खुद को दिवालिया घोषित कर चुकी विश्व की दिग्गज ट्रैवल कंपनी थॉमस कुक को चीनी कंपनी फोसुन ने 100 करोड़ रुपये (1.1 करोड़ पाउंड) में खरीद लिया है। फोसुन हांगकांग शेयर बाजार में सूचीबद्ध है। वह थॉमस कुक की सबसे बड़ी हिस्सेदार भी थी। हालांकि इस खरीदारी से भारत, श्रीलंका और मॉरीशस में चल रही थॉमस कुक पर किसी तरह का कोई असर नहीं पडे़गा। 

22 हजार कर्मचारियों पर पड़ा था असर

थॉमस कुक ब्रिटेन की 178 साल पुरानी कंपनी है, जिसने सितंबर में अपने आपको दिवालिया घोषित कर दिया था। इसके बंद होने से करीब 22 हजार कर्मचारियों की नौकरी चली गई थी। कंपनी ने निजी निवेशकों से 25 करोड़ डॉलर जुटाने की कोशिश की थी, जो असफल हो गई थी। फोसुन को थॉमस कुक ब्रांड के साथ उसकी सहायक इकाइयों होटल चेन कासा कुक और कुक्स क्लब का भी स्वामित्व मिल गया।
 
इसके कारण ब्रिटेन को दूसरे देशों में फंसे यात्रियों को वापस लाने की दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ी कवायद करनी पड़ी। सरकार को 1,40,000 यात्रियों की वतन वापसी के लिए भुगतान करना पड़ा था। 

तीन देशों में नहीं पड़ेगा असर

थॉमस कुक इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक माधवन मेनन ने कहा इस डील से थॉमस कुक के भारत, श्रीलंका और मॉरीशस में असर नहीं पड़ेगा। भारतीय कंपनी के पास इस ट्रेडमार्क इस्तेमाल करने के लिए 2024 तक लाइसेंस मिला हुआ है। भारतीय कंपनी का स्वामित्व फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के पास है। 

थॉमस कुक इंडिया लिमिटेड (TCIL) ने कहा है कि उसका घरेलू लेजर कारोबार (Leisure Business) सालाना 25 फीसदी की दर से बढ़ रहा है, जो उसके विदेशी यात्रा खंड कारोबार से भी ज्यादा है।

थॉमस कुक के बंद होने से कोई असर नहीं

इस संदर्भ में टीसीआईएल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (पर्यटन) रोमिल पंत ने कहा है कि, \'आगामी वर्षों में इस वृद्धि दर को कायम रखने में कंपनी को किसी तरह की दिक्कत नजर नहीं आ रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि ब्रिटिश टूर ऑपरेटर कंपनी थॉमस कुक के बंद होने से थॉमस कुक इंडिया के परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।\'

यह कारोबार कुछ साल पहले ही शुरू हुआ है और यह सालाना 25 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। विदेशी पर्यटन कारोबार 10 से 15 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। 

थॉमस कुक इंडिया की रेटिंग मजबूत

इसी महीने रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अपने क्रेडिट बुलेटिन में कहा था कि फॉरेन एक्सचेंज बिजनेस और ट्रैवल रिलेटेड सर्विस में थॉमस कुक इंडिया की रेटिंग मजबूत है। कंपनी का ऑपरेशन अच्छा है। रेटिंग एजेंसी ने कहा था कि ब्रिटेन की थॉमस कुक पीएलसी के दिवालिया होने से थॉमस कुक इंडिया पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, दोनों अलग-अलग कंपनियां है और इनका आपस में कोई जुड़ाव और संबंध नहीं है। 
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100 करोड़ रुपये में बिक गई दिवालिया हुई थॉमस कुक, फोसुन ने खरीदा

Sat 02 Nov 19  10:13 pm


खुद को दिवालिया घोषित कर चुकी विश्व की दिग्गज ट्रैवल कंपनी थॉमस कुक को चीनी कंपनी फोसुन ने 100 करोड़ रुपये (1.1 करोड़ पाउंड) में खरीद लिया है। फोसुन हांगकांग शेयर बाजार में सूचीबद्ध है। वह थॉमस कुक की सबसे बड़ी हिस्सेदार भी थी। हालांकि इस खरीदारी से भारत, श्रीलंका और मॉरीशस में चल रही थॉमस कुक पर किसी तरह का कोई असर नहीं पडे़गा। 

22 हजार कर्मचारियों पर पड़ा था असर

थॉमस कुक ब्रिटेन की 178 साल पुरानी कंपनी है, जिसने सितंबर में अपने आपको दिवालिया घोषित कर दिया था। इसके बंद होने से करीब 22 हजार कर्मचारियों की नौकरी चली गई थी। कंपनी ने निजी निवेशकों से 25 करोड़ डॉलर जुटाने की कोशिश की थी, जो असफल हो गई थी। फोसुन को थॉमस कुक ब्रांड के साथ उसकी सहायक इकाइयों होटल चेन कासा कुक और कुक्स क्लब का भी स्वामित्व मिल गया।
 
इसके कारण ब्रिटेन को दूसरे देशों में फंसे यात्रियों को वापस लाने की दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ी कवायद करनी पड़ी। सरकार को 1,40,000 यात्रियों की वतन वापसी के लिए भुगतान करना पड़ा था। 

तीन देशों में नहीं पड़ेगा असर

थॉमस कुक इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक माधवन मेनन ने कहा इस डील से थॉमस कुक के भारत, श्रीलंका और मॉरीशस में असर नहीं पड़ेगा। भारतीय कंपनी के पास इस ट्रेडमार्क इस्तेमाल करने के लिए 2024 तक लाइसेंस मिला हुआ है। भारतीय कंपनी का स्वामित्व फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के पास है। 

थॉमस कुक इंडिया लिमिटेड (TCIL) ने कहा है कि उसका घरेलू लेजर कारोबार (Leisure Business) सालाना 25 फीसदी की दर से बढ़ रहा है, जो उसके विदेशी यात्रा खंड कारोबार से भी ज्यादा है।

थॉमस कुक के बंद होने से कोई असर नहीं

इस संदर्भ में टीसीआईएल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (पर्यटन) रोमिल पंत ने कहा है कि, \'आगामी वर्षों में इस वृद्धि दर को कायम रखने में कंपनी को किसी तरह की दिक्कत नजर नहीं आ रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि ब्रिटिश टूर ऑपरेटर कंपनी थॉमस कुक के बंद होने से थॉमस कुक इंडिया के परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।\'

यह कारोबार कुछ साल पहले ही शुरू हुआ है और यह सालाना 25 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। विदेशी पर्यटन कारोबार 10 से 15 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। 

थॉमस कुक इंडिया की रेटिंग मजबूत

इसी महीने रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अपने क्रेडिट बुलेटिन में कहा था कि फॉरेन एक्सचेंज बिजनेस और ट्रैवल रिलेटेड सर्विस में थॉमस कुक इंडिया की रेटिंग मजबूत है। कंपनी का ऑपरेशन अच्छा है। रेटिंग एजेंसी ने कहा था कि ब्रिटेन की थॉमस कुक पीएलसी के दिवालिया होने से थॉमस कुक इंडिया पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा, दोनों अलग-अलग कंपनियां है और इनका आपस में कोई जुड़ाव और संबंध नहीं है। 
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