बीएसएफ के ग्वालियर स्थित राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण संस्थान में वर्तमान में कैमरे से लैस डॉग स्क्वायड को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बीएसएफ जर्मन शेफर्ड, लेब्राडोर रीट्रिवर, डाबरमैन पिंसचर, क्रोकर स्पेनियल और बेल्जिन मेलेनोइस को प्रशिक्षित करती है।

पाकिस्तान बॉर्डर पर जर्मन शेफर्ड और लेब्राडोर अधिक संख्या में तैनात है। ये विस्फोटक सामग्री के साथ कुशलतापूर्वक ट्रेकिंग भी कर सकते है। प्रशिक्षण के दौरान जर्मन शेफर्ड और लेब्राडोर की कॉलर में कैमरे लगाए गए है। इनमें लाइव रीकार्डिंग होती है, जिसका वायरलैस सम्पर्क बीएसएफ के आइटी सेंटर में है। कैमरा उपकरणों के चयन के बाद बीएसएफ सीमावर्ती क्षेत्रों में 'गोपनीय परीक्षण' शुरू करेगी। 

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सीमा पर तैनात होंगे कैमरे जो तस्करों और घुसपैठियों पर रखेंगे नजर

सीमा पर तैनात होंगे कैमरे जो तस्करों और घुसपैठियों पर रखेंगे नजर

Wed 12 Jun 19  8:32 pm


जयपुर,  । भारत-पाकिस्तान से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी और सीसीटीवी कैमरे के बाद कैमरे लगे खोजी डॉग तैनात करने की योजना है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) हाई-टेक निगरानी करने के लिए खोजी डॉग के कॉलर पर कैमरे फिट कर उन्हें प्रक्षिशण दे रहा है।राजस्थान के जैसलमेर,बाड़मेर,श्रीगंगानगर और बीकानेर जिलों की पाक से सटी सीमा पर ये हाईटेक डॉग बीएसएफ के जवानों के साथ तैनात होंगे। बीएसएफ अधिकारियों का मानना है कि इनके माध्यम से घुसपैठियों और तस्करों पर काफी हद तक लग सकेगी। जैसलमेर और बाड़मेर के रेतीले धारों का लाभ उठाकर घुसपैठ अधिक होती है। अब इस पर लगाम लग सकेगी।\"\"

बीएसएफ के ग्वालियर स्थित राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण संस्थान में वर्तमान में कैमरे से लैस डॉग स्क्वायड को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बीएसएफ जर्मन शेफर्ड, लेब्राडोर रीट्रिवर, डाबरमैन पिंसचर, क्रोकर स्पेनियल और बेल्जिन मेलेनोइस को प्रशिक्षित करती है।

पाकिस्तान बॉर्डर पर जर्मन शेफर्ड और लेब्राडोर अधिक संख्या में तैनात है। ये विस्फोटक सामग्री के साथ कुशलतापूर्वक ट्रेकिंग भी कर सकते है। प्रशिक्षण के दौरान जर्मन शेफर्ड और लेब्राडोर की कॉलर में कैमरे लगाए गए है। इनमें लाइव रीकार्डिंग होती है, जिसका वायरलैस सम्पर्क बीएसएफ के आइटी सेंटर में है। कैमरा उपकरणों के चयन के बाद बीएसएफ सीमावर्ती क्षेत्रों में 'गोपनीय परीक्षण' शुरू करेगी। 

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