जानकारी के अनुसार, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जबरकिया में 136 बच्चों का नामांकन है।  आज 128 बच्चों को पोषाहार के तहत कढ़ी-चावल परोसे गये। पोषाहार खाने के बाद छात्रों की हालत बिगडऩे लगी। यह देखकर स्कूल प्रबंधन सकते में आ गया। वहीं बच्चों की हालत बिगडऩे की खबर जबरकिया व आस-पास के गांवों में आग की तरह फैल गई। परिजन, जिसे जो साधन मिला, उसे लेकर स्कूल पहुंच गये और बच्चों को लेकर गंगापुर अस्पताल के लिए रवाना हो गये। 

इस घटना से ग्रामीणों के साथ ही छात्रों में अफरा-तफरी मच गई। अब तक 66छात्रों की को गंगापुर अस्पताल लाया जा चुका है, जहां इन बच्चों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। छात्रों की संख्या और बढ़ सकती है। 
उधर, प्रशासन ने जिला मुख्यालय के साथ ही आस-पास के गांवों से भी चिकित्सकों की टीम को गंगापुर बुलवा लिया गया है। अस्पताल में भारी भीड़ जमा है। अधिकारी स्थिति पर निगाह रखे हुये हैं।  वहीं दूसरी और गुस्साये ग्रामीण स्कूल पर जा धमके। इन लोगों ने प्रिंसीपल से हाथापाई भी की, ऐसी चर्चा है। बाद में सुरक्षा की दृष्टि से प्रिंसीपल को स्कूल के ही एक कमरे में बंद कर बाहर पुलिसकर्मी तैनात कर दिये गये।   इसबीच, चिकित्सा विभाग की एक टीम स्कूल पहुंची और पोषाहार में बच्चों को परोसे गये कढ़ी-चावल के सैंपल लिये। ये सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जायेंगे, इसके बाद ही स्थिति साफ हो पायेगी कि कढ़ी-चावल में ऐसा क्या था, जिससे कि बच्चों की हालत बिगड़ गई। 

 स्कूल में नहीं मिली कढ़ी, चावल के लिए सैंपल

राजकीय उच्च प्राथमि विद्यालय में पोषाहार खाने से 66 बच्चों के बीमार होने के बाद चिकित्सा विभाग की एक टीम जबरकिया स्कूल पहुंची, जहां इस टीम ने कढ़ी-चावल का सैंपल लेना चाहा, लेकिन मौके पर चावल ही मिले, कढ़ी नहीं मिली। कढ़ी को स्कूल से जानबुझकर गायब कर दिया गया या फिर कढ़ी खत्म हो चुकी थी। इसका खुलासा नहीं हो पाया है।

खाली करवाना पड़ा अस्पताल का वार्ड
बड़ी संख्या में एक साथ स्कूली छात्रों की हालत बिगडऩे से अस्पताल में बैड नहीं मिले। ऐसे में स्थिति को भांपते हुये चिकित्सालय प्रशासन ने वार्ड खाली करवा दिया, जिससे सभी बच्चों को खाट मिल गये और उनका उपचार हो सका। 
अस्पताल से मिलने लगी बच्चों को छुट्टी
ढ़ी-चावल खाने के बाद अस्पताल पहुंचे बीमार बच्चों की स्थिति तीन घंटे बाद शाम को सामान्य होने लगी थी। इसके चलते चिकित्सा विभाग ने बच्चों को अस्पताल से डिस्चार्ज करना शुरू कर दिया। देर शाम तक कई बच्चे डिस्चार्ज हो चुके थे। बच्चों को नॉमर्ल देखकर पुलिस, प्रशासन, स्कूल प्रबंधन और परिजनों ने राहत की सांस ली। 

एक घंटे बाद बिगडऩे लगी थी हालत
स्कूल प्रबंधन व बच्चों की माने तो पोषाहार खाने के करीब एक घंटे बाद छात्रों की हालत बिगडऩे का क्रम शुरू हो गया। इसके बाद एक-एक कर छात्रों की लगातार तबीयत बिगडऩे लगी थी। इसके बाद बीमार बच्चे अस्पताल पहुंचने लगे थे। 

