बेंगलुरु। कमजोर बिजनेस की वजह से आईटी सेक्टर की घरेलू कंपनियां इस साल मझोले स्तर के 30,000 से 40,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकती हैं। आईटी दिग्गज मोहनदास पई ने सोमवार को ऐसा कहा।इंफोसिस के मुख्य वित्त अधिकारी रहे पई ने आईटी सेक्टर में इस तरह की छंटनी को सामान्य बात कहा है। उन्होंने कहा कि परिपक्व उद्योग में हर पांच साल में एक बार तो ऐसा होती है। पई ने कहा, \'पश्चिमी देशों में यह सभी क्षेत्रों में होता है। भारत में भी जब कोई क्षेत्र परिपक्व होता है तब वहां मध्यम स्तर पर कई कर्मचारी होते हैं, जो वेतन के मुताबिक वैल्यू एडिशन नहीं पाते।\' पई ने कहा कि जब कंपनियां तेजी से वृद्घि करती हैं तब पदोन्नति होती है, लेकिन जब इसमें नरमी आती है, तब जो लोग उच्च स्तर पर मोटी तनख्वाह पाते हैं, उनकी संख्या बढ़ती जाती है। ऐसे में कंपनियों को समय-समय कर्मचारियों की तादाद की समीक्षा और छंटनी करनी पड़ती है। " />

IT Sector : आईटी सेक्टर में 40 हजार नौकरियां खतरे में, हो सकती है छंटनी

Mon 18 Nov 19  8:29 pm


बेंगलुरु। कमजोर बिजनेस की वजह से आईटी सेक्टर की घरेलू कंपनियां इस साल मझोले स्तर के 30,000 से 40,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकती हैं। आईटी दिग्गज मोहनदास पई ने सोमवार को ऐसा कहा।इंफोसिस के मुख्य वित्त अधिकारी रहे पई ने आईटी सेक्टर में इस तरह की छंटनी को सामान्य बात कहा है। उन्होंने कहा कि परिपक्व उद्योग में हर पांच साल में एक बार तो ऐसा होती है। पई ने कहा, \'पश्चिमी देशों में यह सभी क्षेत्रों में होता है। भारत में भी जब कोई क्षेत्र परिपक्व होता है तब वहां मध्यम स्तर पर कई कर्मचारी होते हैं, जो वेतन के मुताबिक वैल्यू एडिशन नहीं पाते।\' पई ने कहा कि जब कंपनियां तेजी से वृद्घि करती हैं तब पदोन्नति होती है, लेकिन जब इसमें नरमी आती है, तब जो लोग उच्च स्तर पर मोटी तनख्वाह पाते हैं, उनकी संख्या बढ़ती जाती है। ऐसे में कंपनियों को समय-समय कर्मचारियों की तादाद की समीक्षा और छंटनी करनी पड़ती है।

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