१०७ लोगों की जान बचा चुका है हनुमंथु

Thu 13 Jun 19  4:25 pm


 हैदराबाद। एक हादसे में अपने भाई को खोने के बाद है हैदराबाद का रहने वाला हनुमंथु लोगों की जान बचाने के मिशन में जुट गया। हनुमंथु को आस-पास रहने वाले लोग शिवा कहकर भी बुलाते हैं। शिवा अब तक १०७ लोगों की जान बचा चुका है। ये सभी ऐसे लोग थे जो आत्महत्या के इरादे से झील में कूदे थे, लेकिन शिवा ने अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें बचा लिया।

शिवा ने बताया कि, मेरा एक छोटा भाई था, जिसका नाम महेंद्र था। एक हादसे के दौरान शहर की असमनपेट झील में डूबने से उसकी मौत हो गई थी। उस वक्त मैं सिर्फ १२ साल का था। उस वक्त मैंने ही झील से अपने भाई का शव बाहर निकाला था। मैं अपने भाई के लिए कुछ कर तो नहीं पाया, लेकिन उसकी मौत ने मुझे एक मिशन दे दिया है। अपनों को खोने का दर्द क्या होता है मैं ये अच्छी तरह जानता हूं। मेरा भाई ही मेरा पूरा परिवार था, जिसे मैंने उस भयानक हादसे में खो दिया। मैंने उसी वक्त ठान लिया था कि मैं लोगों को झील में डूबने नहीं दूंगा।

बता दें कि, शिवा पिछले कई सालों से शहर की टैंक झील के आस-पास रहते हैं और लोगों के लिए लाइफगार्ड का काम करते हैं। शिवा अब तक आत्महत्या की कोशिश करने वाले १०७ लोगों की जान बचा चुके हैं। इतना ही नहीं आत्महत्या की कोशिश करने वालों को शिवा जीवन और परिवार का सही मतलब समझाते हैं। शिवा ने बताया कि, जब मैं अनाथालय में था तभी से लोग मेरे इस सामाजिक कार्य की खूब तारीफ करते हैं। लेकिन, मदद के लिए कभी किसी ने हाथ नहीं बढ़ाया।

कई बार हो चुका है इंफेक्शन 

शिवा ने बताया कि, 'झील में से शव निकलवाने में अक्सर पुलिस मेरी मदद लेती है। पुलिस कई बार मुझे वादा कर चुकी है कि वे मुझे होम गार्ड की नौकरी दिलवाने में मदद करेंगे, लेकिन अब तक मुझे नौकरी नहीं मिली। मैं बिना सुरक्षा उपकरणों के लोगों को बचाता हूं। अगर सरकार मेरी मदद करेगी तो मैं और भी बेहतर तरीके से काम कर सकता हूं।' शिवा ने बताया कि, बिना उपकरणों के पानी में तैरने से कई बार मुझे इंफेक्शन भी हो चुका है। पिछले दिनों एक महिला की जान बचाते वक्त मुझे कंधे और सीने में रॉड लग गई थी, लेकिन इलाज के लिए भी मुझे मदद नहीं मिली।

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