्मिक दुर्घटना के अवसर पर उन वस्तुओं से सहायता करने तक ही सीमित है जो उस समय प्राप्त हो सकें। प्राथमिक उपचार का यह ध्येय नहीं है कि प्राथमिक उपचारक चिकित्सक का स्थान ग्रहण करे। इस बात को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि चोट पर दुबारा पट्टी बाँधना तथा उसके बाद का दूसरा इलाज प्राथमिक उपचार की सीमा के बाहर है। प्राथमिक उपचार का उत्तरदायित्व किसी भी सहायता करने वाले व्यक्ति द्वारा चिकित्सा संबंधी सहायता प्राप्त होने के साथ ही समाप्त हो जाता है, परंतु उसका कुछ देर तक वहाँ रुकना आवश्यक है, क्योंकि चिकित्सक को सहायक के रूप में उसकी आवश्यकता हो  सकती है। ऊँचाई पर जाने मे समस्या होना, हड्डी टूटना, जलना, हृदयाघात, श्वसन-मार्ग में किसी प्रकार का अवरोध आ जाना, पानी में डूबना, हीट स्ट्रोक, मधुमेह के रोगी का बेहोश होना, हड्डी के जोड़ों का विस्थापन, विष का प्रभाव, दाँत दर्द, घाव-चोट आदि में प्राथमिक चिकित्सा उपयोगी है। प्राथमिक उपचारक को आवश्यकतानुसार रोगनिदान करना चाहिए, तथा घायल को कितनी, कैसी और किस प्रकार की सहायता दी जाए, इस पर विचार करना चाहिए। कार्यक्रम में भगवानपुरा के ग्रामवासी, हिन्दुस्तान जिंक रामपुरा आगूचा सीएसआर एवं स्माइल ऑन व्हील की टीम उपस्थित थे।

news news news news news news news news