इसमें ताज्जुब नहीं है कि वह आने वाले 24 घंटे में हरियाणा की तरह कूटनीतिक चाल चल कर महाराष्‍ट्र में भाजपा की सरकार बनाने का ऐलान कर दें। इसलिए देवेंद्र फडणवीस के सामने सरकार बनाने के रास्ते बंद नहीं हुए हैं। महाराष्ट्र में सरकार गठन के कई फॉर्मूले हैं, जिनके तहत देवेंद्र फडणवीस एक बार फिर सरकार बनाने में सफल हो सकते हैं।

 

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बता दें हरियाणा चुनाव के नतीजों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत ना मिलने के बाद त्रिशंकु विधानसभा की अटकलों के बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने महज 24 घंटों के भीतर प्रदेश की राजनीति के सारे समीकरण बदल दिए थे। अमित शाह ने दिल्ली में जननायक जनता पार्टी के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला से मुलाकात की और इस मुलाकात के ठीक बाद हरियाणा में भाजपा-जेजेपी के गठबंधन की सरकार बनाने का ऐलान कर दिया। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि हरियाणा में भाजपा की वापसी में जेजेपी ही सबसे बड़ा रोड़ा बन सकती है और कांग्रेस दुष्यंत चौटाला को साथ लेकर प्रदेश की कुर्सी की तरफ कदम बढ़ा सकती है। लेकिन, भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने एक खास प्लानिंग से हरियाणा का पूरा गेम ही पलट डाला।

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बता दें हरियाणा चुनाव के नतीजों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत ना मिलने के बाद त्रिशंकु विधानसभा की अटकलों के बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने महज 24 घंटों के भीतर प्रदेश की राजनीति के सारे समीकरण बदल दिए थे। अमित शाह ने दिल्ली में जननायक जनता पार्टी के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला से मुलाकात की और इस मुलाकात के ठीक बाद हरियाणा में भाजपा-जेजेपी के गठबंधन की सरकार बनाने का ऐलान कर दिया। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि हरियाणा में भाजपा की वापसी में जेजेपी ही सबसे बड़ा रोड़ा बन सकती है और कांग्रेस दुष्यंत चौटाला को साथ लेकर प्रदेश की कुर्सी की तरफ कदम बढ़ा सकती है। लेकिन, भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने एक खास प्लानिंग से हरियाणा का पूरा गेम ही पलट डाला।

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हरियाणा की तरह महाराष्‍ट्र में भी 24 घंटे में बाजी पलट देंगे चाणक्‍य अमित शाह

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 बेंगलुरु। महाराष्ट्र में चुनाव परिणाम आने के 14 दिन बाद भी सरकार बनाने को लेकर पशोपेश की स्थिति कायम है। भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना को मिले स्पष्ट जानदेश के बावजूद मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही रार बरकरार है। शिवसेना बीजेपी के 50-50 फॉर्मूले को बीजेपी कोई तवज्जो नहीं दे रही है। वहीं बीजेपी के बिना सरकार बनाने का दावा करने वाली शिवसेना को एनसीपी सुप्रीमो ने झटका दे दिया है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने साफ कर दिया है कि वह विपक्ष में ही बैठेगे। ऐसे में अटकलें लगायी जा रही है कि ऐसी स्थिति में जल्द ही महाराष्‍ट्र में राष्‍ट्रपति शासन लागू हो सकता हैं। लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि महाराष्‍ट्र में सरकार बनाने को लेकर चल रहे नाटक में भारतीय जनता पार्टी के चाणक्य अमित शाह का कोई भी बयान नहीं आया है।इसमें ताज्जुब नहीं है कि वह आने वाले 24 घंटे में हरियाणा की तरह कूटनीतिक चाल चल कर महाराष्‍ट्र में भाजपा की सरकार बनाने का ऐलान कर दें। इसलिए देवेंद्र फडणवीस के सामने सरकार बनाने के रास्ते बंद नहीं हुए हैं। महाराष्ट्र में सरकार गठन के कई फॉर्मूले हैं, जिनके तहत देवेंद्र फडणवीस एक बार फिर सरकार बनाने में सफल हो सकते हैं।

 

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बता दें हरियाणा चुनाव के नतीजों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत ना मिलने के बाद त्रिशंकु विधानसभा की अटकलों के बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने महज 24 घंटों के भीतर प्रदेश की राजनीति के सारे समीकरण बदल दिए थे। अमित शाह ने दिल्ली में जननायक जनता पार्टी के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला से मुलाकात की और इस मुलाकात के ठीक बाद हरियाणा में भाजपा-जेजेपी के गठबंधन की सरकार बनाने का ऐलान कर दिया। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि हरियाणा में भाजपा की वापसी में जेजेपी ही सबसे बड़ा रोड़ा बन सकती है और कांग्रेस दुष्यंत चौटाला को साथ लेकर प्रदेश की कुर्सी की तरफ कदम बढ़ा सकती है। लेकिन, भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने एक खास प्लानिंग से हरियाणा का पूरा गेम ही पलट डाला।

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