सत्संग से जुड़ने से बच्चाेें  के जीवन में गुरमत आती है

सत्संग से जुड़ने से बच्चाेें के जीवन में गुरमत आती है

Mon 24 Jun 19  1:24 pm


भीलवाडा (हलचल)  सतगुरू माता सुदीक्षा  महाराज की अपार कृपा से संत निरंकारी सत्संग भवन सिन्धुनगर मंे अजमेर जोन का जोनल स्तर के बाल समागम में रविवार रात्रि को सैकड़ों बच्चों ने भाग लिया।
इस दौरान विभिन्न रूपों में धार्मिक शब्द गायन, कविताएं, स्किट तथा सम्पूर्ण हरदेव वाणी के शब्द गायन करके सतगुरू का संदेश साध संगत तक पहुंचाने का प्रयत्न किया, जिनमें मानवता तथा धर्म के फलों के प्रति इंसान को चेतन किया। कवि दरबार में हिस्सा लिया, बच्चांे ने जीवन व भक्ति में मर्यादा के विषय को मुख्य रखा।
इस अवसर पर सतगुरू का आशीर्वाद देने के लिये विशेष रूप से पिलानी के ब्रमज्ञानी संत रोहिताश सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में बाल समागम का आयोजन हुआ।
उन्होंने बाल समागम को सम्बोधिक करते हुय कहा कि बच्चों को उनकी संगत का बहुत असर होता है, बच्चों जो देखते है, सुनते है, वहीं अपने जीवन में अपनाते है। सत्संग मंे जुड़ने वाले बच्चों के जीवन में गुरूमत आती है। जिससे घर, परिवार व देश स्वर्ग बन जाता है। यदि बच्चे सत्संग से दूर हो जाय तो उनकी जीवन में मन, मत आ जाती है। बच्चे माता-पिता की एक बीमा पाॅलिसी है। जिसकी प्रीमियम सेवा, सत्संग, सुमिरण है। वह अन्त समय काम आती है। 
संत राठौड़ ने कहा कि इंसान के जीवन में जो भी तन, मन व धन के मुख्य साधन है, यह सब निरंकार प्रभु का दिया हुआ है, इंसान केा हमेशा इस बात का अहसास होना चाहिये। इनका अहंकार नहीं करना चाहिए। बच्चांे को सत्संग से जुड़कर अपने जीवन में मायापती को उतरना चाहिए, न की माया को। माया इंसान के आंखों में पट्टी बांध देती है तथा इंसान को सही मार्ग में भटका देती है।
इस अवसर पर बाल ंसगत इन्चार्ज मंजू कंवर, मनीष कुमार, चन्द्रेश भोला, दिनेश भूषण, लक्ष्मी कंवर, नवनीत, नवीन, आशीष, रवि, मोनिका, नवदीक्षा, तारा, प्रियंका, काजल, रूपेश, लता, विष्णु आदि ने अपने विचार रखे। स्टेज संचालक सुहानी बहिन ने किया। 
बाल समागम में कोटा, बून्दी, अजमेर, टाकावास, केकड़ी, डूंगरपुर, बांसवाड़ा व भीलवाड़ा सहित सैकड़ों बच्चों ने भाग लिया। अन्त में स्थानीय संयोजक जगपाल सिंह राणावत ने पिलानी से आये महात्मा रोहिताश सिंह राठौड़ का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया। सभी का आभार प्रकट किया।

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