बड़ा रैकेट इस पूरे फर्जीवाड़े से जुड़ा हुआ है, जो बोगस ई वे बिल के आधार पर करोड़ों के फर्जी बिल जारी करता है. इसके बाद जिन चार फर्मों की जांच की गई, उनमें पाया गया कि 100 करोड़ से अधिक के फर्जी बिल जारी किए गए थे.
इसके साथ ही 13 और फर्मों के नाम सामने आए, जिनमें बोगस ट्रांजेक्शन दिखाए गए थे. इस बड़े गिरोह के जरिए फर्जीवाड़ा करके सरकार को करोड़ों की चपत जीएसटी के रूप में लगाई गई.  फिलहाल हिरासत में लिए गए आरोपी नितिन अवधिया को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जबलपुर ने 10 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.

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GST के नाम पर 100 करोड़ से अधिक के फर्जीवाड़े में अवधिया गिरफ्तार

Sat 29 Jun 19  8:05 pm


मध्य प्रदेश /  वस्तु एवं सेवा कर यानी गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा करने वाले एक आरोपी अमित अवधिया को पकड़ने में राज्य जीएसटी की टीम को सफलता मिली है. खुफिया जानकारी के आधार पर 29 मई को जीएसटी के अधिकारियों ने सिवनी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा की चार फर्मों पर सघन जांच की कार्यवाही की गई थी.
जांच में पाया गया था कि फर्म में माल की सप्लाई किए बगैर ही बोगस और फर्जी बिल जारी किए गए. जांच में यह बात भी सामने आई थी कि एक ऐसा बड़ा रैकेट इस पूरे फर्जीवाड़े से जुड़ा हुआ है, जो बोगस ई वे बिल के आधार पर करोड़ों के फर्जी बिल जारी करता है. इसके बाद जिन चार फर्मों की जांच की गई, उनमें पाया गया कि 100 करोड़ से अधिक के फर्जी बिल जारी किए गए थे.
इसके साथ ही 13 और फर्मों के नाम सामने आए, जिनमें बोगस ट्रांजेक्शन दिखाए गए थे. इस बड़े गिरोह के जरिए फर्जीवाड़ा करके सरकार को करोड़ों की चपत जीएसटी के रूप में लगाई गई.  फिलहाल हिरासत में लिए गए आरोपी नितिन अवधिया को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जबलपुर ने 10 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.

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