सैनिकों की हौसला अफजाई करने पर ही राष्ट्र का मंगल-आचार्य रामदयाल

सैनिकों की हौसला अफजाई करने पर ही राष्ट्र का मंगल-आचार्य रामदयाल

Fri 15 Mar 19  7:11 pm

रामनिवास धाम में फूलडोल महोत्सव की तैयारियों का लिया जायजा शाहपुरा-मूलचन्द पेसवानी*तर्राष्ट्रीय श्रीरामस्नेही संप्रदाय रामनिवास धाम के पीठाधीश्वर जगतगुरु स्वामी रामदयाल महाराज ने राष्ट्र की एकता अखंडता पर बल देते हुए आतंकवाद पर गहरा प्रहार किया है। आचार्य ने कहा कि जब तक देश से आतंकवाद का खात्मा नहीं होगा तब तक कोई सुरक्षित नहीं है। यदि राष्ट्र का मंगल चाहते हो तो हमें देश की सुरक्षा पर तैनात जांबाज सैनिकों की हौसला अफजाई पर ध्यान देना होगा। स्वामी रामदयालजी महाराज शाहपुरा में संप्रदाय के फूलडोल महोत्सव के लिए शाहपुरा पहुंच चुके है। संतो ंके साथ आचार्यश्री ने रामनिवास धाम परिसर में अब तक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने महोत्सव के दौरान देश भर से आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए किये जा रहे प्रयासों व इंतजामों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पंच दिवसीय महोत्सव संप्रदाय का वार्षिकोत्सव है। होलिका दहन से रंग पंचमी तक चलने वाले इस महोत्सव को शाहपुरा का प्रमुख आयोजन माना जाता है। इस दौरान लाखों लोग इसमें शामिल होते है। स्वामी रामदयाल महाराज ने कहा कि राष्ट्र धर्म जिंदा है तो राम धर्म जिन्दा है। ऐसे में राष्ट्र का सुरक्षित होना बहुत जरूरी है। सनातन धर्म के इस देश को विश्व की कोई आण्विक शक्ति हिला नहीं सकती है। जरा सोचो खून के साथ अन्याय हुआ है, पूरा राष्ट्र चिंतित है। उन्होंने कहा कि बेटियां ही घर नहीं छोड़ती है, बल्कि बेटे भी घर छोड़ते है। बेटे बस अपने वतन के लिए घर छोड़ते है। जिनके बटुए में परिवार और दिल में हिंदुस्तान होता है। सैन्य बलों को छूट दी तो सेना ने मास्टरमाइंड को अंजाम तक पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि संत, सैनिक, सांस्कारिक शिक्षा वर्तमान में देश की जरूरत है। हम मन को अच्छा लगे उन गानो पर नाचते है, जबकि हमे देशभक्ति के गीतों पर नाचना चाहिए। यह ही हमारा राष्ट्रधर्म है। उन्होंने कहा कि भारत माता के शहीद बनने का अर्थ हैं आतंकवादियों की क्रूरता, बर्बरता का शिकार हो जाना, कौन जिमेदार हैं, कौन जवाबदार हैं। किसकी शहनाई बजाएं, क्या खुशिया मनाएं हम। उन्होंने कहा कि पूरा राष्ट्र कर रहा हैं निंदा, हिंदुस्तान में नहीं चाहिए एक भी आतंकवादी जिंदा। आतंकवाद राष्ट्र नहीं विश्व की समस्या हैं और पड़ौसी राष्ट्र आस्तीन के सांप की तरह इनको पाल रहा हैं। परिणाम के जश्न मना रहा हैं। अब भुजाओं की ताकत दिखाने का समय आ गया हैं। उन्होंने राम राष्ट्र भक्ति चेतना का संदेश देते हुए कहा कि हमें आतंकवाद को खत्म करना होगा, जवाब देना होगा तो पुत्र रत्न की जगह पुत्र को पैदा करना होगा, जो राम भक्त हो या राष्ट भक्त हो। आचार्यश्री ने विनयशीलता पर जोर दिया और कहा कि झुकता वही है, जिसमे जान होती है, अकडना तो मुर्दो की पहचान है। ऐसे में जहां संत की दस्तक हो, वहां सभी के मस्तक झुकने चाहिए। ऐसे हमारे बच्चों को संस्कार दे, वरना जीवनभर पछताना पड़ेगा। वर्तमान में संस्कार जिन्दा रहे। उन्होंने कहा कि न धन लगता है, ना खर्चा लगता है, राम बोलो अच्छा लगता है।, जिन पर रामचरण महाप्रभु की कृपा वो कहीं भी नहीं रुकेगा। महापुरुषों के उपदेशों को आत्मसात की जरूरत है। स्वामी रामदयाल ने कहा कि आगामी वर्ष 2020 में स्वामी रामचरण महाप्रभु का त्रिशताब्दी समारोह 2 फरवरी से 8 फरवरी तक महाप्रभु की जन्मस्थली सोड़ा धाम में मनाया जाएगा। यह समारोह काफी अद्भुत होगा। इसमें देश के बड़े-बड़े शंकराचार्य राजनीतिक जगत की हस्तियां शामिल होगी। देश विदेश के राम स्नेही लाखों की तादाद में इस समारोह में हिस्सा लेंगे।