विधायकी खत्म होने के बाद सरकारी बंगला खाली नहीं करना पड़ेगा महंगा

विधायकी खत्म होने के बाद सरकारी बंगला खाली नहीं करना पड़ेगा महंगा

Sat 15 Jun 19  4:32 pm


जयपुर, । कार्यकाल खत्म होने के बाद भी सरकारी बंगले में जमे रहने की आदत राजस्थान के विधायकों को अब बहुत महंगी पड़ सकती है। राजस्थान सरकार ऐसे मामलों में अब दस हजार रुपये प्रतिदिन का जुर्माना वसूलने की तैयारी कर रही है। इसके लिए राजकीय आवास आवंटन नियमों में संशोधन की तैयारी की जा रही है। प्रस्ताव मुख्यमंत्री के स्तर पर विचाराधीन है।

राजस्थान में ऐसे कई उदाहरण सामने आते रहे हैं, जब विधायक या मंत्रियों ने कार्यकाल खत्म होने या मंत्री पद जाने के बाद भी तय समय में सरकारी आवास खाली नहीं किया। इसके उलट वे आवास खाली करने की समय-सीमा बढ़ाने के लिए बार-बार मांग करते रहते हैं। प्रदेश में कार्यकाल खत्म होने या पद जाने के बाद अधिकतम तीन माह में आवास खाली करना होता है। इसके बाद आवास का उपयोग करने पर पांच हजार रुपये प्रतिमाह जुर्माना लिया जाता है।

यह राशि चूंकि बहुत ज्यादा नहीं है इसलिए जनप्रतिनिधि आवास खाली करने की समय सीमा बढ़ाने की अनुमति मांगते रहते हैं और लंबे समय तक बंगलों पर काबिज रहते हैं। राज्य सरकार अब ऐसी प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए नियमों में संशोधन करने की तैयारी कर रही है। नए संशोधन में जुर्माने की राशि पांच हजार रुपये महीने से बढ़ाकर दस हजार रुपये प्रतिदिन करने का प्रावधान है यानी यह जुर्माना तीन लाख रुपये प्रतिमाह हो जाएगा।

 

राजस्थान में अभी ऐसे चर्चित मामलों में सबसे प्रमुख राज्यसभा सदस्य किरोड़ीलाल मीणा का है जो जयपुर में सरकारी आवास में रह रहे हैं। वे और उनकी पत्नी सरकार में मंत्री रह चुके हैं लेकिन वे अब राज्यसभा सदस्य हैं और उनकी पत्नी विधायक नहीं हैं इसलिए इस आवास के पात्र नहीं हैं। इसी तरह नरपत सिंह राजवी भी अभी विधायक हैं लेकिन मंत्रियों के लिए आरक्षित सरकारी आवास में रह रहे हैं।

दरअसल यह आवास उनके ससुर पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत को आवंटित था लेकिन अब न शेखावत हैं और न ही उनकी पत्नी। पिछली भाजपा सरकार के समय यह आवास एक अन्य मंत्री को आवंटित कर दिया गया था लेकिन राजवी ने इसे खाली नहीं किया। विभागीय सूत्रों का कहना है कि उनके पास अभी तीन-चार ऐसे प्रार्थना पत्र आए हुए हैं जिनमें आवास खाली करने की मियाद बढ़ाने का आग्रह किया गया है।

 

पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिली हुई है छूट

इस मामले में एक अहम बात यह है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी आवास में रहने की छूट मिली हुई है। यह कानून पिछली भाजपा सरकार के समय पारित किया गया था। इसमें प्रावधान था कि दो बार मुख्यमंत्री रह चुके नेता आजीवन जयपुर या राजस्थान के किसी अन्य शहर में आजीवन सरकारी आवास में रह सकेंगे और उन्हें केबिनेट मंत्री के समान सुविधाएं भी मिलेंगी। हालांकि इस कानून के खिलाफ राजस्थान हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही है।  

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