23 मई के नतीजों से पहले भाजपा के सहयोगियों में बढ़ा जीत को लेकर संदेह

23 मई के नतीजों से पहले भाजपा के सहयोगियों में बढ़ा जीत को लेकर संदेह

Wed 15 May 19  7:39 am


नई दिल्ली- अभी एक चरण का चुनाव होना बाकी ही है, लेकिन बीजेपी (BJP) की जीत को लेकर उसके सहयोगियों को ही संदेह नजर आने लगा है। एनडीए के कुछ नेता अब भरोसे के साथ ये कहने को तैयार नहीं हो रहे हैं कि 2014 की तरह नरेंद्र मोदी इस बार भी अपने दम पर जादुई आंकड़ा पार करने में सफल हो जाएंगे। अकाली दल को संदेह शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता नरेश गुजराल (Naresh Gujral) ने हाल ही में एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा है कि लोकसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलेगा। अलबत्ता उन्होंने ये जरूर जोड़ा कि एनडीए (NDA) को पूर्ण बहुमत मिलेगा और वह अपने दम पर सरकार बनाने में कामयाब होगी। खुद को यथार्थवादी बताते हुए उन्होंने संभावना जताई कि बीजेपी अपने दम पर पूर्ण बहुमत से थोड़ा पीछे रह जाएगी, लेकिन एनडीए (NDA) को इतनी सीटें जरूर मिल जाएंगी, जितने से वो गठबंधन की पूर्ण बहुमत वाली एक मजबूत सरकार बना सके। गौरतलब है कि शिरोमणि अकाली दल (SAD) बीजेपी की सबसे पुरानी और भरोसेमंद सहयोगी मानी जाती है। जेडीयू ने भी जताई है आशंका जेडीयू (JDU) नेता के सी त्यागी (K C Tyagi) पहले ही ये बात कह चुके हैं कि बीजेपी को इसबार 2014 जितनी सीटें मिलने की उम्मीद नहीं है। हालांकि, उन्होंने ये नहीं कहा कि उसे बहुमत नहीं मिलेगा। वैसे उन्हीं की पार्टी के एक और नेता गुलाम रसूल बलयावी (Gulam Rasool Balyavi) इससे कई कदम जाकर ये तक कह चुके हैं कि एनडीए (NDA) को भी इस बार पूर्ण बहुमत मिलने की उम्मीद नहीं है। इसके लिए वह एक सुझाव भी दे चुके हैं कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को एनडीए के प्रधानमंत्री के चेहरे के तौर पर पेश किया जाना चाहिए। शायद उनका ये मानना है कि बिहार के मुख्यमंत्री के चेहरे पर अगर जरूरत पड़ी, तो कुछ और सहयोगियों को एनडीए (NDA) के साथ जोड़ा जा सकता है। अठावले ने भी सीटें कम होने का जताया अनुमान जी न्यूज की खबर के मुताबिक केंद्रीय मंत्री और आरपीआई (RPI) नेता रामदास अठावले (Ramdas Athawale) ने भी कहा है कि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में बीजेपी को इसबार 2014 के मुकाबले कम सीटें मिलेंगी। उनके मुताबिक यूपी में बसपा-सपा के बीच गठबंधन के चलते भाजपा को 10 से 15 सीटों का नुकसान हो सकता है। वहीं महाराष्ट्र में भी उन्होंने बीजेपी की 5 से 6 सीटें घटने की आशंका जताई है। अलबत्ता उन्होंने ये भी दावा किया है कि इन दोनों राज्यों में होने वाले नुकसान की भरपाई बीजेपी पश्चिम बंगाल और ओडिशा में कई सीटें जीतकर करेगी और नरेंद्र मोदी एक बार फिर से प्रधानमंत्री बनेंगे। इस बीच महाराष्ट्र बीजेपी के नेता केशव उपाध्याय ने महाराष्ट्र के लिए अठावले (Ramdas Athawale) के अनुमानों को नकारते हुए दावा किया है, उनकी पार्टी राज्य में 2014 से भी ज्यादा सीटें जीतने जा रही है। राम माधव भी जता चुके हैं संदेह बीजेपी को अपने दम पर पूर्ण बहुमत आने को लेकर सबसे पहले बीजेपी के अंदर से ही आशंका जताई जा चुकी है। पार्टी महासचिव राम माधव (Ram Madhav) कह चुके हैं कि पार्टी मैजिक फिगर (Magic Figure) को छूने में नाकाम रह सकती है। इसके बाद सत्ताधारी दल के भीतर इस चर्चा ने भी जोर पकड़ना शुरू कर दिया था कि कहीं 23 तारीख के बाद उसे कुछ और सहयोगियों की जरूरत न पड़ जाए।
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