यहां की टीमें पहुंची गंगापुर
फूड पॉइजनिंग के इस मामले को लेकर जिला मुख्यालय के साथ ही पोटलां, कोशीथल, महेंद्रगढ़ के चिकित्सक मय चिकित्साकर्मियों के गंगापुर पहुंचे और बीमार बच्चों का उपचार किया। समय रहते टीमों के मौके पर पहुंच कर स्थिति संभाल लेने से कोई बड़ी घटना घटित नहीं हो पाई। इन टीमों के अलावा उपखंड अधिकारी सीएल शर्मा, विधायक कैलाश त्रिवेदी, भाजपा के रूप लाल जाट  भी अस्पताल पहुंचे।  

कमरे में बंद कर बचाया प्रिंसीपल को, ग्रामीणों ने बाहर डाला डेरा
जबरकिया स्कूल के प्रींसिपल राधेश्याम शर्मा को ग्रामीणों ने घेर लिया। इसके बाद पुलिस ने प्रिंसीपल को कमरे में बंद कर दिया। कमरे के बाहर पुलिसकर्मी लगा दिये। इसके बावजूद ग्रामीणों ने कमरे के बाहर डेरा डाल दिया। इससे स्थिति तनावपूर्ण बन गई। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश कर ग्रामीणों को शांत करवा दिया।  

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 स्कूल में पोषाहार खाने के बाद 66 बच्चे बीमार, सैंपल के लिये नहीं मिली कढ़ी

स्कूल में पोषाहार खाने के बाद 66 बच्चे बीमार, सैंपल के लिये नहीं मिली कढ़ी

Tue 13 Aug 19  6:36 pm


   गंगापुर हलचल।    गंगापुर थाने के जबरकिया गांव के उच्च प्राथमिक स्कूल में मंगलवार सुबह पोषाहार में कढ़ी -चावल का सेवन करने के बाद 66 छात्रों की हालत बिगड़ गई।  इससे स्कूल प्रबंधन के साथ ही जबरकिया व आस-पास के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। बीमार बच्चों को गंगापुर चिकित्सालय में भर्ती किया गया है। वहीं जिला मुख्यालय के साथ ही आस-पास के अस्पतालों से चिकित्सा टीमों को गंगापुर के लिए रवाना किया गया है। इसबीच, गुस्साये ग्रामीणों के द्वारा स्कूल प्रिंसीपल से हाथापाई करने की खबर भी है।                                     जानकारी के अनुसार, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय जबरकिया में 136 बच्चों का नामांकन है।  आज 128 बच्चों को पोषाहार के तहत कढ़ी-चावल परोसे गये। पोषाहार खाने के बाद छात्रों की हालत बिगडऩे लगी। यह देखकर स्कूल प्रबंधन सकते में आ गया। वहीं बच्चों की हालत बिगडऩे की खबर जबरकिया व आस-पास के गांवों में आग की तरह फैल गई। परिजन, जिसे जो साधन मिला, उसे लेकर स्कूल पहुंच गये और बच्चों को लेकर गंगापुर अस्पताल के लिए रवाना हो गये। 

इस घटना से ग्रामीणों के साथ ही छात्रों में अफरा-तफरी मच गई। अब तक 66छात्रों की को गंगापुर अस्पताल लाया जा चुका है, जहां इन बच्चों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। छात्रों की संख्या और बढ़ सकती है। 
उधर, प्रशासन ने जिला मुख्यालय के साथ ही आस-पास के गांवों से भी चिकित्सकों की टीम को गंगापुर बुलवा लिया गया है। अस्पताल में भारी भीड़ जमा है। अधिकारी स्थिति पर निगाह रखे हुये हैं।  वहीं दूसरी और गुस्साये ग्रामीण स्कूल पर जा धमके। इन लोगों ने प्रिंसीपल से हाथापाई भी की, ऐसी चर्चा है। बाद में सुरक्षा की दृष्टि से प्रिंसीपल को स्कूल के ही एक कमरे में बंद कर बाहर पुलिसकर्मी तैनात कर दिये गये।   इसबीच, चिकित्सा विभाग की एक टीम स्कूल पहुंची और पोषाहार में बच्चों को परोसे गये कढ़ी-चावल के सैंपल लिये। ये सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जायेंगे, इसके बाद ही स्थिति साफ हो पायेगी कि कढ़ी-चावल में ऐसा क्या था, जिससे कि बच्चों की हालत बिगड़ गई। 

