हरिशेवा धाम के महंत हंसराम उदासीन ने अयोध्या फैसले को हिंदू-मुस्लिम के बीच खाई पाटने वाला फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने जो फैसला दिया है, वह सभी को मान्य है। उन्होंने कहा कि अब राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। महंत उदासीन ने सभी धर्मों के संतों, महंतों और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
दिल नहीं मानता...


जामा मस्जिद इमाम मौलाना हफीजुर्रहमान ने कहा कि देश के सर्वोच्च न्यायालय ने जो फैसला दिया, उसका हम सम्मान करते हैं और यह हमें स्वीकार है लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि दिल नहीं मानता। 
मौलाना ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले का सभी को सम्मान करना है और शांति बनाए रखनी है। 

न किसी का दिल दुखे और न किसी का झगड़ा हो


विश्व हिंदू परिषद के कार्य अध्यक्ष सुरेश गोयल ने देश के इतिहास में इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पहला मौका है जब प्रतिबद्धता के साथ सर्वोच्च न्यायालय ने सदियों पुराने मामले का फैसला सुनाया है। उन्होंने न्यायालय के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि आज हिंदू समाज उत्साहित है और उत्साह मना रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि इतने बड़े फैसले के बाद भी संतों के आदेश पर सार्वजनिक रूप से न पटाखे छोड़े और न ही नारेबाजी की ताकि न किसी का दिल दुखे और न किसी का झगड़ा हो। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। 
ऐतिहासिक फैसला


विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता ओम कसारा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला ऐतिहासिक है और न्यायालय ने बहुत अच्छा फैसला दिया है। उन्होंने लोगों से इस फैसले का संयमित रहकर स्वागत करने का आग्रह किया।

उम्मीद के अनुरूप ही फैसला

एक व्यापारी भगवानदास नथरानी ने फैसले को बहुत अच्छा फैसला बताते हुए कहा कि यह दोनों ही पक्षों के लिए हितकारी है। उनका कहना था कि उम्मीद के अनुरूप ही फैसला आया है। 

आश्चर्यजनक फैसला


मधु शर्मा ने कहा कि यह आश्चर्यजनक फैसला है और हमें तो उम्मीद भी नहीं थी कि हम यह निर्णय देख पाएंगे। इस फैसले से हम बहुत खुश हैं और हर हिंदू को बधाई देते हैं।

सौहार्द्र बनाए रखने की अपील

मुस्लिम सद्भाव सेवा समिति के सदर शहर हाजी शरीफ खां पठान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है, उसका हम स्वागत करते हैं। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से शांति व सौहाद्र्र बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आगे भी मुस्लिम समाज के लोग ऐसे ही देश की एकता को बनाए रखने में अपना योगदान देंगे। उन्होंने गंगा-जमुना संस्कृति की तरह सांप्रदायिक सौहार्द्र बनाए रखने की अपील की। 

जो खाई हिंदू-मुस्लिमों के बीच थी वो पट गई

मोबाइल व्यवसायी व सांगानेर निवासी प्रीतेश जैथलिया ने कहा कि राम मंदिर को लेकर आया फैसला एक अनूठा फैसला है। कई सदियों का विवाद आज समाप्त हो गया और जो खाई हिंदू-मुस्लिमों के बीच थी वो पट गई। उन्होंने कहा कि जश्न मनाने का दिल तो बहुत कर रहा है लेकिन किसी को ठेस न पहुंचे इसलिए संतों के निर्देश पर हम सार्वजनिक रूप से खुशी का इजहार नहीं कर रहे हैं।

लोगों के बलिदान का परिणाम

अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के प्रदेश महामंत्री चंद्रसिंह जैन सुप्रीम कोर्ट ने विवादित स्थान पर राम मंदिर बनाने का जो फैसला दिया है, वह 450 सालों का संघर्ष और साढ़े चार लाख लोगों के बलिदान का परिणाम है।
   
      

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Video सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत लेकिन दिल नहीं मानता... 

Video सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत लेकिन दिल नहीं मानता... 

