नई दिल्ली, । दूरसंचार क्षेत्र के वित्तीय बोझ को लेकर सरकार पहल करती दिख रही है। सरकार वित्तीय बोझ को कम करने के लिए सचिवों की एक समिति का गठन कर रही है। इस समिति की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव द्वारा की जाएगी। समिति का कार्य टेलीकॉम सेक्टर पर बढ़ते वित्तीय बोझ को कम करने को लेकर उपाय सुझाना होगा। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दूरसंचार कंपनियों को 1.42 लाख करोड़ रुपये के पुराने बकायों का भुगतान करने का आदेश दिया है। इस आदेश के कुछ दिनों में ही सरकार ने समिति के गठन का फैसला लिया है। अप्रत्यक्ष रूप से यह वित्तीय बोझ आने वाले समय में ग्राहकों पर पड़ सकता है, जिसमें कॉल्स भी महंगे हो सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा टेलीकॉम कंपनियों के राजस्व में सरकार की हिस्सेदारी व शुल्कों के निर्धारण के लिए एजीआर की गणना को लेकर दिये गए फैसले के बाद कंपनियों ने वित्तीय संकट बढ़ने की बात की है। हालांकि, सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर के वित्तीय बोझ को कम करने को लेकर समिति गठित करने की पहल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का कोई उल्लेख नहीं किया है।

 

टेलीकॉम कंपिनियों के वित्तीय संकट को कम करने के उद्देश्य से गठित होने वाली इस समिति में दूरसंचार सचिव, विधि सचिव और वित्त सचिव सहित कई दूसरे मंत्रालयों के सचिव भी शामिल किये जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही समिति की बैठक होगी और वह अपनी सिफारिशें सौंपेगी।

सरकार ने अपनी इस पहल में कहा है कि सचिवों की यह समिति कंपनियों की वित्तीय हालातों की समीक्षा करेगी। साथ ही समिति इस वित्तीय संकट को तय समयसीमा में कम करने के उपाय सुझाएगी। इसके अलावा सरकार ने समिति से कहा है कि वह टेलीकॉम कंपनियों के स्पेक्ट्रम भुगतान को कुछ समय के लिए टाल दे और टेलीकॉम कंपनियों के लिए सार्वभौमिक सेवा कोष में योगदान की प्रतिबद्धता के नियम पर दोबारा विचार करे।

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लदने वाले हैं फ्री कॉल्‍स और डाटा के दिन, उपाय सुझाएगी सचिवों की समिति

Wed 30 Oct 19  10:49 pm


नई दिल्ली, । दूरसंचार क्षेत्र के वित्तीय बोझ को लेकर सरकार पहल करती दिख रही है। सरकार वित्तीय बोझ को कम करने के लिए सचिवों की एक समिति का गठन कर रही है। इस समिति की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव द्वारा की जाएगी। समिति का कार्य टेलीकॉम सेक्टर पर बढ़ते वित्तीय बोझ को कम करने को लेकर उपाय सुझाना होगा। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दूरसंचार कंपनियों को 1.42 लाख करोड़ रुपये के पुराने बकायों का भुगतान करने का आदेश दिया है। इस आदेश के कुछ दिनों में ही सरकार ने समिति के गठन का फैसला लिया है। अप्रत्यक्ष रूप से यह वित्तीय बोझ आने वाले समय में ग्राहकों पर पड़ सकता है, जिसमें कॉल्स भी महंगे हो सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा टेलीकॉम कंपनियों के राजस्व में सरकार की हिस्सेदारी व शुल्कों के निर्धारण के लिए एजीआर की गणना को लेकर दिये गए फैसले के बाद कंपनियों ने वित्तीय संकट बढ़ने की बात की है। हालांकि, सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर के वित्तीय बोझ को कम करने को लेकर समिति गठित करने की पहल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का कोई उल्लेख नहीं किया है।

 

टेलीकॉम कंपिनियों के वित्तीय संकट को कम करने के उद्देश्य से गठित होने वाली इस समिति में दूरसंचार सचिव, विधि सचिव और वित्त सचिव सहित कई दूसरे मंत्रालयों के सचिव भी शामिल किये जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही समिति की बैठक होगी और वह अपनी सिफारिशें सौंपेगी।

सरकार ने अपनी इस पहल में कहा है कि सचिवों की यह समिति कंपनियों की वित्तीय हालातों की समीक्षा करेगी। साथ ही समिति इस वित्तीय संकट को तय समयसीमा में कम करने के उपाय सुझाएगी। इसके अलावा सरकार ने समिति से कहा है कि वह टेलीकॉम कंपनियों के स्पेक्ट्रम भुगतान को कुछ समय के लिए टाल दे और टेलीकॉम कंपनियों के लिए सार्वभौमिक सेवा कोष में योगदान की प्रतिबद्धता के नियम पर दोबारा विचार करे।

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