 स्कूल में नहीं मिली कढ़ी, चावल के लिए सैंपल

राजकीय उच्च प्राथमि विद्यालय में पोषाहार खाने से 66 बच्चों के बीमार होने के बाद चिकित्सा विभाग की एक टीम जबरकिया स्कूल पहुंची, जहां इस टीम ने कढ़ी-चावल का सैंपल लेना चाहा, लेकिन मौके पर चावल ही मिले, कढ़ी नहीं मिली। कढ़ी को स्कूल से जानबुझकर गायब कर दिया गया या फिर कढ़ी खत्म हो चुकी थी। इसका खुलासा नहीं हो पाया है।

खाली करवाना पड़ा अस्पताल का वार्ड
बड़ी संख्या में एक साथ स्कूली छात्रों की हालत बिगडऩे से अस्पताल में बैड नहीं मिले। ऐसे में स्थिति को भांपते हुये चिकित्सालय प्रशासन ने वार्ड खाली करवा दिया, जिससे सभी बच्चों को खाट मिल गये और उनका उपचार हो सका। 
अस्पताल से मिलने लगी बच्चों को छुट्टी
ढ़ी-चावल खाने के बाद अस्पताल पहुंचे बीमार बच्चों की स्थिति तीन घंटे बाद शाम को सामान्य होने लगी थी। इसके चलते चिकित्सा विभाग ने बच्चों को अस्पताल से डिस्चार्ज करना शुरू कर दिया। देर शाम तक कई बच्चे डिस्चार्ज हो चुके थे। बच्चों को नॉमर्ल देखकर पुलिस, प्रशासन, स्कूल प्रबंधन और परिजनों ने राहत की सांस ली। 

एक घंटे बाद बिगडऩे लगी थी हालत
स्कूल प्रबंधन व बच्चों की माने तो पोषाहार खाने के करीब एक घंटे बाद छात्रों की हालत बिगडऩे का क्रम शुरू हो गया। इसके बाद एक-एक कर छात्रों की लगातार तबीयत बिगडऩे लगी थी। इसके बाद बीमार बच्चे अस्पताल पहुंचने लगे थे। 

यहां की टीमें पहुंची गंगापुर
फूड पॉइजनिंग के इस मामले को लेकर जिला मुख्यालय के साथ ही पोटलां, कोशीथल, महेंद्रगढ़ के चिकित्सक मय चिकित्साकर्मियों के गंगापुर पहुंचे और बीमार बच्चों का उपचार किया। समय रहते टीमों के मौके पर पहुंच कर स्थिति संभाल लेने से कोई बड़ी घटना घटित नहीं हो पाई। इन टीमों के अलावा उपखंड अधिकारी सीएल शर्मा, विधायक कैलाश त्रिवेदी, भाजपा के रूप लाल जाट  भी अस्पताल पहुंचे।  

कमरे में बंद कर बचाया प्रिंसीपल को, ग्रामीणों ने बाहर डाला डेरा
जबरकिया स्कूल के प्रींसिपल राधेश्याम शर्मा को ग्रामीणों ने घेर लिया। इसके बाद पुलिस ने प्रिंसीपल को कमरे में बंद कर दिया। कमरे के बाहर पुलिसकर्मी लगा दिये। इसके बावजूद ग्रामीणों ने कमरे के बाहर डेरा डाल दिया। इससे स्थिति तनावपूर्ण बन गई। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश कर ग्रामीणों को शांत करवा दिया।  

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