Sat 09 Nov 19  8:10 pm


भीलवाड़ा (हलचल)। अयोध्या पर आए ऐतिहासिक फैसले पर सभी धर्मों ने सहमति जताते हुए खुशी का इजहार किया है। वहीं लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है।

राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ

हरिशेवा धाम के महंत हंसराम उदासीन ने अयोध्या फैसले को हिंदू-मुस्लिम के बीच खाई पाटने वाला फैसला बताया है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने जो फैसला दिया है, वह सभी को मान्य है। उन्होंने कहा कि अब राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। महंत उदासीन ने सभी धर्मों के संतों, महंतों और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
दिल नहीं मानता...


जामा मस्जिद इमाम मौलाना हफीजुर्रहमान ने कहा कि देश के सर्वोच्च न्यायालय ने जो फैसला दिया, उसका हम सम्मान करते हैं और यह हमें स्वीकार है लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि दिल नहीं मानता। 
मौलाना ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले का सभी को सम्मान करना है और शांति बनाए रखनी है। 

न किसी का दिल दुखे और न किसी का झगड़ा हो


विश्व हिंदू परिषद के कार्य अध्यक्ष सुरेश गोयल ने देश के इतिहास में इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पहला मौका है जब प्रतिबद्धता के साथ सर्वोच्च न्यायालय ने सदियों पुराने मामले का फैसला सुनाया है। उन्होंने न्यायालय के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि आज हिंदू समाज उत्साहित है और उत्साह मना रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि इतने बड़े फैसले के बाद भी संतों के आदेश पर सार्वजनिक रूप से न पटाखे छोड़े और न ही नारेबाजी की ताकि न किसी का दिल दुखे और न किसी का झगड़ा हो। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। 
ऐतिहासिक फैसला


विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता ओम कसारा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला ऐतिहासिक है और न्यायालय ने बहुत अच्छा फैसला दिया है। उन्होंने लोगों से इस फैसले का संयमित रहकर स्वागत करने का आग्रह किया।

उम्मीद के अनुरूप ही फैसला

एक व्यापारी भगवानदास नथरानी ने फैसले को बहुत अच्छा फैसला बताते हुए कहा कि यह दोनों ही पक्षों के लिए हितकारी है। उनका कहना था कि उम्मीद के अनुरूप ही फैसला आया है। 

आश्चर्यजनक फैसला


मधु शर्मा ने कहा कि यह आश्चर्यजनक फैसला है और हमें तो उम्मीद भी नहीं थी कि हम यह निर्णय देख पाएंगे। इस फैसले से हम बहुत खुश हैं और हर हिंदू को बधाई देते हैं।

सौहार्द्र बनाए रखने की अपील

मुस्लिम सद्भाव सेवा समिति के सदर शहर हाजी शरीफ खां पठान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है, उसका हम स्वागत करते हैं। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से शांति व सौहाद्र्र बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आगे भी मुस्लिम समाज के लोग ऐसे ही देश की एकता को बनाए रखने में अपना योगदान देंगे। उन्होंने गंगा-जमुना संस्कृति की तरह सांप्रदायिक सौहार्द्र बनाए रखने की अपील की। 

जो खाई हिंदू-मुस्लिमों के बीच थी वो पट गई

मोबाइल व्यवसायी व सांगानेर निवासी प्रीतेश जैथलिया ने कहा कि राम मंदिर को लेकर आया फैसला एक अनूठा फैसला है। कई सदियों का विवाद आज समाप्त हो गया और जो खाई हिंदू-मुस्लिमों के बीच थी वो पट गई। उन्होंने कहा कि जश्न मनाने का दिल तो बहुत कर रहा है लेकिन किसी को ठेस न पहुंचे इसलिए संतों के निर्देश पर हम सार्वजनिक रूप से खुशी का इजहार नहीं कर रहे हैं।

लोगों के बलिदान का परिणाम

अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के प्रदेश महामंत्री चंद्रसिंह जैन सुप्रीम कोर्ट ने विवादित स्थान पर राम मंदिर बनाने का जो फैसला दिया है, वह 450 सालों का संघर्ष और साढ़े चार लाख लोगों के बलिदान का परिणाम है।
   
      

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