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नगरोटा एनकाउंटर में बड़ा खुलासा, जैश सरगना मसूद अजहर का भाई था मास्टरमाइंड

नगरोटा एनकाउंटर में बड़ा खुलासा, जैश सरगना मसूद अजहर का भाई था मास्टरमाइंड

नई दिल्ली
जम्मू कश्मीर के नगरोटा (Nagrota Encounter) में गुरुवार को हुए एनकाउंटर पर बड़ा खुलासा हुआ है। सरहद पार से भारत आए जैश ए मोहम्मद ( jaish e mohammed) के चार आंतकियों को भारतीय सुरक्षाबलों ने मौत के घाट उतार दिया। ये आतंकवादी भारत में बड़ी तबाही के इरादे से दाखिल हुए थे मगर सुरक्षाबलों ने इनके और सरहद पार बैठे इनके आकाओं के सभी अरमानों पर पारी फेर दिया। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि इसके पीछे आतंकी मसूद अजहर (Masood Azhar) के भाई का हाथ है।

सीमापार बनी थी योजना
बीते गुरुवार की सुबह, नगरोटा के पास बान टोल प्लाजा पर आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें चार आतंकवादी मारे गए, लेकिन यह सिर्फ एक मुठभेड़ नहीं थी। यह एक खुफिया-आधारित ऑपरेशन था। सुरक्षाबलों ने माना है कि इसका उद्देश्य एक बड़ा हमला करना हो सकता था, जिसकी योजना सीमा पार से बनाई गई थी। जैश के मेन आतंकी कैंप से चार जिहादियों का चयन भी मसूद अजहर के भाई ने किया था। वहां पर इनकी एक मीटिंग भी हुई थी।

मसूद अजहर का छोटा भाई
पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) के ऑपरेशनल कमांडरों मुफ्ती रऊफ असगर और कारी ज़ार के संपर्क में थे। इनका उद्देश्य घाटी में कहर बरपाने का था। मुफ्ती असगर जेएम प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र नामित वैश्विक आतंकवादी मसूद अजहर का छोटा भाई है। मामले के जानकारों का कहना है कि मारे गए आतंकियों के पास से मिले जीपीएस डिवाइस और मोबाइल फोन की आधार पर की गई शुरुआती आंकड़ों से पता चलता है कि ये सभी पाकिस्तान से ही यहां आए थे।

बड़े हमले के फिराक में थे सभी आतंकी
मुफ्ती असगर जेईएम प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित वैश्विक आतंकी मसूद अजहर का छोटा भाई है। आतंकियों के साथ मुठभेड़ इत्तेफाक से नहीं हुई थी। यह खुफिया सूचना आधारित ऑपरेशन था। सुरक्षाबलों का मानना है कि सीमापार से आए आतंकी एक बड़े हमले को अंजाम देने वाले थे। इस घटना से संबंधित जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) डिवाइस के शुरुआती आंकड़ों से और चारों आतंकवादियों के पास मिले मोबाइल फोन से पता चलता है कि वे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के ऑपरेशनल कमांडर मुफ्ती रऊफ असगर और कारी जरार के संपर्क में थे। इनका मकसद कश्मीर घाटी में बड़ा हमला करना था।

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