हनुमानजी की संगम स्नान यात्रा पहुँची चित्तौड़

हनुमानजी की संगम स्नान यात्रा पहुँची चित्तौड़

  2020-02-14 08:48 am

चित्तौडग़ढ़. संकटमोचन हनुमान मंदिर भीलवाड़ा से 9 फरवरी को प्रयागराज के लिए शुरू हुई 64 टन वजनी व 28 फीट लंबे हनुमानजी की संगम स्नान यात्रा गुरूवार देर रात चित्तौडग़ढ़ पहुंच गई। कलक्ट्रेट चौराहा पर यात्रा पहुंचने पर हजारेश्वर महादेव मंदिर के महन्त चन्द्रभारती महाराज सहित कई लोगों ने स्वागत किया एवं हनुमान प्रतिमा के दर्शन किए। कलक्ट्रेेट चौराहा से महाराणाा प्रताप सेतु मार्ग तक पहुचंने के दौरान भी जगह-जगह लोग वाहन रोक हनुमान प्रतिमा के दर्शन को लालायित दिखे। दिन में यात्रा मंगलवाड़, चौराहा, सांवलियाजी, बानसेन आदि स्थानों पर पहुंची तो वहां भी दर्शनों के लिए भक्त उमड़े। शहर व जिले के विभिन्न क्षेत्रों के भक्तगण चित्तौडग़ढ़ में शुक्रवार सुबह ९ से रात १० बजे तक महाराणा प्रताप सेतु मार्ग स्थित खरड़ेश्वर महादेव मंदिर के नजदीक प्रतिमा के दर्शन व पूजा कर सकेंगे। शहर के विभिन्न संगठन भी यात्रा का स्वागत करेंगे। यात्रा मंदिर के महन्त बाबूगिरी महाराज के नेतृत्व में निकाली जा रही है। यात्रा एक ट्रोले पर हनुमानजी की ये विशालकाय प्रतिमा रखी गई है। भक्तगण लेटे हुए हनुमानजी की इस विशालकाय प्रतिमा का दर्शन कर सकेंगे। करीब एक माह में २१०० किलोमीटर की यात्रा पूर्ण कर प्रतिमा प्रयागराज पहुचेंगी जहां गंगा में स्नान कराया जाएगा।
बालाजी के दर्शन कर अभिभूत हुए ग्रामीण
डूंगला. उपखण्ड क्षेत्र के मंगलवाड़ चौराहे पर ट्रेलर के ऊपर विराजित बालाजी की विशाल प्रतिमा जैसे ही पंहुची पुरा चौराहा बजरंग बली की जय से गुंजायमान हो उठा। लोगों में दर्शन की होड़ लग गई भीलवाड़ा जिले से 1 माह की प्रयागराज तीर्थ स्थल की यात्रा को लेकर रवाना हुई बालाजी की विशाल प्रतिमा का ट्रेलर उदयपुर से चित्तौडग़ढ़ जाते समय शुक्रवार शाममंगलवाड़ पंहुचा। तीर्थ यात्रा के लिए विशाल प्रतिमा के साथ चल रहे संकटमोचन हनुमान मंदिर भीलवाड़ा के महंत बाबू गिरी ने बताया कि प्रतिमा 12 फीट चौड़ी 28 फीट लंबी 5 फीट मोटी एवं 6 4 टन वजनी है। प्रतिमा के निर्माण में उपयोग लिया गया पत्थर बंसी पहाड़ का लाल पत्थर है। प्रतिमा एक ही पत्थर से बनी हुई है।

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